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एवरेस्ट विजेता ‘यशोदा’ बन करेंगी अनाथ बच्चों से प्यार
रेवाड़ी/सिद्धार्थ यादव
Updated Sat, 02 Nov 2013 11:00 PM IST
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सामान्य परिवार से निकलकर एवरेस्ट की ऊंचाइयां छूने वाली कैथल की बेटी ममता सौदा ने समाज के सामने एक और बड़ी मिसाल पेश की है।
रेवाड़ी की डीएसपी ममता और उनके पति राजीव कुमार ने प्रण लिया है कि वे खुद के बच्चे नहीं करेंगे, बल्कि अपना सारा प्यार अनाथ बच्चों के ऊपर ही लुटाएंगे।
मई, 2010 में माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के बाद कैथल के एक अनुसूचित जाति के परिवार से संबंधित ममता सौदा पूरी दुनिया की सुर्खियों में आई। इसके बाद हरियाणा सरकार ने उन्हें डीएसपी के पद से नवाजा।
ममता ने बताया कि उन्होंने और उनके जीवन साथी हिमाचल के पर्वतारोही बिजनेसमैन राजीव कुमार ने पहली मुलाकात में यह निर्णय किया था कि शादी के बाद वे बच्चे पैदा नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वे अपना पूरा जीवन ऐसे अनाथ बच्चों को समर्पित करेंगे, जो गुमनामी में जी रहे हैं। वे उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए ही प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रयास है कि स्कूल जैसा कोई प्लेटफार्म तैयार किया जाए। इसके लिए उन्हें कैथल, कांगड़ा, रेवाड़ी जहां भी मदद मिलेगी, वहीं से यह स्कूल शुरू किया जाएगा।
माउंट एवरेस्ट के साथ-साथ अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका की ऊंची चोटियों को फतेह करने वाली ममता सौदा ने अब इनसे भी ऊंचा लक्ष्य निर्धारित किया है। वे कहती हैं कि इस लक्ष्य को पाने में उनके पति भी पूरी तरह उनके साथ हैं। 2012 में शादी से पहले पहली मुलाकात में ही उन्होंने यह सामूहिक निर्णय ले लिया था। उनके पति कांगड़ा निवासी राजीव कुमार ने कहा कि वे इस निर्णय में ममता का पूरी तरह साथ देंगे। उन्हें भी अब सिर्फ अनाथ बच्चों का भविष्य बनाने की लगन लगी रहती है।
समाज की खुशियों को अपना बना लें
डीएसपी ममता सौदा ने कहा कि पिछले साल तो उन्होंने अपनी दिवाली हिमाचल स्थित अपने ससुराल में मनाई थी, लेकिन इस बार वे ड्यूटी पर तैनात रहेंगी। उन्होंने कहा कि एक नवंबर को जन्मदिन पर पुलिस विभाग के सहयोगियों से जो प्यार और आशीर्वाद मिला, वह मैं ताउम्र याद रखूंगी। ट्रेनिंग में सिखाया जाता है कि ड्यूटी पर जाने के बाद समाज के प्रति फर्ज को महत्वपूर्ण मानकर समाज की खुशियों को ही अपना बना लें। इसलिए नहीं लगता कि दीपावली अपने परिजनों के साथ नहीं मना रही हूं।
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रेवाड़ी की डीएसपी ममता और उनके पति राजीव कुमार ने प्रण लिया है कि वे खुद के बच्चे नहीं करेंगे, बल्कि अपना सारा प्यार अनाथ बच्चों के ऊपर ही लुटाएंगे।
मई, 2010 में माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के बाद कैथल के एक अनुसूचित जाति के परिवार से संबंधित ममता सौदा पूरी दुनिया की सुर्खियों में आई। इसके बाद हरियाणा सरकार ने उन्हें डीएसपी के पद से नवाजा।
ममता ने बताया कि उन्होंने और उनके जीवन साथी हिमाचल के पर्वतारोही बिजनेसमैन राजीव कुमार ने पहली मुलाकात में यह निर्णय किया था कि शादी के बाद वे बच्चे पैदा नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वे अपना पूरा जीवन ऐसे अनाथ बच्चों को समर्पित करेंगे, जो गुमनामी में जी रहे हैं। वे उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए ही प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रयास है कि स्कूल जैसा कोई प्लेटफार्म तैयार किया जाए। इसके लिए उन्हें कैथल, कांगड़ा, रेवाड़ी जहां भी मदद मिलेगी, वहीं से यह स्कूल शुरू किया जाएगा।
माउंट एवरेस्ट के साथ-साथ अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका की ऊंची चोटियों को फतेह करने वाली ममता सौदा ने अब इनसे भी ऊंचा लक्ष्य निर्धारित किया है। वे कहती हैं कि इस लक्ष्य को पाने में उनके पति भी पूरी तरह उनके साथ हैं। 2012 में शादी से पहले पहली मुलाकात में ही उन्होंने यह सामूहिक निर्णय ले लिया था। उनके पति कांगड़ा निवासी राजीव कुमार ने कहा कि वे इस निर्णय में ममता का पूरी तरह साथ देंगे। उन्हें भी अब सिर्फ अनाथ बच्चों का भविष्य बनाने की लगन लगी रहती है।
समाज की खुशियों को अपना बना लें
डीएसपी ममता सौदा ने कहा कि पिछले साल तो उन्होंने अपनी दिवाली हिमाचल स्थित अपने ससुराल में मनाई थी, लेकिन इस बार वे ड्यूटी पर तैनात रहेंगी। उन्होंने कहा कि एक नवंबर को जन्मदिन पर पुलिस विभाग के सहयोगियों से जो प्यार और आशीर्वाद मिला, वह मैं ताउम्र याद रखूंगी। ट्रेनिंग में सिखाया जाता है कि ड्यूटी पर जाने के बाद समाज के प्रति फर्ज को महत्वपूर्ण मानकर समाज की खुशियों को ही अपना बना लें। इसलिए नहीं लगता कि दीपावली अपने परिजनों के साथ नहीं मना रही हूं।