{"_id":"6186b1c3f74c24255a414d29","slug":"purvanchal-samiti-started-preparations-for-chhath-puja-palwal-news-noi614360518","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्वाचंल समिति ने छठ पूजा की तैयारियां की शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्वाचंल समिति ने छठ पूजा की तैयारियां की शुरू
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पलवल। दिवाली पर्व के समापन के साथ ही जिले में छठ पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। शनिवार को भाई दूज के साथ-साथ पूर्वांचल जन कल्याण समिति द्वारा छठ की तैयारियां की। गांव अगवानपुर स्थित छठ घाट पर साफ-सफाई के साथ पुताई का काम शुरू किया गया। शुक्रवार रात छठी मइया पर दीप जलाकर पूजा की गई। समिति के पदाधिकारियों ने छठ घाट के साथ-साथ पूरे परिसर की साफ-सफाई की। इस दौरान समिति के पदाधिकारियों ने बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की। समिति के अनुसार आठ नवंबर सोमवार को नहाय खाय से छठ पूजा का प्रारंभ होगा। नौ नवंबर मंगलवार को खरना होगा। 10 नवंबर दिन बुधवार को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। 11 नवंबर गुरुवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।
पूर्वांचल जन कल्याण समिति के जिला प्रधान विजय पटेल ने बताया कि छठ मइया का व्रत रखने वाले व विधि-विधान से पूजा करने वाले दंपति को संतान सुख मिलता है। साथ ही साथ परिवार पर किसी प्रकार का कोई संकट नहीं आता हैं और इंसान के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती हैं। नहाय-खाय के साथ महिलाएं व्रत शुरू करेंगी। घरों में परंपारगत तरीके से पकवान पकाए जाएंगे। उसके बाद घरना किया जाएगा। छठ पूजा के दिन शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। अगले दिन सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाएगा। इस दौरान भंडारे का आयोजन किया जाएगा। 10 नवंबर की रात को छठी मइया का जगराता होगा, जिसमें पूरा रात कलाकार मां का गुणगान करेंगे। जगराते में जिले के गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे। इस दौरान जिले के अधिकारियों व नेताओं को भी आमंत्रित किया जाएगा। हर वर्ष की तरह छठ पूजा का आयोजन ऐतिहासिक किया जाएगा।
विज्ञापन
पूर्वांचल जन कल्याण समिति के जिला प्रधान विजय पटेल ने बताया कि छठ मइया का व्रत रखने वाले व विधि-विधान से पूजा करने वाले दंपति को संतान सुख मिलता है। साथ ही साथ परिवार पर किसी प्रकार का कोई संकट नहीं आता हैं और इंसान के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती हैं। नहाय-खाय के साथ महिलाएं व्रत शुरू करेंगी। घरों में परंपारगत तरीके से पकवान पकाए जाएंगे। उसके बाद घरना किया जाएगा। छठ पूजा के दिन शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। अगले दिन सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाएगा। इस दौरान भंडारे का आयोजन किया जाएगा। 10 नवंबर की रात को छठी मइया का जगराता होगा, जिसमें पूरा रात कलाकार मां का गुणगान करेंगे। जगराते में जिले के गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे। इस दौरान जिले के अधिकारियों व नेताओं को भी आमंत्रित किया जाएगा। हर वर्ष की तरह छठ पूजा का आयोजन ऐतिहासिक किया जाएगा।
विज्ञापन