{"_id":"6ae235930e5f2fc04108a6df","slug":"mri-facility-to-be-introduced-at-the-district-hospital-palwal-news-c-24-1-pal1008-129649-2026-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Palwal News: जिला अस्पताल में शुरू होगी एमआरआई की सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Palwal News: जिला अस्पताल में शुरू होगी एमआरआई की सुविधा
विज्ञापन
100 मरीजों को दी जाती है एक्स-रे की सलाह हर दिन
हेमंत शर्मा
पलवल। जिला नागरिक अस्पताल में लंबे समय से एमआरआई मशीन लगाने और पुरानी सीआर एक्सरे मशीन को डिजिटल रेडियोग्राफी (डीआर) मशीन में अपग्रेड करने की मांग पूरी होने जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने दोनों सुविधाओं के लिए मंजूरी दे दी है। एमआरआई मशीन को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर शुरू किया जाएगा, जबकि पुरानी सीआर एक्स-रे मशीन को एक से दो महीने में डीआर में अपग्रेड किया जाएगा। इससे मरीजों को जांच कराने में राहत मिलेगी और अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी।
जिला नागरिक अस्पताल में अभी एमआरआई मशीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में डॉक्टरों की सलाह पर जांच कराने के लिए मरीजों को निजी केंद्रों का रुख करना पड़ता है। अस्पताल में रोजाना करीब 8 से 10 मरीजों को एमआरआई जांच की सलाह दी जाती है। निजी केंद्रों पर एमआरआई जांच का खर्च 2500 रुपये से शुरू होता है और जांच के प्रकार के अनुसार बढ़ता जाता है। ऐसे में मरीजों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। अब उन्हें इससे राहत मिलेगी।
वहीं, अस्पताल में प्रतिदिन करीब 80 से 100 मरीजों को एक्स-रे की सलाह दी जाती है। अभी यहां लगी कंप्यूटेड रेडियोग्राफी (सीआर) मशीन में बार-बार खराबी आने के कारण कई-कई दिन तक एक्सरे की सुविधा बाधित रहती है। इस वजह से निजी केंद्रों पर एक्स-रे कराने के लिए मरीजों को 250 से 500 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। सरकारी अस्पताल की मशीन अपग्रेड होने से मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
सेकेंडों में मिलेगी एक्सरे की तस्वीर
सीआर मशीन को डीआर मशीन में अपग्रेड करने से एक्सरे की गुणवत्ता बेहतर होगी और जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी। अभी सीआर मशीन में एक्सरे की तस्वीर तैयार होने में करीब 8 से 10 मिनट लगते हैं, जबकि डीआर मशीन में तस्वीर सेकेंडों में कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखाई देने लगेगी। इससे मरीजों को जांच के लिए कम इंतजार करना पड़ेगा। डॉक्टरों को भी स्पष्ट तस्वीर मिलने से बीमारी की पहचान और उपचार संबंधी निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
एमआरआई के लिए देने होने शुल्क
जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों को एक्सरे की सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। वहीं, एमआरआई सुविधा शुरू होने के बाद कुछ निर्धारित श्रेणियों के मरीजों को नियमानुसार निशुल्क जांच की सुविधा मिलेगी, जबकि आम नागरिकों को एमआरआई जांच पर सब्सिडी दी जाएगी। कितनी सब्सिडी दी जाएगी, इस पर अभी मंथन चल रहा है।
मशीन के लिए जगह चिह्नित नहीं
जिला नागरिक अस्पताल में डीआर मशीन को एक्स-रे कक्ष में ही रखा जाएगा। वहीं, एमआरआई मशीन रखने के लिए अभी तक जगह सुनिश्चित नहीं किया गया है। हालांकि, उसे अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर पर रखने की बात चल रही है। कई जगहों के अनुभव को देखते हुए लोगों को चिंता है कि जगह चिह्नित नहीं होने के कारण कहीं मशीन का उपयोग मरीजों के लिए शुरू न हो पाए और इस पर खर्च पैसे बर्बाद हो जाए।
लोगों से बातचीत
एक्सरे मशीन को अपग्रेड करने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। मंजूरी मिलने के बाद यह मांग पूरी होने जा रही है। इससे काफी फायदा होगा। - डॉ. हरित बैंसला
अस्पताल में लगी एक्स-रे मशीन कई बार खराब हो जाती थी। इसके चलते मरीजों को मजबूरी में निजी केंद्रों पर जाकर जांच करानी पड़ती थी। अब सुविधा मिलेग। - धर्मचंद
जिला नागरिक अस्पताल में शुरू से ही एमआरआई मशीन की सुविधा नहीं थी। मरीजों को मजबूरी में निजी केंद्रों पर महंगे दामों पर जांच करानी पड़ती थी। - पंकज
अस्पताल में एमआरआई सुविधा शुरू होने से आम लोगों को फायदा होगा। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को कम खर्च में जांच कराने मदद मिलेगी। - रूपलाल
वर्जन
पुरानी सीआर एक्सरे मशीन को एक से दो महीने में अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग से मंजूरी मिल चुकी है। नई व्यवस्था से एक्सरे की गुणवत्ता बेहतर होगी और रिपोर्ट जल्दी मिलने में मदद मिलेगी। - डॉ. सत्येंद्र वशिष्ठ, सीएमओ
