{"_id":"5e3c78058ebc3ee5b27334a6","slug":"14-59-lakh-compensation-to-the-family-of-in-road-accident-panchkula-news-pkl3656143126","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क हादसे में मृतक के परिवार को 14 लाख रुपये मुआवजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क हादसे में मृतक के परिवार को 14 लाख रुपये मुआवजा
विज्ञापन
चंडीगढ़। मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने सड़क दुर्घटना में पंचकूला की इंदिरा कालोनी निवासी मृतक रामशरण के पांच बच्चों को 14.59 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। रामशरण की वर्ष 2018 में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। रामशरण के बच्चों सतीश प्रजापति (24), विनोद (22), रेनू (18), सेनू (16) और अंकुश (5) की तरफ से जीरकपुर निवासी कार चालक और कार मालिक सिमरन जग्गी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में कार के बीमाकर्ता मोहाली स्थित मेसर्स नेशनल इश्योंरेंस कंपनी लिमिटेड को भी शामिल किया गया था। उन्होंने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 166 के तहत दावा याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया कि 22 अक्टूबर 2018 को रामशरण अपनी रेहड़ी पर जा रहे थे। जैसे ही वह सेक्टर-26 मध्य मार्ग स्थित पेट्रोल पंप के पास पहुंचे। इस दौरान वह अपनी साइड पर चल रहे थे, तभी सिम्मी जग्गी की कार तेज रफ्तार से आई और रामशरण की रेहड़ी को पीछे से टक्कर मारी। इस दौरान रामशरण को गंभीर चोटें आईं, जिसके चलते उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उन्होंने याचिका में बताया कि पूरा परिवार उन पर निर्भर करता था और 15 हजार रुपये कमाता था। उन्होंने 25 लाख रुपये मुआवजे की मांग की थी।
सिमी जग्गी ने ट्रिब्यूनल में कहा कि वह लापरवाही से गाड़ी नहीं चला रही थीं। मृतक हादसे के लिए खुद जिम्मेदार था। बीमा कंपनी ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के समय सिमी जग्गी के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। उसने बीमा पॉलिसी के नियमों और शर्तों का उल्लघंन किया है। दुर्घटना के बारे में बीमा कंपनी को कोई सूचना नहीं दी गई थी। तर्कों को सुनने के बाद ट्रिब्यूनल ने पीड़ित के परिवार को 14,59,448 रुपये मुआवजा याचिका दायर करने की तारीख से 9 प्रतिशत ब्याज के साथ देने का आदेश दिया।
विज्ञापन
सिमी जग्गी ने ट्रिब्यूनल में कहा कि वह लापरवाही से गाड़ी नहीं चला रही थीं। मृतक हादसे के लिए खुद जिम्मेदार था। बीमा कंपनी ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के समय सिमी जग्गी के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। उसने बीमा पॉलिसी के नियमों और शर्तों का उल्लघंन किया है। दुर्घटना के बारे में बीमा कंपनी को कोई सूचना नहीं दी गई थी। तर्कों को सुनने के बाद ट्रिब्यूनल ने पीड़ित के परिवार को 14,59,448 रुपये मुआवजा याचिका दायर करने की तारीख से 9 प्रतिशत ब्याज के साथ देने का आदेश दिया।
विज्ञापन