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स्वतंत्रता संग्राम से रहा है पलवल का गहरा नाता
अमर उजाला ब्ययूराो
Updated Tue, 16 Aug 2016 04:54 PM IST
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दाौरा
- फोटो : अमर उजाला
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स्वतंत्रता संग्राम से पलवल के लोगों का भी गहरा नाता रहा है। सत्य और अहिंसा के रास्ते पर संसार को चलने का संदेश देने वाले महात्मा गांधी ने पलवल से ही अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी थी। अमृतसर जा रहे गांधी जी को पांच अप्रैल 1919 को यहां रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार किया गया था। यह उनकी पहली राजनैतिक गिरफ्तारी थी।
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इसी कारण स्वतंत्रता आंदोलन से पलवल का गहरा नाता जुड़ गया। गांधी जी की यहां गिरफ्तारी का ऐसा असर हुआ कि पलवल के लोग भी स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े। गांधी जी की पहली गिरफ्तारी की याद को चिरस्थायी बनाए रखने के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने दो अक्तूबर 1938 को गांधी सेवाश्रम का शिलांयास किया था। ऊंचे सफेद घोड़े पर सवार होकर पलवल आए नेताजी का शहरवासियों ने भव्य स्वागत किया था। यहां के रणबांकुरों में आजादी के लिए गजब का जोश था। न तो उन्हें सरकारी दबाव रोक पाया न ही पारिवारिक हालात। विपरीत परिस्थितियों से जूझते हुए आजादी के परवाने तब तक जूझते रहे, जब तक ब्रिटिश हुकूमत ने देश से रवानगी नहीं ले ली। गांधी आश्रम के महासचिव सत्य प्रकाश मित्तल ने स्वाधीनता सेनानियों के संस्मरणों को ‘अमर उजाला’ से सांझा किया।
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एसडीएम कोर्ट पर फहरा दिया था तिरंगा
लाला गोबिंदराम बेधड़क ने अंग्रेजी सल्तनत में यहां के एसडीएम कार्यालय की छत पर चढ़ कर ब्रिटिश हुकूमत का झंडा उतार फेंका और तिरंगा फहरा दिया था। जिस पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। बेधड़क को अंग्रेजों ने पांच बार गिरफ्तार किया व काफी समय तक वे जेल में रहे। लेकिन जेल से बाहर आते ही वे फिर से आजादी की लड़ाई के कार्य में जुट जाते थे। अपने बात को निर्भीकता से कहने के चलते शहर के लोगों ने उन्हें बेधड़क की उपाधि दी थी।
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माफीनामे के बजाए जेल को स्वीकारा
स्वाधीनता सेनानी लाला लक्ष्मण दास बंसल का नाम भी आजादी की लड़ाई में शिद्दत से याद किया जाता है। अंग्रेजी हुकूमत ने आजादी के परवानों की टोली में शामिल होने के चलते उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। जहां उनसे माफीनामे पर हस्ताक्षर करने तथा आगे आंदोलनों से दूर रहने को कहा गया। लेकिन उन्होंने माफीनामे के बजाए जेल जाना स्वीकार किया। एक साल तक मुल्तान की जेल में बेड़ियों व हथकड़ियों में जकड़े रखने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया, इसके बाद भी कई बार जेल गए।