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Mahendragarh-Narnaul News: जल जीवन मिशन 2.0 के तहत पंचायतों को सौंपी जाएगी पेयजल व्यवस्था
Tue, 26 May 2026 11:58 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 26 May 2026 11:58 PM IST
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फोटो नंबर-10जिला जल एवं सीवरेज मिशन की बैठक लेते एडीसी तरुण कुमार पावरिया। स्रोत- प्रशासन
नारनौल। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत जिला जल एवं सीवरेज मिशन महेंद्रगढ़ की बैठक मंगलवार को लघु सचिवालय में अतिरिक्त उपायुक्त तरुण कुमार पावरिया की अध्यक्षता में हुई। बैठक में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और नई संचालन एवं रखरखाव नीति पर चर्चा की गई।
कार्यकारी अभियंता प्रदीप कुमार ने सभी अधिकारियों और सदस्यों का स्वागत किया। जिला सलाहकार मंगतूराम सरसवा ने बताया कि सरकार ग्रामीण पेयजल व्यवस्थाओं का संचालन पंचायतों के माध्यम से कराने की दिशा में कार्य कर रही है। इस नीति का उद्देश्य पेयजल की गुणवत्ता, मात्रा और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाना है।
अतिरिक्त उपायुक्त ने पंचायत एवं विकास विभाग को निर्देश दिए कि 15 जून तक सिंगल विलेज स्कीम के अंतर्गत आने वाली 40 ग्राम पंचायतों की ग्राम सभाओं से प्रस्ताव पारित करवाकर संबंधित बैंक खातों का संचालन सुनिश्चित किया जाए।
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जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को पंचायतों के साथ एमओयू प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश भी दिए गए। नई नीति के तहत प्रत्येक 500 घरों पर एक महिला को पेयजल कनेक्शन, बिल संग्रह, पानी के नमूने लेने और अन्य कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
इसके लिए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। ग्राम स्तर पर पांच सदस्यीय जल एवं सीवरेज समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें जेई, ग्राम सचिव, पंप ऑपरेटर और जागरूक नागरिक शामिल होंगे।
यह समितियां पेयजल आपूर्ति की निगरानी, पाइपलाइन मरम्मत, नए कनेक्शन, अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई तथा जल प्रबंधन से जुड़े अन्य कार्यों का संचालन करेंगी। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि इस नीति से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संबंधी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर होगा और महिलाओं को रोजगार एवं नेतृत्व के नए अवसर मिलेंगे।
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कार्यकारी अभियंता प्रदीप कुमार ने सभी अधिकारियों और सदस्यों का स्वागत किया। जिला सलाहकार मंगतूराम सरसवा ने बताया कि सरकार ग्रामीण पेयजल व्यवस्थाओं का संचालन पंचायतों के माध्यम से कराने की दिशा में कार्य कर रही है। इस नीति का उद्देश्य पेयजल की गुणवत्ता, मात्रा और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाना है।
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अतिरिक्त उपायुक्त ने पंचायत एवं विकास विभाग को निर्देश दिए कि 15 जून तक सिंगल विलेज स्कीम के अंतर्गत आने वाली 40 ग्राम पंचायतों की ग्राम सभाओं से प्रस्ताव पारित करवाकर संबंधित बैंक खातों का संचालन सुनिश्चित किया जाए।
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जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को पंचायतों के साथ एमओयू प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश भी दिए गए। नई नीति के तहत प्रत्येक 500 घरों पर एक महिला को पेयजल कनेक्शन, बिल संग्रह, पानी के नमूने लेने और अन्य कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
इसके लिए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। ग्राम स्तर पर पांच सदस्यीय जल एवं सीवरेज समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें जेई, ग्राम सचिव, पंप ऑपरेटर और जागरूक नागरिक शामिल होंगे।
यह समितियां पेयजल आपूर्ति की निगरानी, पाइपलाइन मरम्मत, नए कनेक्शन, अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई तथा जल प्रबंधन से जुड़े अन्य कार्यों का संचालन करेंगी। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि इस नीति से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संबंधी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर होगा और महिलाओं को रोजगार एवं नेतृत्व के नए अवसर मिलेंगे।