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अब होटल-रेस्टोरेंट्स में छलकेंगे जाम

Wed, 12 Jul 2017 01:19 AM IST
Updated Wed, 12 Jul 2017 01:19 AM IST
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अब होटल-रेस्टोरेंट्स में छलकेंगे जाम
अब होटल-रेस्टोरेंट्स में छलकेंगे जाम
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ के होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। एनजीओ एराइव सेफ की पीटिशन खारिज करते हुए हाईवे को डिनोटिफाई करने का अधिकार चंडीगढ़ प्रशासन को दे दिया है। इस फैसले से चंडीगढ़ के करीब 88 होटल व रेस्टोरेंट्स मालिकों को राहत मिलेगी। यूटी के वरिष्ठ अधिकारियों की मानें तो चंडीगढ़ प्रशासन जल्द ही हाईवे को डिनोटिफाई करने के लिए दोबारा नोटिफिकेशन जारी करेगा। दरअसल, चंडीगढ़ प्रशासन ने 16 मार्च को शहर के 12 हाईवे को डीनोटिफाई करने को लेकर नोटिफिकेशन जारी की थी। इस पर चंडीगढ़ की एनजीओ एराइव सेफ के संस्थापक हरमन सिद्धू ने यूटी प्रशासन के डीनोटिफिकेशन पॉलिसी को अदालत में चुनौती दी थी।
चंडीगढ़ के 88 होटल-रेस्टोरेंट्स को राहत
सुप्रीमकोर्ट के इस फैसले से चंडीगढ़ के करीब 88 होटल व रेस्टोरेंट मालिकों को राहत मिलेगी। यूटी के वरिष्ठ अधिकारियों की मानें तो चंडीगढ़ प्रशासन जल्द ही हाईवे को डिनोटिफाई करने के लिए दोबारा नोटिफिकेशन जारी करेगा। शराबबंदी के फैसले के बाद यूटी प्रशासन ने चंडीगढ़ में 63 होटल, रेस्टोरेंट्स, पब बार, डिस्कोथेक, क्लब और 25 बीयर बार में शराब परोसे जाने पर पाबंदी लगा दी थी। अब सुप्रीमकोर्ट के फैसले ने इन होटलों व रेस्टोरेंट्स में शराब परोसने का रास्ता साफ कर दिया है। जाहिर है कि सुप्रीमकोर्ट के इस फैसले के बाद यूटी एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट को इन होटल एंड रेस्टोरेंट्स को दोबारा शराब परोसने का लाइसेंस देना होगा।
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शराब की 50 फीसदी सेल
एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट के आंकड़ों पर अगर गौर करें तो शहर के होटल व रेस्टोरेंट्स में शराब की 50 प्रतिशत तक सेल होती थी। इस हिसाब से एक्साइज विभाग को सालभर में 150 करोड़ रुपये राजस्व का नुकसान उठाना पड़ता। अब शहर के 88 होटल व रेस्टरोरेंट्स में एक बार फिर शराब परोसे जाने से शराब की 50 फिसदी सेल में बढ़ोत्तरी हो सकेगी।
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सालाना 7.56 करोड़ रुपये लाइसेंस फीस की कमाई
एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट को सालभर में 63 होटल व रेस्टोरेंट्स से लाइसेंस फीस के रूप में करीब 7.56 करोड़ रुपये की कमाई होती थी। होटल, पब, बार व डिस्कोथेक में शराब परोसने के लिए सालभर के लिए टैक्स समेत मिलाकर करीब 12 लाख रुपये लाइसेंस फीस देनी पड़ती है। सुप्रीमकोर्ट से राहत मिलने के बाद प्रशासन को इन 66 होटल व रेस्टोरेंट्स से लाइसेंस फीस के रूप में साल भर में 7.56 करोड़ रुपये की कमाई होगी।
25 बीयर बार व पब से सालभर की 87 लाख की कमाई
बीयर बार व पब में शराब परोसने की अनुमति के लिए 3.50 लाख रुपये का लाइसेंस लेना होता है। इस हिसाब से शहर में एक बार फिर 25 बीयर बार व पब में शराब परोसने जाने से यूटी एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट को सालभर की 87 लाख रुपये की कमाई होगी।
मध्यमार्ग, सेक्टर-34, 35 और 43 के बार व रेस्टोरेंट्स को राहत
अगर प्रशासन शहर के हाईवे को डीनोटिफाई करता है, इससे सेक्टर-34, 35 और 43 के होटल व रेस्टोरेंट्स मालिकों को राहत मिल जाएगी। शहर के होटल और रेस्टोरेंट्स में एक बार फिर शराब परोसी जा सकेगी।
शहर के इन होटल को मिलेगी राहत
सेक्टर-9 में बूम बॉक्स, फूड्स बेरी, क्लब मियामी, क्यूब-9 और काउब्वाय
सेक्टर-17 में होटल ताज और जेम्स प्लाजा
सेक्टर-8 में स्कोर
सेक्टर-5 में सिप एंड डाइन
सेक्टर-26 मध्यमार्ग पर तमजारा, एफ-बार, स्वागत,-एस कैफे, पैडलर्स, ब्रू एस्टेट, द ग्रेट बीयर, सत्वा, मोब, अलरा, शोशा बार, ऑरा, पर्पल फ्रॉग, प्रेसिडेंट, हुंका, किंग्डम ऑफ बीयर, एमटीवी फ्ल्पि, एबीज, कफीना, हुक्का बार, व्हिस्लिंग डक
सेक्टर-35 में जेडब्लयू मैरिएट, मेट्रो-35, पैडलर्स, ग्रैविटी, हिमानी, जीके इंटरनेशनल, ली मोनार्क, माया पैलेस, खैबर, द पार्टी क्लब, होटल क्लासिक
सेक्टर-43 में वेस्टर्न कोर्ट, द फर्स्ट, केएलजी, ट्यूलिप, अमारा, बफे लॉन्ज, द गौर
मनीमाजरा में होटल सॉलिटेयर
इन तीन सवालों पर शराब कारोबारियों ने प्रशासन से मांगा जवाब
-अगर प्रशासन शहर के अंदर से गुजर रहे हाइवे को डिनोटिफाई करता है, तो क्या जिन सड़कों पर शराब के ठेके बंद कर दिए गए हैं, उन्हें दोबारा खोला जाएगा।
-शहर के अंदर से गुजर रहे हाइवे को डिनोटिफाई करने के बाद इन मुख्य सड़कों का खर्चा अब कौन वहन करेगा।
-शराबबंदी के फैसले के बाद जो होटल व रेस्टोरेंट्स शहर में दूसरी जगह शिफ्ट कर गए हैं, अब उनके नुकसान की भरपाई कौन करेगा।

कोट्स:
हम सुप्रीमकोर्ट के लिखित आर्डर का इंतजार कर रहे हैं, आर्डर आने के बाद ही यूटी प्रशासन की ओर से कोई कदम उठाए जाएंगे, लिखित आर्डर आने के बाद ही हाइवे को डिनोटिफाई करने को लेकर कोई फैसला लिया जाएगा।- अनुराग अग्रवाल, होम सेक्रेटरी

प्रशासन से इस बारे में बात चल रही है, लिखित आर्डर आते ही प्रशासन से होटल मालिकों को राहत दिए जाने का प्रस्ताव उठाया जाएगा। अरविंदर पाल सिंह, चंडीगढ़ होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से चंडीगढ़ के 88 होटल व रेस्टरोरेंट्स को राहत
हाइवे को डिनोटिफाई करने के बारे में यूटी प्रशासन दोबारा जारी करेगा अधिसूचना
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