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आबादी पचास हजार, डॉक्टर एक भी नहीं

Thu, 26 Sep 2013 11:53 PM IST
हरियाणा
हरियाणा Updated Thu, 26 Sep 2013 11:53 PM IST
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No Docter in Pai's PHC
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पाई पर चार गांव के पचास हजार से ज्यादा लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देने की जिम्मेवारी है, लेकिन यहां एक भी चिकित्सक नहीं है।
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पीएचसी के लिए डॉक्टराें के तीन पद स्वीकृत हैं, लेकिन तीनों ही रिक्त हैं। लाखों रुपये खर्च करने के बाद बनाए गए इस स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक न होने से भवन और क्वार्टर भी जर्जर हो चुके हैं। लोगों को इलाज के लिए दूर दराज स्थित निजी अस्पतालों से इलाज करवाना पड़ता है।
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पीएचसी में चार गांव पाई, हजवाना, बाकल और पिलनी से लोग आते हैं। जिसके अंदर पाई के तनी केंद्र तथा बाकी के सभी गांव में स्थित एक-एक केंद्र हैं।

कुछ वर्ष पहले केंद्र पर एक एमओ, एक एलएमओ तथा एक दंत चिकित्सक की नियुक्ति थी, परंतु अब यहां से इन सभी का तबादला हो चुका है, जिस कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब यहां पर सात फार्मासिस्ट, तीन स्टाफ नर्स, एक मेल एमपीएचएस, एक फीमेल एमपीएचडब्ल्यू, एक सूचना सहायक, एक चौकीदार, एक माली तथा एक स्वीपर नियुक्त हैं।
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बिल्डिंग और क्वाटर जर्जर

सरपंच बलबीर सिंह फौजी ने बताया कि पीएचसी और क्वार्टर की इमारत जर्जर हो चुकी है। ग्राम पंचायत की मांग के बाद भी यहां से चिकित्सकों को नियुक्त करने की बजाये तबादले कर दिए गए और अब सभी पद खाली पड़े हैं। केंद्र को बनाते समय जिला प्रशासन व सरकार ने यह भी ध्यान नहीं दिया कि यह जंगल में बनाया जा रहा है। यहां पर रात के समय अकेेले में स्टाफ नर्स का रहना मुश्किल है।


डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता, सिविल सर्जन
सीधी बात
सवाल: पाई में चिकित्सकों के तीन पद स्वीकृत हैं और ये तीनों पद रिक्त हैं, क्यों?
जवाब: किसी भी स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टरों की नियुक्ति करना हमारे बस की बात नहीं है। नियुक्ति सिर्फ सरकार और मुख्यालय करता है।

सवाल: पीएचसी और इसमें बने क्वाटर जर्जर हालत में हैं। क्वाटर तो अपराधियों के लिए अड्डा बनकर रह गए हैं?
जवाब: जिला मुख्यालय की ओर से पाई पीएचसी को एक साल में तीन बार में मरम्मत के लिए राशि दी जाती है। कुल एक लाख 75 हजार रुपये की राशि भेजी जाती है। इस राशि से पीएचसी के डॉक्टरों को मरम्मत और खर्चे वहन करने पड़ते हैं। स्थानीय स्टाफ इसे खर्च कर हालत में सुधार कर सकता है।

सवाल: चिकित्सकों के न होने व छुट्टी के समय अस्पताल बंद रहने के समय मरीजों की देखभाल और प्रसूति के लिए क्या व्यवस्था है?

जवाब: अस्पताल में हर समय एक स्टाफ नर्स की नियुक्ति होती है। जब मरीज अस्पताल में आता है तो प्रसूति के समय चौकीदार फोन करके स्टाफ नर्स को बुला लेता है।
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