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amritsar
Updated Tue, 10 Jul 2018 10:28 PM IST
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गुरु घरों की बेहतर सेवा निभाने वाले मैनेजर होंगे सम्मानित : लौंगोवाल
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। एसजीपीसी प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने ऐतिहासिक गुरुद्वारों की मैनजरों की बैठक में कहा कि वे अपनी सेवा जिम्मेदारी के साथ निभाएं। ड्यूटी में कोताही बरतने वाले बख्शे नहीं जाएंगे, जबकि बेहतर सेवाएं देने वाले मैनेजरों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गुरु घरों के मैनेजरों की जिम्मेदारी सीधे तौर पर श्रद्धालुओं से जुड़ी हुई है। वे गुरु घरों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सत्कार के प्रति जिम्मेदारी से काम करे। साफ सफाई और पर्यावरण की शुद्धता की ओर विशेष ध्यान दें। उन्होंने मैनेजरों को सलाह दी की कि वे सिख इतिहास का अध्ययन करें, ताकि संगत द्वारा पूछे जाने वाले सवालों का जवाब दिया जा सके। मुख्य सचिव रुप सिंह ने कहा कि अनेक गुरुघरों में ऐतिहासिक निशानियां मौजूद हैं, इसलिए मैनेजर उस अनमोल खजाने की पूरी संभाल रखें। गुरु घर केवल प्रबंध के स्थान नहीं हैं, बल्कि गुरमत चेतना और प्रचार के भी मुख्य केंद्र है। इस मौके पर दिलजीत सिंह बेदी, बलविंदर सिंह जौड़ा सिंह, जगजीत सिंह जग्गी और जसविंदर सिंह दीनपुर आदि उपस्थित थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। एसजीपीसी प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने ऐतिहासिक गुरुद्वारों की मैनजरों की बैठक में कहा कि वे अपनी सेवा जिम्मेदारी के साथ निभाएं। ड्यूटी में कोताही बरतने वाले बख्शे नहीं जाएंगे, जबकि बेहतर सेवाएं देने वाले मैनेजरों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गुरु घरों के मैनेजरों की जिम्मेदारी सीधे तौर पर श्रद्धालुओं से जुड़ी हुई है। वे गुरु घरों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सत्कार के प्रति जिम्मेदारी से काम करे। साफ सफाई और पर्यावरण की शुद्धता की ओर विशेष ध्यान दें। उन्होंने मैनेजरों को सलाह दी की कि वे सिख इतिहास का अध्ययन करें, ताकि संगत द्वारा पूछे जाने वाले सवालों का जवाब दिया जा सके। मुख्य सचिव रुप सिंह ने कहा कि अनेक गुरुघरों में ऐतिहासिक निशानियां मौजूद हैं, इसलिए मैनेजर उस अनमोल खजाने की पूरी संभाल रखें। गुरु घर केवल प्रबंध के स्थान नहीं हैं, बल्कि गुरमत चेतना और प्रचार के भी मुख्य केंद्र है। इस मौके पर दिलजीत सिंह बेदी, बलविंदर सिंह जौड़ा सिंह, जगजीत सिंह जग्गी और जसविंदर सिंह दीनपुर आदि उपस्थित थे।