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Mahendragarh-Narnaul News: मांगें नहीं मानी तो जल सप्लाई रोकने की चेतावनी, कर्मचारियों ने दिया धरना
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फोटो संख्या:54- जनस्वास्थ्य अभियांत्री विभाग कार्यालय में नारेबाजी करते कर्मचारी--संवाद
महेंद्रगढ़। ऑल हरियाणा पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल यूनियन से जुड़े कर्मचारियों ने बुधवार को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग मंडल कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने दो घंटे तक रोष जताते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष विनोद कुमार ने की।
कर्मचारियों का कहना है कि 18 जून को हुई संगठन की बैठक में अधिकारियों ने सभी समस्याओं का समाधान 10 से 15 दिन में करने का आश्वासन दिया था, लेकिन लंबे समय बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कार्यकारी अभियंता अमित जैन भी कार्यालय में मौजूद नहीं मिले।
यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि बरसात के दौरान जिले के कई जलघरों में छतों से पानी टपकता है, जिससे परिसर में पानी भर जाता है और कर्मचारियों को करंट लगने का खतरा बना रहता है। एक साल बीतने के बाद भी जलघरों में वाटरप्रूफिंग का काम नहीं कराया गया है।
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कर्मचारियों ने हरिओम और प्रेम सागर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि दोनों कर्मचारी वर्ष 2006 से कार्यरत हैं, लेकिन अनुभव पत्र नहीं मिलने के कारण वे जॉब सिक्योरिटी योजना से वंचित रह गए। संगठन की बैठक में उनका नाम जॉब सिक्योरिटी पोर्टल पर दर्ज कराने की बात हुई थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कर्मचारियों ने देवास जलघर की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि जिले की सबसे बड़ी पेयजल सप्लाई वाले इस जलघर में पर्याप्त नियमित कर्मचारी नहीं हैं। फिल्टर बेड की सफाई में गुणवत्ता से समझौता होने के कारण शहर में गंदे पानी की समस्या आ रही है।
जिला प्रधान सुभाष यादव ने कहा कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो शुक्रवार को भी धरना जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर संगठन जल और मल सप्लाई बाधित करने जैसा कदम उठाने को मजबूर हो सकता है।
धरने में हरियाणा कर्मचारी महासंघ के पूर्व उप प्रधान बाबूलाल यादव, जिला सचिव संदीप सहित कई पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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कर्मचारियों का कहना है कि 18 जून को हुई संगठन की बैठक में अधिकारियों ने सभी समस्याओं का समाधान 10 से 15 दिन में करने का आश्वासन दिया था, लेकिन लंबे समय बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कार्यकारी अभियंता अमित जैन भी कार्यालय में मौजूद नहीं मिले।
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यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि बरसात के दौरान जिले के कई जलघरों में छतों से पानी टपकता है, जिससे परिसर में पानी भर जाता है और कर्मचारियों को करंट लगने का खतरा बना रहता है। एक साल बीतने के बाद भी जलघरों में वाटरप्रूफिंग का काम नहीं कराया गया है।
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कर्मचारियों ने हरिओम और प्रेम सागर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि दोनों कर्मचारी वर्ष 2006 से कार्यरत हैं, लेकिन अनुभव पत्र नहीं मिलने के कारण वे जॉब सिक्योरिटी योजना से वंचित रह गए। संगठन की बैठक में उनका नाम जॉब सिक्योरिटी पोर्टल पर दर्ज कराने की बात हुई थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कर्मचारियों ने देवास जलघर की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि जिले की सबसे बड़ी पेयजल सप्लाई वाले इस जलघर में पर्याप्त नियमित कर्मचारी नहीं हैं। फिल्टर बेड की सफाई में गुणवत्ता से समझौता होने के कारण शहर में गंदे पानी की समस्या आ रही है।
जिला प्रधान सुभाष यादव ने कहा कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो शुक्रवार को भी धरना जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर संगठन जल और मल सप्लाई बाधित करने जैसा कदम उठाने को मजबूर हो सकता है।
धरने में हरियाणा कर्मचारी महासंघ के पूर्व उप प्रधान बाबूलाल यादव, जिला सचिव संदीप सहित कई पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।