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15 माह बाद दर्ज हुआ मुकदमा
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पलवल। आखिरकार गांव चांदहट निवासी नेत्रहीन महिला की ओर से 15 माह बाद चांदहट थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। वह महिला और जिला पुलिस अधीक्षक तक कई बार शिकायत की थी।
डीएसपी यशपाल खटाना ने बताया कि गांव चांदहट निवासी नेत्रहीन महिला विमलेश ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि गांव निवासी ओमी उर्फ भुवरिया, मुकेश, राकेश, सुमन व सविता पांच अक्टूबर 2020 को दिन में 11 बजे उसके घर पहुंचे। उन्होंने विमला को मारने का प्रयास किया और ट्रैक्टर व कुछ दस्तावेज लूट कर ले गए। इस बारे में थाना चांदहट और जिला पुलिस अधीक्षक पलवल को दो बार शिकायत दी गई। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो सीएम विंडो पर दो बार शिकायत की गई। सीएम विंडो पर दी गई शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
एक जनवरी की रात पीड़ित महिला के नाम से शहर में पोस्टर लगाए गए, जिनमें कहा गया कि नेत्रहीन महिला विमलेश तीन जनवरी को जिला प्रशासन से आत्महत्या के लिए अनुमति मांगेंगी। डीएसपी यशपाल खटाना ने इस पूरे मामले तत्कालीन थाना प्रभारी, अतिरिक्त थाना प्रभारी और जांच अधिकारी की लापरवाही बताई है। सीएम विंडो की जांच के मामले में नेत्रहीन महिला डीएसपी आफिस आई थी और उसका पक्ष जानने के बाद मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। मुकदमा दर्ज करने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। महिला की शिकायत पर लूट का मुकदमा दर्ज कर ट्रैक्टर कब्जे में ले लिया गया है।
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डीएसपी यशपाल खटाना ने बताया कि गांव चांदहट निवासी नेत्रहीन महिला विमलेश ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि गांव निवासी ओमी उर्फ भुवरिया, मुकेश, राकेश, सुमन व सविता पांच अक्टूबर 2020 को दिन में 11 बजे उसके घर पहुंचे। उन्होंने विमला को मारने का प्रयास किया और ट्रैक्टर व कुछ दस्तावेज लूट कर ले गए। इस बारे में थाना चांदहट और जिला पुलिस अधीक्षक पलवल को दो बार शिकायत दी गई। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो सीएम विंडो पर दो बार शिकायत की गई। सीएम विंडो पर दी गई शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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एक जनवरी की रात पीड़ित महिला के नाम से शहर में पोस्टर लगाए गए, जिनमें कहा गया कि नेत्रहीन महिला विमलेश तीन जनवरी को जिला प्रशासन से आत्महत्या के लिए अनुमति मांगेंगी। डीएसपी यशपाल खटाना ने इस पूरे मामले तत्कालीन थाना प्रभारी, अतिरिक्त थाना प्रभारी और जांच अधिकारी की लापरवाही बताई है। सीएम विंडो की जांच के मामले में नेत्रहीन महिला डीएसपी आफिस आई थी और उसका पक्ष जानने के बाद मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। मुकदमा दर्ज करने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। महिला की शिकायत पर लूट का मुकदमा दर्ज कर ट्रैक्टर कब्जे में ले लिया गया है।
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