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संतों ने भरी हुंकार, कहा यूपी चुनाव में बीजेपी को सिखाएंगे सबक

Tue, 25 Oct 2016 04:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 25 Oct 2016 04:30 PM IST
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Saints filled shout, teach a lesson to the BJP in UP
संत - फोटो : अमर उजाला

खंड के गांव माहोली में यमुना मुक्तिकरण सम्मेलन में संतों ने हुंकार भरते हुए बीजेपी को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर यमुना भक्तों की भावनाओं से खिलवाड़ बंद नहीं किया तो यूपी चुनाव में सबक सिखाया जाएगा। बृज चौरासी कोस की परिक्रमा के मौके राधारानी ब्रजयात्रा के संचालक बरसाना के संत रमेश बाबा की अगुवाई में सम्मेलन का आयोजन किया गया। 

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सम्मेलन में हजारों की संख्या में मौजूद संत समाज देश-विदेश से यात्रा कर रहे यमुना भक्तों ने हिस्सा लिया। कहा गया कि वर्तमान सरकार भी पिछली यूपीए सरकार की तरह भक्तों को मुक्तिकरण के नाम पर बरगला रही है। मंच से एलान किया गया कि 17 दिसंबर से निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी।
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राधारानी ब्रजयात्रा के संचालक बरसाना निवासी संत रमेश बाबा ने कहा की केंद्र की भाजपा सरकार ने यमुना मुक्तिकरण के नाम पर यमुना भक्तों के साथ धोखा किया है। सरकार को इसका खामियाजा आने वाले यूपी के चुनावों मे अवश्य भुगतना पड़ेगा। यमुना किनारे स्थित गांव माहोली में उन्होंने एलान करते हुए कहा कि यमुना जी को हथिनी कुंड से मुक्त कराने के लिए ब्रजभूमि से ही निर्णायक आंदोलन होगा ।
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संत रमेश बाबा ने कहा कि यमुना में बहने वाला जल साधारण जल नहीं है ,बल्कि ये प्रभु की कृपा है। और जिसने प्रभु की कृपा को रोकने की कोशिश की हो वो नष्ट हो गया। उन्होंने कहा कि यमुना जी अपने पुनीत व पावन स्वरूप में अवश्य आएंगी। 


आंदोलन की रूपरेखा तय करने को किए गए इस सम्मेलन में यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संरक्षक पंकज बाबा ने कहा कि यमुना जी की महिमा को ध्यान में रखकर भावपूर्ण आंदोलन किया जाएगा। यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकांत शास्त्री ने कहा कि केंद्र मे बैठी भाजपा सरकार ने हमारे साथ वादा खिलाफी की है, अब उसे भी यूपीए सरकार की तरह अंजाम भुगतना होगा। दो घंटे से अधिक समय तक चले सम्मेलन मे यमुना आंदोलन से जुड़े साधू संतों के साथ हजारों की संख्या में यमुना भक्त मौजूद रहे । इनमें सुनील सिंह,  राधाप्रिय, पंकज चतुर्वेदी, नृसिंह दास महाराज, महेश शास्त्री, चौहल सिंह नंबरदार,  किशनपाल जिलेदार, अवध सिंह व रोशन लाल खास आदि मौजूद थे। 

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