मंजूरी के बाद अस्पताल में एमआरआई सुविधा शुरू करने की प्रक्रिया बढ़ाई जाएगी। आने वाले समय में आम नागरिकों को जिला अस्पताल में ही एमआरआई जांच की सुविधा मिलेगी। - डॉ. संजय शर्मा, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
हेमंत शर्मा
पलवल। जिला नागरिक अस्पताल में लंबे समय से एमआरआई मशीन लगाने और पुरानी सीआर एक्सरे मशीन को डिजिटल रेडियोग्राफी (डीआर) मशीन में अपग्रेड करने की मांग पूरी होने जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने दोनों सुविधाओं के लिए मंजूरी दे दी है। एमआरआई मशीन को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर शुरू किया जाएगा, जबकि पुरानी सीआर एक्स-रे मशीन को एक से दो महीने में डीआर में अपग्रेड किया जाएगा। इससे मरीजों को जांच कराने में राहत मिलेगी और अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी।
जिला नागरिक अस्पताल में अभी एमआरआई मशीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में डॉक्टरों की सलाह पर जांच कराने के लिए मरीजों को निजी केंद्रों का रुख करना पड़ता है। अस्पताल में रोजाना करीब 8 से 10 मरीजों को एमआरआई जांच की सलाह दी जाती है। निजी केंद्रों पर एमआरआई जांच का खर्च 2500 रुपये से शुरू होता है और जांच के प्रकार के अनुसार बढ़ता जाता है। ऐसे में मरीजों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। अब उन्हें इससे राहत मिलेगी।
विज्ञापन
वहीं, अस्पताल में प्रतिदिन करीब 80 से 100 मरीजों को एक्स-रे की सलाह दी जाती है। अभी यहां लगी कंप्यूटेड रेडियोग्राफी (सीआर) मशीन में बार-बार खराबी आने के कारण कई-कई दिन तक एक्सरे की सुविधा बाधित रहती है। इस वजह से निजी केंद्रों पर एक्स-रे कराने के लिए मरीजों को 250 से 500 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। सरकारी अस्पताल की मशीन अपग्रेड होने से मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
सेकेंडों में मिलेगी एक्सरे की तस्वीर
सीआर मशीन को डीआर मशीन में अपग्रेड करने से एक्सरे की गुणवत्ता बेहतर होगी और जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी। अभी सीआर मशीन में एक्सरे की तस्वीर तैयार होने में करीब 8 से 10 मिनट लगते हैं, जबकि डीआर मशीन में तस्वीर सेकेंडों में कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखाई देने लगेगी। इससे मरीजों को जांच के लिए कम इंतजार करना पड़ेगा। डॉक्टरों को भी स्पष्ट तस्वीर मिलने से बीमारी की पहचान और उपचार संबंधी निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
एमआरआई के लिए देने होने शुल्क
जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों को एक्सरे की सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। वहीं, एमआरआई सुविधा शुरू होने के बाद कुछ निर्धारित श्रेणियों के मरीजों को नियमानुसार निशुल्क जांच की सुविधा मिलेगी, जबकि आम नागरिकों को एमआरआई जांच पर सब्सिडी दी जाएगी। कितनी सब्सिडी दी जाएगी, इस पर अभी मंथन चल रहा है।
मशीन के लिए जगह चिह्नित नहीं
जिला नागरिक अस्पताल में डीआर मशीन को एक्स-रे कक्ष में ही रखा जाएगा। वहीं, एमआरआई मशीन रखने के लिए अभी तक जगह सुनिश्चित नहीं किया गया है। हालांकि, उसे अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर पर रखने की बात चल रही है। कई जगहों के अनुभव को देखते हुए लोगों को चिंता है कि जगह चिह्नित नहीं होने के कारण कहीं मशीन का उपयोग मरीजों के लिए शुरू न हो पाए और इस पर खर्च पैसे बर्बाद हो जाए।
लोगों से बातचीत
एक्सरे मशीन को अपग्रेड करने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। मंजूरी मिलने के बाद यह मांग पूरी होने जा रही है। इससे काफी फायदा होगा। - डॉ. हरित बैंसला
अस्पताल में लगी एक्स-रे मशीन कई बार खराब हो जाती थी। इसके चलते मरीजों को मजबूरी में निजी केंद्रों पर जाकर जांच करानी पड़ती थी। अब सुविधा मिलेग। - धर्मचंद
जिला नागरिक अस्पताल में शुरू से ही एमआरआई मशीन की सुविधा नहीं थी। मरीजों को मजबूरी में निजी केंद्रों पर महंगे दामों पर जांच करानी पड़ती थी। - पंकज
अस्पताल में एमआरआई सुविधा शुरू होने से आम लोगों को फायदा होगा। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को कम खर्च में जांच कराने मदद मिलेगी। - रूपलाल
वर्जन
पुरानी सीआर एक्सरे मशीन को एक से दो महीने में अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग से मंजूरी मिल चुकी है। नई व्यवस्था से एक्सरे की गुणवत्ता बेहतर होगी और रिपोर्ट जल्दी मिलने में मदद मिलेगी। - डॉ. सत्येंद्र वशिष्ठ, सीएमओ
मंजूरी के बाद अस्पताल में एमआरआई सुविधा शुरू करने की प्रक्रिया बढ़ाई जाएगी। आने वाले समय में आम नागरिकों को जिला अस्पताल में ही एमआरआई जांच की सुविधा मिलेगी। - डॉ. संजय शर्मा, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी