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पीयू की कैंटीन में दस सदस्यीय कमेटी डालेगी छापा, परखेगी भोजन की गुणवतता
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फ्लैग : फूड शॉप से खाने में कीड़ा निकलने के बाद पीयू प्रशासन ने अपना सख्त रुख
कैंटीन व दुकानों पर दस सदस्यीय टीम मारेगी छापा, गड़बड़ी मिलने पर लाइसेंस होगा कैंसिल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की एक फूड शॉप से खाने में कीड़ा निकलने के बाद पीयू प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। प्रशासन ने एक दस सदस्यीय टीम का गठन किया है। यह टीम किसी भी कैंटीन या मेस में अचानक छापा मारेगी। उस दौरान यदि कोई गड़बड़ी पाई गई तो कैंटीन संचालन का लाइसेंस सस्पेंड तो होगा ही, साथ ही जुर्माना भी भरना पड़ेगा।
गौरतलब है कि दो दिन पहले ही स्टूडेंट सेंटर स्थित राज फूड प्वाइंट की मिक्सवेज में कीड़ा निकलने को लेकर हंगामा हो गया था। आइसा ने भी इस मामले को प्रमुखता से उठाया। स्टूडेंट्स ने भी खाने की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए। शिक्षक भी खाने को लेकर चिंतित हैं कि आखिर वह दुकानों से खाना मंगवाएं या नहीं। इन सब बातों को ध्यान में रखकर एक 10 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। यह टीम खाने की गुणवत्ता को बारीकी से चेक करेगा। अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो कैंटीन संचालन का लाइसेंस सस्पेंड किया जाएगा, साथ ही जुर्माना भी लगाया जाएगा। टीम विशेषज्ञों की बनाई गई है। यह टीम रसोई, खाने में प्रयुक्त की गई सामग्री की जांच करेगी। इसमें तेज, पानी, घी, मसाले, सब्जी आदि देखी जाएंगी। इसके अलावा खाने के नमूने भी लिए जाएंगे। स्टूडेंट्स को परोसे जा रहे खाने में विटामिन व कैलोरी है या नहीं, यह भी बारीकी से देखा जाएगा। सूत्रों का कहना है कि इसी सप्ताह से यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। यह टीम एक माह में खाने की पूरी रिपोर्ट वीसी के समक्ष प्रस्तुत करेगी।
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कैंटीन व दुकानों पर दस सदस्यीय टीम मारेगी छापा, गड़बड़ी मिलने पर लाइसेंस होगा कैंसिल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की एक फूड शॉप से खाने में कीड़ा निकलने के बाद पीयू प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। प्रशासन ने एक दस सदस्यीय टीम का गठन किया है। यह टीम किसी भी कैंटीन या मेस में अचानक छापा मारेगी। उस दौरान यदि कोई गड़बड़ी पाई गई तो कैंटीन संचालन का लाइसेंस सस्पेंड तो होगा ही, साथ ही जुर्माना भी भरना पड़ेगा।
गौरतलब है कि दो दिन पहले ही स्टूडेंट सेंटर स्थित राज फूड प्वाइंट की मिक्सवेज में कीड़ा निकलने को लेकर हंगामा हो गया था। आइसा ने भी इस मामले को प्रमुखता से उठाया। स्टूडेंट्स ने भी खाने की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए। शिक्षक भी खाने को लेकर चिंतित हैं कि आखिर वह दुकानों से खाना मंगवाएं या नहीं। इन सब बातों को ध्यान में रखकर एक 10 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। यह टीम खाने की गुणवत्ता को बारीकी से चेक करेगा। अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो कैंटीन संचालन का लाइसेंस सस्पेंड किया जाएगा, साथ ही जुर्माना भी लगाया जाएगा। टीम विशेषज्ञों की बनाई गई है। यह टीम रसोई, खाने में प्रयुक्त की गई सामग्री की जांच करेगी। इसमें तेज, पानी, घी, मसाले, सब्जी आदि देखी जाएंगी। इसके अलावा खाने के नमूने भी लिए जाएंगे। स्टूडेंट्स को परोसे जा रहे खाने में विटामिन व कैलोरी है या नहीं, यह भी बारीकी से देखा जाएगा। सूत्रों का कहना है कि इसी सप्ताह से यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। यह टीम एक माह में खाने की पूरी रिपोर्ट वीसी के समक्ष प्रस्तुत करेगी।
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