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अच्छी बरसात के बाद भी सूखे हैं कई गांवों के खेत

Tue, 23 Aug 2016 05:11 PM IST
अमर उजाला ब्ययूराो
अमर उजाला ब्ययूराो Updated Tue, 23 Aug 2016 05:11 PM IST
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Many villages are still dry after a good rainy farm
पानी। - फोटो : अमर उजाला

 पिछले दिनों हुई बरसात के बावजूद भी किसान सूखे की समस्या से जूझ रहे हैं। हालांकि बरसात के बाद से यमुना नदी और आगरा नहर में पर्याप्त पानी है, लेकिन आगरा नहर से निकलने वाले हसनपुर क्षेत्र के रजवाहे पिछले कई महीने से सूखे पड़े हैं। 

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रजवाहों में पानी न आने से खरीफ की धान, ज्वार, बाजरा आदि फसलें सूखने की कगार पर हैं। इसके अलावा संबंधित गांवों में भूजल स्तर भी नीचे जा रहा है। परेशान किसान संबंधित अधिकारियों से रजवाहों में पर्याप्त पानी छोड़ने की मांग कर चुके हैं। जटौली गांव के किसानों ने सीएम विंडो पर भी शिकायत देकर गुहार लगाई है। 
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सफाई ना होने से है रजवाहे सूखे 
हसनपुर रजवाहा, होडल रजवाहा, बेला रजवाहा, दीघोट रजवाहा सभी सूखे पड़े हैं। संबंधित गांवों के लोग बताते हैं कि हसनपुर, बेला और दीघोट रजवाहों की तो इस बार ढंग से सफाई भी नहीं हुई है। जिसके कारण यह झाड़ियों से अटे पड़े हैं। हसनपुर रजवाहा तो बीच में टूट भी गया था। कई माह बाद सिंचाई विभाग ने उसे ठीक तो करवाया, परंतु उसके बाद पानी नहीं छोड़ा गया। करीब आठ माह से रजवाहे में पानी नहीं आया है।
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इन गांवों के लोग होते हैं प्रभावित 
हसनुपर रजवाहे से कुशक, अच्छेजा, टप्पा, बिल्लोचपुर, जटौली, गुलाबद, करीमपुर, काशीपुर, मोहरू का नंगला, कानपुर नंगला, मछीपुरा, हसनपुर, लिखी, डराना, भैंडोली व भिडूकी आदि गांवों के किसान सिंचाई करते हैं। अधिकांश गांवों के किसानों ने धान की फसल ज्यादा बोई है। पिछले दिनों तो बरसात ने पूर्ति कर दी, लेकिन अब किसान रजवाहों में पानी न आने से परेशान हैं।
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वर्जन
रजवाहे में करीब आठ माह से पानी नहीं छोड़ा गया है। जिससे फसलें भी सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं तथा गांव का भूजल स्तर भी 80 फीट तक नीचे पहुंच गया है। कई बार सिंचाई विभाग अधिकारियों से मिल चुका हूं, डीसी को भी शिकायत की गई है। पिछले दिनों सीएम विंडो पर भी शिकायत की है, परंतु सब बेकार साबित हुआ।

- कोमल प्रसाद, गांव जटौली। 
वर्जन
रजवाहों की सफाई ना कराने की बात ठीक नहीं है। हर साल अक्तूबर माह में सफाई व खुदाई करवाई जाती है। हर साल आगरा नहर से जरूरत के अनुरूप पानी नहीं मिल रहा है। उसके बावजूद उत्तर प्रदेश के अधिकारियों से बातचीत कर सभी रजवाहों में पानी छुड़वाने का प्रयास किया जा रहा है। 
- वीरेंद्र रावत, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग। 

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