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मात्र औपचारिकता बनकर रह गई प्रोग्रेसिव पंचायत
अमर उजाला ब्ययूराो
Updated Fri, 30 Sep 2016 04:28 PM IST
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पंचायत में भाग लेते ग्रामीण।
- फोटो : amar ujala
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हथीन के मेवात मॉडल स्कूल में केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के आगमन पर अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने प्रोग्रेसिव पंचायत का आयोजन किया। पंचायत में आए प्रतिनिधियों से उपस्थित मंत्रियों ने सरकार की योजनाओं के बारे में फीडबैक मांगा तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में सुझाव भी लिए। हालांकि सरकारी आदेश के अनुसार मेवात के बिछोर में प्रोग्रेसिव पंचायत रखी गई थी, जिसके चलते यहां की पंचायत मात्र औपचारिकता भर रह गई।
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पंचायत में बीजेपी अल्पसंख्यक सेल के वरिष्ठ नेता तैयब हुसैन सोलाका ने कहा कि मेवात का इलाका सिंचाई के लिए नहरी पानी तथा पेयजल के लिए मीठे पानी के लिए आज भी तरसता है। उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों से मांग की कि इसके लिए ऐसे प्रबंध किए जाएं, जिससे दोनों समस्याओं का हल हो सके। ब्लॉक समिति हथीन के चेयरमैन जाकिर हुसैन धीरनकी ने कहा कि हथीन के 52 गांवों में जमीन के नीचे पानी खारा है, इसलिए इन गांवों में आरओ सिस्टम लगाए जाएं। गांव खाइका के ब्लॉक समिति के पूर्व सदस्य खुर्शीद अहमद ने कहा कि यह इलाका चूंकि सद्भावना के लिए जाना जाता है, इसलिए यहां सद्भावना मंडप बनाए जाएं।
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प्रोग्रेसिव पंचायत के नाम से जो आयोजन किया गया, वह मात्र औपचारिकता बनकर रह गया। पंचायत में आए काफी लोग अपनी-अपनी बात रखना चाहते थे, परंतु मात्र तीन लोगों को ही अपनी बात कहने का मौका प्रशासन ने दिया। पंचायत में आए अन्य प्रतिनिधि निराश होकर लौट गए। कई गांवों के सरपंच भी गांवों में विकास कार्यों के लिए अनुदान की मांग को लेकर आए थे, उन्हें भी निराशा ही हाथ लगी।
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