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Palwal News: सड़क किनारे खुले ट्रांसफाॅर्मर और तारों के जाल से जान को खतरा
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सद्दीक नगर में बूस्टिंग स्टेशन के साथ लगे ट्रांसफार्मर पर फैला तारों का जाल
दिनेश देशवाल
नूंह। बरसात के मौसम में बिजली के खंभों, ट्रांसफॉर्मरों और तारों से दूरी बनाए रखने की सलाह देने वाला बिजली निगम खुद ही लोगों की जान जोखिम में डाल रहा है। नूंह शहर में कई जगह सड़क किनारे खुले ट्रांसफाॅर्मर और बेतरतीब तरीके से फैले बिजली के तार हादसे को न्योता दे रहे हैं। हालत यह है कि कई ट्रांसफाॅर्मरों के आसपास न तो सुरक्षा फेंसिंग है और न ही तारों को व्यवस्थित किया गया है। बारिश के दिनों में जमीन पर पानी और घास के बीच फैले तारों के कारण खतरा और बढ़ गया है।
शहर के सद्दीक नगर क्षेत्र में एनएच-248ए के साथ करीब आधा दर्जन ट्रांसफाॅर्मर लगे हुए हैं। इनसे आसपास के घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए तारों का जाल फैला हुआ है। कई जगह ये तार सड़क किनारे नीचे तक लटकते नजर आते हैं, जबकि कुछ स्थानों पर तार जमीन के आसपास तक फैले हुए हैं। बरसात के कारण ट्रांसफाॅर्मरों के नीचे घास और झाड़ियां भी उग आई हैं। ऐसे में यदि कोई पशु घास चरते हुए इन तारों के संपर्क में आ जाए तो उसके साथ वहां मौजूद व्यक्ति भी करंट की चपेट में आ सकता है।
फेंसिंग तक नहीं, खुले में खड़े हैं ट्रांसफाॅर्मर
एनएच-248ए की सर्विस रोड पर जनस्वास्थ्य विभाग के बूस्टिंग स्टेशन के मुख्य द्वार के पास, इसके आगे मुराद अस्पताल के आसपास और पेट्रोल पंप के निकट भी बिजली निगम के कई ट्रांसफाॅर्मर लगे हैं। इन ट्रांसफाॅर्मरों के आसपास सुरक्षा के लिए फेंसिंग तक नहीं की गई है। सड़क से गुजरने वाले लोगों के अलावा आसपास रहने वाले नागरिकों और दुकानदारों के लिए यह स्थिति किसी भी समय परेशानी का कारण बन सकती है।
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सबसे गंभीर बात यह है कि बारिश के मौसम में बिजली के उपकरणों के आसपास पानी जमा होने की स्थिति बन जाती है। ऐसे में खुले ट्रांसफार्मर और अस्त-व्यस्त तार किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
हादसे के बाद भी नहीं चेता निगम
शहरवासियों का कहना है कि समस्या नई नहीं है। जयप्रकाश ने बताया कि पिछले दिनों पलड़ी रोड पर लगे ट्रांसफाॅर्मर से करंट लगने के कारण एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद ट्रांसफार्मरों के आसपास फेंसिंग का काम नहीं कराया गया। मनोज माथुर ने बताया कि राम मंदिर मोहल्ले में बिजली के खंभों पर लगे मीटर काफी नीचे हैं। बरसात में गलियों में पानी भरने पर पानी मीटरों तक पहुंच जाता है। ऐसे में बिजली के मीटर और पानी का एक साथ संपर्क गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
निगम बोला- जल्द कराया जाएगा सुधार
इस संबंध में बिजली निगम नूंह के कार्यकारी अभियंता कुलदीप ने कहा कि संबंधित स्थानों की स्थिति को ठीक कराया जाएगा, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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नूंह। बरसात के मौसम में बिजली के खंभों, ट्रांसफॉर्मरों और तारों से दूरी बनाए रखने की सलाह देने वाला बिजली निगम खुद ही लोगों की जान जोखिम में डाल रहा है। नूंह शहर में कई जगह सड़क किनारे खुले ट्रांसफाॅर्मर और बेतरतीब तरीके से फैले बिजली के तार हादसे को न्योता दे रहे हैं। हालत यह है कि कई ट्रांसफाॅर्मरों के आसपास न तो सुरक्षा फेंसिंग है और न ही तारों को व्यवस्थित किया गया है। बारिश के दिनों में जमीन पर पानी और घास के बीच फैले तारों के कारण खतरा और बढ़ गया है।
शहर के सद्दीक नगर क्षेत्र में एनएच-248ए के साथ करीब आधा दर्जन ट्रांसफाॅर्मर लगे हुए हैं। इनसे आसपास के घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए तारों का जाल फैला हुआ है। कई जगह ये तार सड़क किनारे नीचे तक लटकते नजर आते हैं, जबकि कुछ स्थानों पर तार जमीन के आसपास तक फैले हुए हैं। बरसात के कारण ट्रांसफाॅर्मरों के नीचे घास और झाड़ियां भी उग आई हैं। ऐसे में यदि कोई पशु घास चरते हुए इन तारों के संपर्क में आ जाए तो उसके साथ वहां मौजूद व्यक्ति भी करंट की चपेट में आ सकता है।
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फेंसिंग तक नहीं, खुले में खड़े हैं ट्रांसफाॅर्मर
एनएच-248ए की सर्विस रोड पर जनस्वास्थ्य विभाग के बूस्टिंग स्टेशन के मुख्य द्वार के पास, इसके आगे मुराद अस्पताल के आसपास और पेट्रोल पंप के निकट भी बिजली निगम के कई ट्रांसफाॅर्मर लगे हैं। इन ट्रांसफाॅर्मरों के आसपास सुरक्षा के लिए फेंसिंग तक नहीं की गई है। सड़क से गुजरने वाले लोगों के अलावा आसपास रहने वाले नागरिकों और दुकानदारों के लिए यह स्थिति किसी भी समय परेशानी का कारण बन सकती है।
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सबसे गंभीर बात यह है कि बारिश के मौसम में बिजली के उपकरणों के आसपास पानी जमा होने की स्थिति बन जाती है। ऐसे में खुले ट्रांसफार्मर और अस्त-व्यस्त तार किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
हादसे के बाद भी नहीं चेता निगम
शहरवासियों का कहना है कि समस्या नई नहीं है। जयप्रकाश ने बताया कि पिछले दिनों पलड़ी रोड पर लगे ट्रांसफाॅर्मर से करंट लगने के कारण एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद ट्रांसफार्मरों के आसपास फेंसिंग का काम नहीं कराया गया। मनोज माथुर ने बताया कि राम मंदिर मोहल्ले में बिजली के खंभों पर लगे मीटर काफी नीचे हैं। बरसात में गलियों में पानी भरने पर पानी मीटरों तक पहुंच जाता है। ऐसे में बिजली के मीटर और पानी का एक साथ संपर्क गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
निगम बोला- जल्द कराया जाएगा सुधार
इस संबंध में बिजली निगम नूंह के कार्यकारी अभियंता कुलदीप ने कहा कि संबंधित स्थानों की स्थिति को ठीक कराया जाएगा, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।