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किसानों ने नहीं मिल रहा यूरिया

Wed, 22 Dec 2021 11:12 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 22 Dec 2021 11:12 PM IST
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Farmers are not getting urea
पलवल। जिले में डीएपी के बाद अब यूरिया खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं। खाद लेने के लिए किसानों को घंटो लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि पुलिस चौकियों में यूरिया खाद वितरित किया जा रहा है और विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री प्रदेश में खाद किल्लत न होने के दावे कर रहे हैं। हैरत की बात यह है कि जिले के तीनों विधायक विधानसभा सत्र में मूकदर्शक बने हुए हैं। तीनों विधायक पलवल के किसानों की समस्याओं को विधानसभा में उठाने तक की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। बुधवार को बस स्टैंड चौकी में पुलिस की देख रेख में यूरिया खाद वितरित किया गया। इस दौरान किसान घंटों में लाइनों में खड़े रहे। काफी महिला किसान भी इस दौरान खाद के लिए लाइनों में लगी रहीं।
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जिले के अंदर दो माह पहले डीएपी खाद के लिए मची मारामारी के बाद अब किसानों को यूरिया खाद के लिए घंटों लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है। खरीद केंद्रों पर हालात बेकाबू हो जाते हैं, इसलिए थानों व चौकियों में खाद वितरित किया जा रहा है। घंटों मशक्कत के बाद किसानों को खाद मिल पा रहा है। सर्दी की मार को झेलते हुए किसान सुबह जल्दी आकर लाइनों में खड़े हो जाते हैं। काफी महिला किसान भी लाइनों में खड़ी हुई दिखाई देती हैं। कई बार किसानों को नंबर आने से पहले ही खाद बंट चुका होता है और काफी किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ता है। हैरत की बात यह कि खरीद केंद्रों पर खाद की कमी बताई जाती है, जबकि निजी दुकानों के पास खाद की कोई कमी नहीं है, बशर्ते किसानों को दोगुने रुपये अदा कर कीटनाशक भी साथ लेना पड़ता है। इसके अलावा निजी दुकानों पर खाद के कीमत में ज्यादा वसूली जा रही है।
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मैं कल सुबह पता चला कि बुधवार को पुलिस चौकी में यूरिया बांटा जाना है, इसलिए मैं सुबह सात बजे ही पलवल आ गया और लाइन में खड़ा हो गया। कई घंटे पर्ची कटवाने के लिए लाइन में खड़ा रहा है। अब खाद की लाइन में खड़ा हूं, परंतु अभी तक नंबर नहीं आया है।
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- बच्चू सिंह किसान, अलावलपुर
मैं गांव में ही एक निजी दुकान पर खाद लेने के लिए गया था। दुकानदार 266 रुपये के यूरिया के कट्टे के 300 रुपये मांग रहा था। इसके अलावा 300 रुपये की कीटनाशक दवाई लेनी अनिवार्य थी, इसलिए आज यहां लाइन में खड़ा हूं, ताकि कम कीमत पर खाद मिल जाए।
- सुरेंद्र किसान, बड़ौली
खाद की कमी के कारण खेत सूखने लगे हैं। गांव की सोसायटी में जाते हैं तो खाद न होने की बात कहते हैं। मजबूरी में आज पलवल आकर लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। कई घंटों से लाइन में खड़ा हूं। मुझे लगता है कि मेरा नंबर आने तक खाद खत्म हो जाएगा।

- इंदर किसान, रहीमपुर
जिला में यूरिया खाद की कोई कमी नहीं है। जिला के अंदर 40 हजार मीट्रिक टन खाद की आवश्यकता है। 25 हजार मीट्रिक टन खाद पहुंच चुका है। 15 हजार मीट्रिक टन यूरिया जल्द ही पहुंच जाएगा। यूरिया की जगह इस बार इफको का नैनो स्प्रे भी किसानों को दिया जा रहा है, जिसका यूरिया से भी अच्छा असर है। किसान एक बार स्प्रे को इस्तेमाल करें, क्योंकि इसकी कीमत यूरिया से कम है। निजी दुकानदारों के खिलाफ कीटनाशक देने की शिकायत मिली थी, जिस पर कार्रवाई करते हुए 19 दुकानों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं।
- कुलदीप तेवतिया, एसडीओ, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग
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