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राज्य से संबंधित आवेदकों को ही मिले एससी कोटा का लाभ
Updated Wed, 25 Jul 2018 01:41 AM IST
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चंडीगढ़ के आवेदकों को ही मिले एससी कोटे में एडमिशन का लाभ: हाईकोर्ट
कोर्ट ने जीएमसीएच 32 में एमबीबीएस कोर्स के दाखिले में एससी कोटे की सूची रद्द की
नए सिरे से एडमिशन प्रक्रिया पूरी कर एससी उम्मीदवारों के चयन के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गवर्नमेंट मेडिकल कालेज अस्पताल (जीएमसीएच) 32 में एमबीबीएस एडमिशन के लिए तैयार की गई एससी उम्मीदवारों की सूची को खारिज कर दिया है। अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि शहर से संबंध रखने वाले अनुसूचित जाति के आवेदकों को ही एडमिशन प्रक्रिया में एससी कोटा का लाभ दिया जा सकता है। कोर्ट के इस आदेश पर अब एससी उम्मीदवारों की सूची नए सिरे से तैयार कर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
चंडीगढ़ निवासी सभ्या कमल ने सीनियर एडवोकेट गिरीष अग्निहोत्री और एडवोकेट अरविंद सेठ के माध्यम से जीएमसीएच में चल रही एमबीबीएस की प्रवेश प्रक्रिया को चुनौती दी थी। याची ने याचिका कहा कि एससी कोटा का लाभ स्थानीय आवेदकों को देने के स्थान पर शहर से बाहर के लोगों को दिया जा रहा है। इससे शहर के स्थानीय आवेदकों का हक मारा जा रहा है, जो गलत है। एससी कोटा का लाभ केवल स्थानीय आवेदकों को ही दिया जा सकता है। राज्य के बाहर का यदि कोई एससी उम्मीदवार प्रवेश के लिए आवेदन करता है तो उसे ओपन कैटेगरी में शामिल किया जा सकता है।
याची ने कहा कि वर्तमान में जीएमसीएस 32 प्रशासन ने नियमों को ताक पर रखकर बाहरी अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को प्रवेश दे दिया है जिससे याची का नाम सूची से बाहर हो गया है। याची ने कहा कि जीएमसीएच में एमबीबीएस में एससी कोटा की केवल 15 सीट हैं और इसे स्टेट एससी कोटा माना जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए याची की दलीलों को सही माना और जीएमसीएच 32 द्वारा तैयार की गई एससी श्रेणी की चयन सूची को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि स्टेट के एससी उम्मीदवारों को शामिल करते हुए नए सिरे से एडमिशन प्रक्रिया को पूरा किया जाए।
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चंडीगढ़ के आवेदकों को ही मिले एससी कोटे में एडमिशन का लाभ: हाईकोर्ट
कोर्ट ने जीएमसीएच 32 में एमबीबीएस कोर्स के दाखिले में एससी कोटे की सूची रद्द की
नए सिरे से एडमिशन प्रक्रिया पूरी कर एससी उम्मीदवारों के चयन के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गवर्नमेंट मेडिकल कालेज अस्पताल (जीएमसीएच) 32 में एमबीबीएस एडमिशन के लिए तैयार की गई एससी उम्मीदवारों की सूची को खारिज कर दिया है। अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि शहर से संबंध रखने वाले अनुसूचित जाति के आवेदकों को ही एडमिशन प्रक्रिया में एससी कोटा का लाभ दिया जा सकता है। कोर्ट के इस आदेश पर अब एससी उम्मीदवारों की सूची नए सिरे से तैयार कर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
चंडीगढ़ निवासी सभ्या कमल ने सीनियर एडवोकेट गिरीष अग्निहोत्री और एडवोकेट अरविंद सेठ के माध्यम से जीएमसीएच में चल रही एमबीबीएस की प्रवेश प्रक्रिया को चुनौती दी थी। याची ने याचिका कहा कि एससी कोटा का लाभ स्थानीय आवेदकों को देने के स्थान पर शहर से बाहर के लोगों को दिया जा रहा है। इससे शहर के स्थानीय आवेदकों का हक मारा जा रहा है, जो गलत है। एससी कोटा का लाभ केवल स्थानीय आवेदकों को ही दिया जा सकता है। राज्य के बाहर का यदि कोई एससी उम्मीदवार प्रवेश के लिए आवेदन करता है तो उसे ओपन कैटेगरी में शामिल किया जा सकता है।
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याची ने कहा कि वर्तमान में जीएमसीएस 32 प्रशासन ने नियमों को ताक पर रखकर बाहरी अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को प्रवेश दे दिया है जिससे याची का नाम सूची से बाहर हो गया है। याची ने कहा कि जीएमसीएच में एमबीबीएस में एससी कोटा की केवल 15 सीट हैं और इसे स्टेट एससी कोटा माना जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए याची की दलीलों को सही माना और जीएमसीएच 32 द्वारा तैयार की गई एससी श्रेणी की चयन सूची को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि स्टेट के एससी उम्मीदवारों को शामिल करते हुए नए सिरे से एडमिशन प्रक्रिया को पूरा किया जाए।
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