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दो डॉक्टरों के सहारे लाखों की आबादी
ब्यूरो/अमर उजाला, पलवल
Updated Mon, 16 May 2016 04:19 PM IST
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जांच करते डाॉक्टर
- फोटो : अमर उजाला
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प्रशासनिक उपेक्षा के चलते क्षेत्र के एकमात्र सरकारी अस्पताल में डाक्टरों का भारी अभाव है। इसके कारण अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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अस्पताल में मरीजों को देखने के लिए न तो डाक्टर हैं और न ही एक्सरे करने की सुविधा उपलब्ध है। करीब तीन लाख की आबादी वाले शहर के लिए यहां पर केवल दो ही डाक्टर कार्यरत हैं। महिलाओं के लिए कोई डॉक्टर नहीं है, जबकि अस्पताल के रिकार्ड के अनुसार यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिलाएं इलाज के लिए पहुंचती हैं। महिला डाक्टर के अभाव में उन्हें मजबूरन अन्य डाक्टरों से जांच कराने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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अस्पताल में कभी-कभी तो मरीजों की संख्या अधिक हो जाने के कारण डाक्टर और तीमारदारों में विवाद हो जाता है। आसपास के दर्जनों गांवों के मरीज के स्वास्थ्य की जांच के अलावा दुघर्टनाओं व झगड़ों में घायल होने वालों की देखभाल की जिम्मेदारी भी इन्हीं डाक्टरों की है। इसके कारण यहां तैनात डाक्टर भी कभी अदालत तो कभी मीटिंग में व्यस्त रहते हैं। सरकारी अस्पताल में डाक्टरों के अभाव के चलते मरीजों को निजी अस्पतालों में उपचार कराने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिसके चलते निजी अस्पताल संचालकों की पौ बारह हो रही है। अस्पताल में महिला डाक्टर की तैनाती नहीं होने के कारण यहां आने वाली महिला रोगियों को उपचार के लिए दर दर भटकना पड़ता है।
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-अस्पताल में महिला डाक्टर के अलावा अन्य कर्मचारियों का भी अभाव है। जिसके बारे उन्होंने विभागीय उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है। यहां आने वाली महिला मरीजों की सुविधा के लिए वह स्वयं उनका उपचार कर रहे हैं।
डा. विपिन कुमार, एसएमओ।