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डॉक्टरों ने तैयार किया हड़ताल का नया फॉर्मूला
अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Sat, 25 Jan 2014 08:23 PM IST
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जिले के सरकारी चिकित्सकों ने लंबित मांगों को पूरा कराने के लिए नया फॉर्मूला तैयार किया है। 26 जनवरी को रोहतक में होने वाली बैठक में इस फॉर्मूले को रखा जाएगा। इस दिन एचसीएमएस की सभी जिला इकाइयों के प्रधान, उप प्रधान व महासचिवों की बैठक बुलाई गई है।
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इसमें हड़ताल की रणनीति तैयार होगी। जिला इकाई ने सरकार पर दबाव बनाने व मांगें मनवाने के लिए हड़ताल का नया फॉर्मूला तैयार किया है। इसके तहत एक-एक करके स्वास्थ्य सेवाएं ठप की जाएं।
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मसलन, पहले दिन ओपीडी बंद करेंगे। दूसरे दिन पोस्टमार्टम का काम रोक दिया जाएगा। इसके बाद भी सरकार जिद्द पर अड़ी रही तो आपातकालीन सेवाएं ठप करने का निर्णय भी लिया जा सकता है।
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ये हैं एसो. की मांगें
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रधान डा. केशव बताते हैं कि सरकारी चिकित्सकों की मांगें लंबे अर्से से लंबित पड़ी हैं। इनमें पंजाब या हिमाचल की तर्ज पर वेतन देने, ग्रामीण इलाके में पोस्टिंग की शर्त खत्म करने, ग्रेड पे सुधारने और पिछले साल सामूहिक अवकाश का वेतन जारी करने की मांग प्रमुख है। इस बारे में कई बार प्रदेश सरकार को ज्ञापन भी दिया गया। इसके बावजूद आज तक एक भी मांग पूरी नहीं हो पाई। सरकार इन मांगों को पूरा नहीं करती तो हड़ताल ही अंतिम विकल्प बचता है।
वेतन विसंगति का आरोप
डॉ केशव ने कहा कि प्रदेश में सरकारी चिकित्सकों के हालात बेहद खराब हैं। एंट्री लेवल पर एक चिकित्सक को फार्मासिस्ट की ग्रेड के बराबर वेतन मिलता है। सरकारी चिकित्सक को 40 हजार रुपये वेतन मिल रहा है। वहीं, ठेके पर लिए गए चिकित्सकों को प्रति माह 80 हजार रुपये वेतन का भुगतान किया जाता है। इसके अलावा भी कई विसंगतियां हैं। इसके चलते चिकित्सक सरकारी नौकरी छोड़कर प्राइवेट सेक्टर में जा रहे हैं। इससे सरकारी चिकित्सकों पर काम का दबाव बढ़ रहा है।