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Mahendragarh-Narnaul News: 18 गावों में 26 करोड़ की लागत से नई पेयजल लाइन बिछाने का कार्य शुरू

Tue, 17 Dec 2024 11:18 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 17 Dec 2024 11:18 PM IST
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Work on laying new drinking water lines in 18 villages at a cost of Rs 26 crores started
फोटो- 09गांव फतेहपुर ​स्थित कार्यकारी अभियंता कार्यालय।
मंडी अटेली। क्षेत्र के गांवों में 70 लीटर प्रति व्यक्ति स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाने के लिए भालखी प्रोजेक्ट का कार्य पूर्ण होने के बाद अब गांवों में लोहे की पाइप डाली जा रही है। भालखी प्रोजेक्ट 114 करोड़ की लागत से क्षेत्र के 61 गांवों में पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए 2020 में शुरू हुआ था, जो जुलाई माह में पूर्ण हो गया।
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प्रोजेक्ट के लिए भालखी गांव में 12 एमएलडी क्षमता वाले वाटर वर्क्स बनाए गए थे। इसके लिए 61 गांवों में 69 बूस्टिंग स्टेशन बनाए गए हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ अजय कुमार ने बताया कि प्रोजेक्ट के पूर्ण होने के बाद अब अटेली क्षेत्र के 18 गांवों में 26 करोड़ की लागत ने नई पेयजल लाइन डालने का कार्य शुरू हो गया है। विभाग की ओर से 26 करोड़ की लागत से 15 गांवों में डीआई पाइप लाइन डालने का रफ एस्टिमेट भेजा था, जो स्वीकृत हो गया है। खारीवाड़ा, सागरपुर, गणियार, बिहाली, खेड़ी, भीलवाड़ा, राता खुर्द, रामपुरा, कांटी, खोड़, नांगल, नावदी, उनिंदा, छापड़ा सलीमपुर, नौताणा व पोता गांवों में पाइप लाइन बिछाई जानी है। केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन के तहत सभी घरों को नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की योजना है। इस प्रोजेक्ट को प्रदेश में 2025 से पहले पूरा कर लिया है।
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प्रदेश के जन स्वास्थ्य विभाग ने हर घर नल का लक्ष्य पूरा करने के बाद ढाणियों व दूरदराज आबादी क्षेत्र में भी पेयजल पहुंचाने के लिए बूस्टिंग स्टेशन व वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जा रहे हैं। इन गांवों में 26 करोड़ की लागत से नई पेयजल आपूर्ति लाइन के लिए नहरी पानी पर आधारित भालखी पेयजल प्रोजेक्ट से जोड़ा गया है।
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बॉक्स:
सरकार व जनस्वास्थ्य विभाग बूस्टिंग स्टेशन, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट व पेयजल लाइन आदि बिछा कर करोड़ों रुपये खर्च करता है। गांवो, मोहल्लों व कस्बों आदि स्थानों पर हर घर में नल लगा दिये गये हैं। लेकिन विभाग द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर नलों व घरों में अनेक स्थानों पर टोंटी आदि नहीं लगने के कारण पानी व्यर्थ बहता रहता है। जिस घर में टोंटी नहीं होगी, उसके खिलाफ भी अभियान चलाया जाएगा।

वर्जन:
विभाग की ओर से पेयजल के लिए हर घर में नल की व्यवस्था की गई है। विभाग द्वारा भी समय समय पर जल का सदुपयोग व टोंटी लगाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाता है। जिस घर में टोंटी नहीं होगी, उसके खिलाफ भी अभियान चलाया जाएगा।

प्रदीप कुमार, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।
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