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आग लगने की घटना के बाद रजिस्ट्रार ने किया हॉस्टल का दौरा
Updated Thu, 15 Jun 2017 01:20 AM IST
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हॉस्टलों में एक्सपायर डेट के ही लगे हैं अग्निशमन यंत्र
- ट्रांसफार्मर रूम में आग लगने के बाद पीयू रजिस्ट्रार ने किया हॉस्टलों का दौरा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पीयू में ट्रांसफार्मर रूम में आग लगने के बाद बुधवार को पीयू के रजिस्ट्रार जीएस चड्ढा ने हॉस्टलों को दौरा किया। उन्होंने हॉस्टल नंबर-1, 2 और 3 सहित कई हॉस्टलों की वायलेशन को ठीक किए जाने के बारे में इलेक्ट्रिक विंग के अधिकारियों को बताया। इस दौरान इलेक्ट्रॉनिंग विंग के इंजीनियर को उन्होंने कहा कि नए सत्र से यहां पर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाए। जिससे कि आग जनी की घटना दोबारा पीयू में न हो। वहीं रजिस्ट्रार ने खुले हुए तारों को बदलने और फायर फाइटिंग सिस्टम को ठीक कराने के निर्देश दिए हैं।
17 हॉस्टलों में नहीं बदले गए है अग्निशमन यंत्र :
14 मई को एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक में आग लगने के बाद अमर उजाला की ओर से हॉस्टलों का रियलिटी चेक किया गया। इसमें यह बात सामने आई कि 17 हॉस्टलों में अभी तक फायर फाइटिंग सिस्टम को चेंज नहीं किया गया है। आग लगने की घटना में पीयू में कोई पुख्ता बंदोबस्त अभी तक नहीं हैं। इस आग लगने की घटना के बाद पीयू के वीसी अरुण ग्रोवर ने भी प्रेस कांफ्रेंस के दौरान माना था कि आग लगने की घटना दोबारा भी हॉस्टल में हो सकती है। पीयू में 30 साल से बिजली के पुराने तार लगे हुए हैं। इन्हें अभी तक नहीं बदला गया है। इसी कारण आग लगने की घटना एक महीने के अंदर चार बार हो चुकी है।
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- ट्रांसफार्मर रूम में आग लगने के बाद पीयू रजिस्ट्रार ने किया हॉस्टलों का दौरा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पीयू में ट्रांसफार्मर रूम में आग लगने के बाद बुधवार को पीयू के रजिस्ट्रार जीएस चड्ढा ने हॉस्टलों को दौरा किया। उन्होंने हॉस्टल नंबर-1, 2 और 3 सहित कई हॉस्टलों की वायलेशन को ठीक किए जाने के बारे में इलेक्ट्रिक विंग के अधिकारियों को बताया। इस दौरान इलेक्ट्रॉनिंग विंग के इंजीनियर को उन्होंने कहा कि नए सत्र से यहां पर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाए। जिससे कि आग जनी की घटना दोबारा पीयू में न हो। वहीं रजिस्ट्रार ने खुले हुए तारों को बदलने और फायर फाइटिंग सिस्टम को ठीक कराने के निर्देश दिए हैं।
17 हॉस्टलों में नहीं बदले गए है अग्निशमन यंत्र :
14 मई को एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक में आग लगने के बाद अमर उजाला की ओर से हॉस्टलों का रियलिटी चेक किया गया। इसमें यह बात सामने आई कि 17 हॉस्टलों में अभी तक फायर फाइटिंग सिस्टम को चेंज नहीं किया गया है। आग लगने की घटना में पीयू में कोई पुख्ता बंदोबस्त अभी तक नहीं हैं। इस आग लगने की घटना के बाद पीयू के वीसी अरुण ग्रोवर ने भी प्रेस कांफ्रेंस के दौरान माना था कि आग लगने की घटना दोबारा भी हॉस्टल में हो सकती है। पीयू में 30 साल से बिजली के पुराने तार लगे हुए हैं। इन्हें अभी तक नहीं बदला गया है। इसी कारण आग लगने की घटना एक महीने के अंदर चार बार हो चुकी है।
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