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हरियाणा के 184 कर्मचारियों को बड़ी राहत: अंशकालिक सेवा भी पेंशन में जुड़ेगी, हाईकोर्ट ने दिए आदेश
Wed, 21 Oct 2026 10:35 PM IST
शाहिल शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Wed, 21 Oct 2026 10:35 PM IST
सार
कर्मचारियों ने पूर्व सेवा को पेंशन में जोड़ने, नई पेंशन योजना के खातों के स्थान पर सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) खाते खोलने और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ देने की मांग की थी।
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के सरकारी स्कूलों में अंशकालिक आधार पर काम करने के बाद नियमित हुए 184 कर्मचारियों को राहत दी है। अदालत ने नियमित होने से पहले अंशकालिक, दैनिक वेतन, तदर्थ या अस्थायी आधार पर की गई निरंतर सेवा को पेंशन की गणना में शामिल करने का आदेश दिया है। इससे पात्र कर्मचारियों को पुरानी पेंशन, सेवानिवृत्ति उपदान और अन्य वित्तीय लाभ मिलने का रास्ता साफ हुआ है।
जगदीश और अन्य कर्मचारियों की याचिका स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के तीन महीने के भीतर वित्तीय लाभ देने का निर्देश दिया। इन कर्मचारियों की नियुक्तियां 1983 से 2003 के बीच हुई थीं। बाद में 11 नवंबर 2003 और 27 फरवरी 2004 की नियमितीकरण नीतियों के तहत उनकी सेवाएं नियमित की गईं।
कर्मचारियों ने पूर्व सेवा को पेंशन में जोड़ने, नई पेंशन योजना के खातों के स्थान पर सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) खाते खोलने और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ देने की मांग की थी। अदालत ने निर्देश दिया कि प्रारंभिक नियुक्ति से नियमितीकरण तक की निरंतर सेवा को पेंशन गणना में जोड़ा जाए। नियुक्ति और नियमितीकरण की तारीखों सहित संबंधित तथ्यों के सत्यापन के बाद पात्र कर्मचारियों को लाभ दिया जाए।
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जगदीश और अन्य कर्मचारियों की याचिका स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के तीन महीने के भीतर वित्तीय लाभ देने का निर्देश दिया। इन कर्मचारियों की नियुक्तियां 1983 से 2003 के बीच हुई थीं। बाद में 11 नवंबर 2003 और 27 फरवरी 2004 की नियमितीकरण नीतियों के तहत उनकी सेवाएं नियमित की गईं।
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कर्मचारियों ने पूर्व सेवा को पेंशन में जोड़ने, नई पेंशन योजना के खातों के स्थान पर सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) खाते खोलने और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ देने की मांग की थी। अदालत ने निर्देश दिया कि प्रारंभिक नियुक्ति से नियमितीकरण तक की निरंतर सेवा को पेंशन गणना में जोड़ा जाए। नियुक्ति और नियमितीकरण की तारीखों सहित संबंधित तथ्यों के सत्यापन के बाद पात्र कर्मचारियों को लाभ दिया जाए।
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