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Mahendragarh-Narnaul News: गड्ढों में गुम धरसूं-खोड़मा सड़क की 1.79 करोड़ से होगी मरम्मत
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फोटो 3धरसूं से खोड़मा को जाने वाले मार्ग की जर्जर हालात।संवाद
नारनौल। धरसूं-खोड़मा वाया ढाणी किरारोद मार्ग पर चार किलोमीटर का सफर अब तक किसी सजा से कम नहीं था। छोटे-बड़े मिलाकर 200 से ज्यादा गड्ढे, कई जगह गायब हो चुकी सड़क और बारिश में भरा पानी...इन सबसे रोज गुजरने वाले वाहन चालक परेशान थे लेकिन अब इस बदहाल सड़क के दिन बदलने की उम्मीद है।
हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने इस सड़क की विशेष मरम्मत के लिए टेंडर जारी कर दिया है। काम पर करीब 1,78,75,501 रुपये खर्च होंगे। टेंडर में हिस्सा लेने वाले ठेकेदारों को 3,57,510 रुपये की ईएमडी जमा करनी होगी जबकि टेंडर दस्तावेज की कीमत 15 हजार रुपये रखी गई है।
200 से ज्यादा गड्ढों ने बढ़ाई मुसीबत
इस सड़क पर जगह-जगह गड्ढे इतने गहरे हो चुके हैं कि कई हिस्सों में सड़क की परत ही पूरी तरह उखड़ गई है। बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाता है जिससे हादसों का खतरा और बढ़ जाता है। वाहन चालकों को गड्ढों से बचने के लिए रफ्तार धीमी करनी पड़ती है जिससे सफर और लंबा हो जाता है।
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कई गांवों के लिए है जीवनरेखा
यह सड़क सिर्फ धरसूं और खोड़मा गांव के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि चिंडालिया, नांगल काठा और बापड़ोली जैसे राजस्थान सीमा से सटे गांवों के लिए भी रोज आने-जाने का मुख्य रास्ता है। नारनौल से बुहाना जाने वाले वाहन चालक भी इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। सड़क की मरम्मत पूरी होने के बाद इन सभी गांवों के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और आवागमन आसान हो जाएगा।
वर्जन:
धरसूं से खोड़मा तक सड़क मार्ग की विशेष मरम्मत करवाई जाएगी। इसको लेकर टेंडर जारी कर दिया है। इस कार्य पर करीब 1.79 करोड़ रुपये खर्च होंगे।-प्रवेश रंगा, एसडीओ, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड।
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हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने इस सड़क की विशेष मरम्मत के लिए टेंडर जारी कर दिया है। काम पर करीब 1,78,75,501 रुपये खर्च होंगे। टेंडर में हिस्सा लेने वाले ठेकेदारों को 3,57,510 रुपये की ईएमडी जमा करनी होगी जबकि टेंडर दस्तावेज की कीमत 15 हजार रुपये रखी गई है।
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200 से ज्यादा गड्ढों ने बढ़ाई मुसीबत
इस सड़क पर जगह-जगह गड्ढे इतने गहरे हो चुके हैं कि कई हिस्सों में सड़क की परत ही पूरी तरह उखड़ गई है। बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाता है जिससे हादसों का खतरा और बढ़ जाता है। वाहन चालकों को गड्ढों से बचने के लिए रफ्तार धीमी करनी पड़ती है जिससे सफर और लंबा हो जाता है।
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कई गांवों के लिए है जीवनरेखा
यह सड़क सिर्फ धरसूं और खोड़मा गांव के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि चिंडालिया, नांगल काठा और बापड़ोली जैसे राजस्थान सीमा से सटे गांवों के लिए भी रोज आने-जाने का मुख्य रास्ता है। नारनौल से बुहाना जाने वाले वाहन चालक भी इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। सड़क की मरम्मत पूरी होने के बाद इन सभी गांवों के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और आवागमन आसान हो जाएगा।
वर्जन:
धरसूं से खोड़मा तक सड़क मार्ग की विशेष मरम्मत करवाई जाएगी। इसको लेकर टेंडर जारी कर दिया है। इस कार्य पर करीब 1.79 करोड़ रुपये खर्च होंगे।-प्रवेश रंगा, एसडीओ, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड।