{"_id":"575aa2524f1c1b1f349c655b","slug":"canal-water-will-be-recycled","type":"story","status":"publish","title_hn":"साफ किया जाएगा नहरों का पानी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साफ किया जाएगा नहरों का पानी
अमर उजाला, ब्यूराो
Updated Fri, 10 Jun 2016 04:49 PM IST
विज्ञापन
water
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दक्षिणी हरियाणा के पलवल, मेवात व फरीदाबाद जिलों को नहरों के जरिये मिलने वाले पानी के शोधन के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। निकट भविष्य में उक्त जिलों की नहरों में सिंचाई व पशुओं के लिए स्वच्छ पानी उपलब्ध होगा।
विज्ञापन
यह जानकारी देते हुए फोन पर सिंचाई विभाग के मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने बताया कि सिंचाई के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए विभाग ने पांच स्थान चयनित करने की प्लानिंग की है। विजन 2025 के अनुसार पश्चिमी यमुना केनाल से संबंधित सिंचाई तंत्र की क्षमता बढ़ाकर 2000 से 4000 क्यूसिक अतिरिक्त पानी की व्यवस्था करना है। भाखड़ा सिंचाई तंत्र से संबंधित नहरों की क्षमता भी 2608 क्यूसिक से बढ़ाकर 3620 क्यूसिक करने का फैसला लिया गया है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि विजन 2025 के तहत हर खेत को पानी, हर घर को पानी, हर उद्योग को पानी, पशुधन को पानी, हर समय पानी और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
विज्ञापन
सिंचाई विभाग ने हर खेत तक पानी पहुंचाने के लिए माइक्रो इरिगेशन को प्रोत्साहन देने के लिए 13 जिलों में 25 करोड़ रुपये के विशेष पायलट प्रोजेक्ट को स्वीकृति दी है। नहरों में जल प्रवाह की स्थिति पर निगरानी रखने के लिए रीयल टाइम सपोर्ट सिस्टम भी विकसित किया जाएगा। सिंचाई तंत्र को विकसित करने के लिए दो हजार करोड़ रुपये की स्पेशल प्लानिंग तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि 2900 करोड़ रुपये का मास्टर प्लान भी बनाया गया है। पहले चरण में नहरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी, इसमें जो तीस फीसदी पानी लीक हो रहा है उसे रोका जाएगा।