फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Palwal News ›   The responsibility of teaching 393 girl students on two teachers in Badoli College

Palwal News: बड़ौली कॉलेज में दो शिक्षकों पर 393 छात्राओं को पढ़ाने का जिम्मा

Sun, 11 Jun 2023 12:22 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jun 2023 12:22 AM IST
विज्ञापन
The responsibility of teaching 393 girl students on two teachers in Badoli College
फोटो कैप्शन10पीएएलपी5- बड़ौली राजकीय महिला कॉलेज का भवन।
विज्ञापन

10पीएएलपी6- नन्नू बैंसला, निवासी बड़ौली
10पीएएलपी7- करतार बैंसला, निवासी बड़ौली
बिना शिक्षकों के कारगर साबित नहीं हो रहा बेटी पढ़ाओ अभियान
परीक्षा देने के लिए जाना पड़ता है पलवल, कॉलेज में अन्य सुविधाएं भी नदारद


प्रवीण बैंसला
पलवल। ग्रामीण क्षेत्र बैसलात में बेटियों को उच्चतर शिक्षा देने के लिए बना राजकीय महिला कॉलेज बड़ौली शिक्षकों की भारी कमी के चलते अपने उद्देश्य को पूरा करता नहीं दिख रहा है। कॉलेज में सुविधाओं का भी भारी टोटा है। हालात यह हैं कि करीब 400 छात्राओं को पढ़ाने के लिए केवल दो ही शिक्षक तैनात हैं। कॉलेज शुरू होने के चार साल बाद भी आज तक यहां स्थाई प्राचार्य की नियुक्ति नहीं की गई। कॉलेज में मुखिया न होने से सुविधाएं भी रामभरोसे हैं। कॉलेज में बिजली व पानी के पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। कार्यवाहक प्राचार्य द्वारा करीब 15 बार विभाग को रिमांडर भेजा गया है, परंतु कोई सुनवाई नहीं हो रही है। स्टाफ की कमी के चलते परीक्षा केंद्र भी नहीं बनाया गया है। मजबूरन छात्राओं को पलवल के कॉलेज में परीक्षा देने के लिए आना पड़ता है। कॉलेज में शिक्षक व सुविधाओं की कमी के चलते सैकड़ों छात्राओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
पिछले लंबे समय से बैसलात में महिला कॉलेज बनाए जाने की मांग चली आ रही थी। कॉलेज न होने से लड़कियों को उच्चतर शिक्षा ग्रहण करने में दिक्कत आ रही थी, क्योंकि आस पास कोई निजी कॉलेज भी नहीं था। क्षेत्र की मांग पर महिला कॉलेज को मंजूरी मिली। चार वर्ष पूर्व गांव बडौली से नंदावाला सड़क पर नौ एकड़ जमीन मेें 12 करोड़ की लागत से कॉलेज का भवन तैयार किया गया। आठ सितंबर 2019 को प्रधानमंत्री ने रोहतक से कॉलेज का शुभारंभ किया। शुभारंभ के साथ कॉलेज में शिक्षा सत्र शुरू कर दिया गया, परंतु संपूर्ण स्टाफ की नियुक्त आज तक नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार, कॉलेज में 393 छात्राएं पढ़ती हैं, जिन्हें हिंदी व इतिहास पढ़ाने के लिए दो ही शिक्षक तैनात हैं। हिंदी कविता देवी व इतिहास सुनील कुमार पढ़ाते हैं। बाकी विषयों को पढ़ाने के लिए कोई शिक्षक नहीं है, जिससे छात्राओं को पढ़ाई करने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। कॉलेज में कुल 13 शिक्षकों की जरूरत है। कुछ समय के लिए अस्थाई शिक्षक लगाए गए थे, जिन्हें अब हटा दिया गया है। कॉलेज में आज तक स्थाई प्रिंसिपल की नियुक्ति नहीं हुई है। कॉलेज में प्रबंधन के लिए एक क्लर्क, एक सफाई कर्मी, एक माली है। इसके अलावा दो चौकीदार अस्थायी तौर पर लगाए गए हैं।
विज्ञापन

परीक्षा केंद्र न होने से पलवल जाने को मजबूर छात्राएं
बड़ौली कॉलेज में स्टाफ की कमी के चलते परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जा सका है, जिसके चलते पलवल के सरस्वती महिला कॉलेज में छात्राओं को परीक्षा देने के लिए जाना पड़ता है। छात्रा सुमन, पल्लवी, रेखा, मंजू अन्य का कहना है कि बड़ौली कॉलेज में दाखिला लेकर उन्होंने अपना भविष्य खराब कर लिया है। यदि उन्हें परीक्षा देने के लिए पलवल ही आना है तो वे यहीं पढ़ लेतीं। इससे उनकी पढ़ाई का तो नुकसान नहीं होता।
विज्ञापन
विज्ञापन

कॉलेज में शिक्षकों की तैनाती के लिए दर्जनों बार विभाग व नेताओं के सामने गुहार लगा चुके हैं, परंतु कोई सुनवाई नहीं हो रही है। विभाग पूरे प्रदेश में शिक्षकों की कमी होने की बात कहता है। बिना शिक्षकों के सरकार बेटी पढ़ाओ के नारे को कैसे कारगर साबित करेगी। - नन्नू बैंसला, निवासी बड़ौली
कॉलेज में शिक्षकों के साथ सुविधाओं का भी टोटा है। कॉलेज में गांव की तरह ही दोपहर बाद बिजली आती है। इस भीषण गर्मी में छात्राओं को परेशानी होती है। इंवर्टर कुछ देर चलता है, वह भी बंद हो जाता है। - करतार बैंसला, निवासी बड़ौली

कॉलेज में कुल 10 शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं, जबकि 13 शिक्षकों की जरूरत है। यहां केवल दो ही शिक्षक हैं। करीब 15 बार मैंने विभाग को लिखित में शिकायत दी है। स्टाफ की कमी के चलते परीक्षा केंद्र भी पलवल बनाया गया है। विभाग द्वारा आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी। - शारदा आर्य, कार्यवाहक प्राचार्या
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed