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कुपोषण खत्म करने के लिए जमीनी स्तर पर करें काम
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पलवल। मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम के परियोजना निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्हें दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग आंगनबाड़ियों के माध्यम से बच्चों व महिलाओं के कुपोषण को पूरी तरह खत्म करने के उद्देश्य से जमीनी स्तर पर कार्य करें। जिससे कि प्रदेश कुपोषण से पूरी तरह मुक्त हो जाए।
उन्होंने ई-आफिस, अंत्योदय सरल केंद्र, पीएनडीटी, पोक्सो एक्ट, सक्षम हरियाणा, आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री स्कूल शिक्षा, कुपोषण से बचाव, प्ले स्कूल व सीएम विंडो से संबंधित पहलुओं पर बैठक ली। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली बच्चों व गर्भवती महिलाओं के समुचित विकास व उन्हें स्वस्थ बनाने की है। हरियाणा की पहचान यहां के व्यक्तियों की ऊंचे कद-काठी के रूप में जानी जाती है। यह कद-काठी तभी कायम रह सकती है, जब शत-प्रतिशत महिलाओं व बच्चों का स्वास्थ्य अच्छा होगा। प्रत्येक जिला में ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जाए, जहां कुपोषित बच्चों की संख्या अधिक है और उस एरिया में जमीनी स्तर पर अधिक कार्य किया जाए। उन्होंने पलवल जिले में पीएनडीटी व एमटीपी एक्ट के तहत अच्छा कार्य करने की भी सराहना की। सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप ने बताया कि विभाग की टीमें सक्रिय रूप से इस दिशा में कार्य कर रही हैं। अतिरिक्त उपायुक्त सतेंद्र दूहन ने बताया कि सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं व कार्यक्रमों का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जा रहा है। सभी विभागों के कार्यालयों में ई-आफिस प्रणाली को प्रभावी रूप लागू करवाया जा रहा है। इस मौके पर नगराधीश अंकिता अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक बघेल, डीआईओ डीपी कुलश्रेष्ठ, मुख्यमंत्री के सुशासन सहयोगी अर्चित वाट्स आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने ई-आफिस, अंत्योदय सरल केंद्र, पीएनडीटी, पोक्सो एक्ट, सक्षम हरियाणा, आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री स्कूल शिक्षा, कुपोषण से बचाव, प्ले स्कूल व सीएम विंडो से संबंधित पहलुओं पर बैठक ली। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली बच्चों व गर्भवती महिलाओं के समुचित विकास व उन्हें स्वस्थ बनाने की है। हरियाणा की पहचान यहां के व्यक्तियों की ऊंचे कद-काठी के रूप में जानी जाती है। यह कद-काठी तभी कायम रह सकती है, जब शत-प्रतिशत महिलाओं व बच्चों का स्वास्थ्य अच्छा होगा। प्रत्येक जिला में ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जाए, जहां कुपोषित बच्चों की संख्या अधिक है और उस एरिया में जमीनी स्तर पर अधिक कार्य किया जाए। उन्होंने पलवल जिले में पीएनडीटी व एमटीपी एक्ट के तहत अच्छा कार्य करने की भी सराहना की। सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप ने बताया कि विभाग की टीमें सक्रिय रूप से इस दिशा में कार्य कर रही हैं। अतिरिक्त उपायुक्त सतेंद्र दूहन ने बताया कि सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं व कार्यक्रमों का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जा रहा है। सभी विभागों के कार्यालयों में ई-आफिस प्रणाली को प्रभावी रूप लागू करवाया जा रहा है। इस मौके पर नगराधीश अंकिता अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक बघेल, डीआईओ डीपी कुलश्रेष्ठ, मुख्यमंत्री के सुशासन सहयोगी अर्चित वाट्स आदि मौजूद रहे।
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