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मुआना की पीएचसी में नहीं हैं डॉक्टर
जींद/अमरजीत एस. गिल
Updated Sat, 28 Sep 2013 10:23 PM IST
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हरियाणा के जिला जींद के गांव मुआना की 20 हजार से अधिक की आबादी को प्राथमिक चिकित्सा सेवा मयस्यर नहीं हैं।
छोटी से छोटी बीमारी का इलाज करवाने के लिए लोगों को सफीदों भागना पड़ता है, या फिर जिला मुख्यालय के सामान्य अस्पताल में।
गांव के सरपंच का कहना है कि जब सरकार पीएचसी में डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं कर सकती है तो फिर पीएचसी को बंद ही कर देना चाहिए।
जींद के सीएमओ कहते हैं कि डॉक्टरों की भर्ती करना तो सरकार का काम है। जब डॉक्टरों की भर्ती होगी तो मुआना गांव में चिकित्सकों की नियुक्ति कर दी जाएगी।
काफी दिनों से पीएचसी मुआना में डॉक्टर न होने के कारण अब लोगों ने यहां आना ही छोड़ दिया है। ऐसा नहीं है कि पंचायत अपने स्तर पर चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए प्रयास नहीं कर रही है।
पंचायत ने एक बार नहीं कई बार इस मामले को उठाया है। यहां तक की पंचायत का प्रस्ताव पारित करके मांग की गई है कि उनकी पीएचसी में चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए, लेकिन सरकार ग्रामीणों की मांग पर कतई ध्यान नहीं दे रही है।
कायदे से गांव की आबादी को देखते हुए यहां पर कम से तीन डॉक्टर होने चाहिए, लेकिन तीन डॉक्टरों की बात छोड़िये एक डॉक्टर भी तैनात नहीं है।
पीएचसी भवन की हालत भी काफी खराब हो चुकी है। वर्षों पहले बना भवन अब पूरी तरह से कंडम हो चुका है, लेकिन इसको अभी कंडम भी घोषित नहीं किया गया है। दीवारों के चारों तरफ सीलन भरी हुई है। फर्शों में कही कहीं दरारें दिखाई दे जाती हैं।
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सीएमओ से पांच सवाल
प्रशभन-1 मुआना की पीएचसी में एक भी डॉक्टर नहीं है। ग्रामीणों का इलाज कैसे होता होगा कभी आपने ये सोचा है।
जवाब- डॉक्टर भर्ती करने मेरे हाथ में हो तो मैं कल भी भर्ती करके मुआना डॉक्टरों को भेज सकता हूं।
प्रशभन-2 ग्रामीण कब तक डॉक्टरों की भर्ती का इंतजार और करेंगे
जवाब- देखिए डॉक्टरों की भर्ती करना सरकार का काम है। जब डॉक्टर भर्ती हो जाएगें तो डॉक्टरों की नियुक्त मुआना की पीएचसी में कर दी जाएगी
प्रशभन-3 लोग कह रहे हैं कि जब डॉक्टर नहीं हैं तो पीएचसी को बंद क्यों नहीं किया जा सकता है।
जवाब- डॉक्टरों की भर्ती में थोड़ा सा समय लगता है और सरकार उसे पूरा कर रही है।
प्रशभन-4 छोटी से छोटी बीमारी के लिए लोगों को शहर की तरफ भागना पड़ रहा है। किसी डॉक्टर की ड्यूटी सप्ताह में एक या दो दिन के लिए लगाई जा सकती है।
जवाब- इतने डॉक्टर ही नहीं हैं कि किसी को अतिरिक्त चार्ज दिया जा सके।
प्रशभन-5 फिर तो डॉक्टरों की नई भर्ती होने पर पीएचसी मुआना में लोग अपना इलाज करवा सकेंगे?
जवाब-मैं कोशिश करके देखता हूं कि किसी तरह से डॉक्टरों की व्यवस्था हो जाए और ग्रामीणों को इलाज के लिए शहर की तरफ न भागना पड़े।
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छोटी से छोटी बीमारी का इलाज करवाने के लिए लोगों को सफीदों भागना पड़ता है, या फिर जिला मुख्यालय के सामान्य अस्पताल में।
गांव के सरपंच का कहना है कि जब सरकार पीएचसी में डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं कर सकती है तो फिर पीएचसी को बंद ही कर देना चाहिए।
जींद के सीएमओ कहते हैं कि डॉक्टरों की भर्ती करना तो सरकार का काम है। जब डॉक्टरों की भर्ती होगी तो मुआना गांव में चिकित्सकों की नियुक्ति कर दी जाएगी।
काफी दिनों से पीएचसी मुआना में डॉक्टर न होने के कारण अब लोगों ने यहां आना ही छोड़ दिया है। ऐसा नहीं है कि पंचायत अपने स्तर पर चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए प्रयास नहीं कर रही है।
पंचायत ने एक बार नहीं कई बार इस मामले को उठाया है। यहां तक की पंचायत का प्रस्ताव पारित करके मांग की गई है कि उनकी पीएचसी में चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए, लेकिन सरकार ग्रामीणों की मांग पर कतई ध्यान नहीं दे रही है।
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कायदे से गांव की आबादी को देखते हुए यहां पर कम से तीन डॉक्टर होने चाहिए, लेकिन तीन डॉक्टरों की बात छोड़िये एक डॉक्टर भी तैनात नहीं है।
पीएचसी भवन की हालत भी काफी खराब हो चुकी है। वर्षों पहले बना भवन अब पूरी तरह से कंडम हो चुका है, लेकिन इसको अभी कंडम भी घोषित नहीं किया गया है। दीवारों के चारों तरफ सीलन भरी हुई है। फर्शों में कही कहीं दरारें दिखाई दे जाती हैं।
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सीएमओ से पांच सवाल
प्रशभन-1 मुआना की पीएचसी में एक भी डॉक्टर नहीं है। ग्रामीणों का इलाज कैसे होता होगा कभी आपने ये सोचा है।
जवाब- डॉक्टर भर्ती करने मेरे हाथ में हो तो मैं कल भी भर्ती करके मुआना डॉक्टरों को भेज सकता हूं।
प्रशभन-2 ग्रामीण कब तक डॉक्टरों की भर्ती का इंतजार और करेंगे
जवाब- देखिए डॉक्टरों की भर्ती करना सरकार का काम है। जब डॉक्टर भर्ती हो जाएगें तो डॉक्टरों की नियुक्त मुआना की पीएचसी में कर दी जाएगी
प्रशभन-3 लोग कह रहे हैं कि जब डॉक्टर नहीं हैं तो पीएचसी को बंद क्यों नहीं किया जा सकता है।
जवाब- डॉक्टरों की भर्ती में थोड़ा सा समय लगता है और सरकार उसे पूरा कर रही है।
प्रशभन-4 छोटी से छोटी बीमारी के लिए लोगों को शहर की तरफ भागना पड़ रहा है। किसी डॉक्टर की ड्यूटी सप्ताह में एक या दो दिन के लिए लगाई जा सकती है।
जवाब- इतने डॉक्टर ही नहीं हैं कि किसी को अतिरिक्त चार्ज दिया जा सके।
प्रशभन-5 फिर तो डॉक्टरों की नई भर्ती होने पर पीएचसी मुआना में लोग अपना इलाज करवा सकेंगे?
जवाब-मैं कोशिश करके देखता हूं कि किसी तरह से डॉक्टरों की व्यवस्था हो जाए और ग्रामीणों को इलाज के लिए शहर की तरफ न भागना पड़े।