{"_id":"5b96d780867a557f551a0e8c","slug":"11536612224-panchkula-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीयू चुनाव के बाद फिर आउट साइडर्स वाहनों की इंट्री हुई शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीयू चुनाव के बाद फिर आउट साइडर्स वाहनों की इंट्री हुई शुरू
Updated Tue, 11 Sep 2018 04:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीयू में चुनाव के बाद फिर आउट साइडर्स वाहनों की एंट्री हुई शुरू
- पार्किंग एरिया के बाहर बोर्ड लगाने के बावजूद वाहन खडे़ मिले
- किसी वाहन पर कोई स्टिकर नहीं, नियमों की उड़ रही धज्जियां
योगेंद्र त्रिपाठी
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में चुनाव के बाद फिर आउट साइडर्स वाहनों की एंट्री शुरू हो गई है। आमतौर पर पार्किंग एरिया के बाहर वाहन चुनाव के बाद फिर से खड़े होने लगे हैं। जहां पर वाहन नहीं खड़े करने के बोर्ड लगाए गए हैं। वहीं पर वाहन खडे़ हो रहे हैं।
पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव को लेकर हास्टल पार्किंग, नो व्हीकल जोन गाड़ियों को खड़ी करने के पाबंदी के नियमों का पालन किया गया। जैसे ही छात्र संघ चुनाव खत्म हो गए। इन पर पीयू प्रशासन ने ढील दे दी है। पार्किंग एरिया, नो व्हीकल जोन में गाड़ी नहीं खड़ी करने के बोर्ड लगाए गए हैं। इसके बाद भी यहां पर वाहन धड़ल्ले से खड़े किए जा रहे हैं। इन एरियों में गाड़ियां बिना स्टिकर खड़ी हो रही हैं। इसमें आउट साइडर गाड़ियां एंट्री कर रही हैं। चुनाव तक पुलिस और पीयू सिक्योरिटी एक्टिव रही। इसके बाद फिर से गाड़ियों की एंट्री शुरू हो गई।
पीयू में जहां पुरानी खड़ी गाड़ियां तो हटाई नहीं गईं वहीं नई गाड़ियां भी बिना स्टिकर के खड़ी हैं। इसे हटाने के लिए पीयू की ओर से कोई पुख्ता कदम नहीं उठाए गए हैं। इस मामले को लेकर अब चुनाव के बाद सभी छात्र संगठन भी शांत हो गए हैं। जब चुनाव हो रहा था। तब इनसो, सोई, पुसू, हिमसू, एनएसयूआई और एसएफएस सहित सभी दल आउट साइडर्स गाड़ियों और लोगों का विरोध कर रहे थे। जैसे ही चुनाव समाप्त हो गए। छात्र संगठन भी चुप हो गए। इसके बाद आउट साइडर्स की रोक पर सभी वाजिब कदम उठाना पीयू प्रशासन भी भूल गया। जब तक चुनाव नहीं हुए थे। तब तक इसको रोकने के लिए पूरी कोशिश की जा रही थी। अब इस पर कोई पुख्ता कदम नहीं उठाए गए हैं।
विज्ञापन
हम पीयू में आउट साइडर्स वाहनों को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। हमारे पास सिक्योरिटी स्टाफ की कमी है। जल्द ही इसे पूरा किया जाएगा। किसी प्रकार के आउटसाइडर्स वाहनों को यहां पर आने नहीं दिया जाएगा।
- प्रोफेसर अश्विनी कौल, चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर , पंजाब यूनिवर्सिटी
विज्ञापन
- पार्किंग एरिया के बाहर बोर्ड लगाने के बावजूद वाहन खडे़ मिले
- किसी वाहन पर कोई स्टिकर नहीं, नियमों की उड़ रही धज्जियां
योगेंद्र त्रिपाठी
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में चुनाव के बाद फिर आउट साइडर्स वाहनों की एंट्री शुरू हो गई है। आमतौर पर पार्किंग एरिया के बाहर वाहन चुनाव के बाद फिर से खड़े होने लगे हैं। जहां पर वाहन नहीं खड़े करने के बोर्ड लगाए गए हैं। वहीं पर वाहन खडे़ हो रहे हैं।
पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव को लेकर हास्टल पार्किंग, नो व्हीकल जोन गाड़ियों को खड़ी करने के पाबंदी के नियमों का पालन किया गया। जैसे ही छात्र संघ चुनाव खत्म हो गए। इन पर पीयू प्रशासन ने ढील दे दी है। पार्किंग एरिया, नो व्हीकल जोन में गाड़ी नहीं खड़ी करने के बोर्ड लगाए गए हैं। इसके बाद भी यहां पर वाहन धड़ल्ले से खड़े किए जा रहे हैं। इन एरियों में गाड़ियां बिना स्टिकर खड़ी हो रही हैं। इसमें आउट साइडर गाड़ियां एंट्री कर रही हैं। चुनाव तक पुलिस और पीयू सिक्योरिटी एक्टिव रही। इसके बाद फिर से गाड़ियों की एंट्री शुरू हो गई।
विज्ञापन
पीयू में जहां पुरानी खड़ी गाड़ियां तो हटाई नहीं गईं वहीं नई गाड़ियां भी बिना स्टिकर के खड़ी हैं। इसे हटाने के लिए पीयू की ओर से कोई पुख्ता कदम नहीं उठाए गए हैं। इस मामले को लेकर अब चुनाव के बाद सभी छात्र संगठन भी शांत हो गए हैं। जब चुनाव हो रहा था। तब इनसो, सोई, पुसू, हिमसू, एनएसयूआई और एसएफएस सहित सभी दल आउट साइडर्स गाड़ियों और लोगों का विरोध कर रहे थे। जैसे ही चुनाव समाप्त हो गए। छात्र संगठन भी चुप हो गए। इसके बाद आउट साइडर्स की रोक पर सभी वाजिब कदम उठाना पीयू प्रशासन भी भूल गया। जब तक चुनाव नहीं हुए थे। तब तक इसको रोकने के लिए पूरी कोशिश की जा रही थी। अब इस पर कोई पुख्ता कदम नहीं उठाए गए हैं।
विज्ञापन
हम पीयू में आउट साइडर्स वाहनों को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। हमारे पास सिक्योरिटी स्टाफ की कमी है। जल्द ही इसे पूरा किया जाएगा। किसी प्रकार के आउटसाइडर्स वाहनों को यहां पर आने नहीं दिया जाएगा।
- प्रोफेसर अश्विनी कौल, चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर , पंजाब यूनिवर्सिटी