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Mahendragarh-Narnaul News: गणेश स्टोन क्रेशर सौदे में करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप, दो पर केस दर्ज
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नारनौल। गांव खातोली अहीर स्थित गणेश स्टोन क्रेशर से जुड़े करोड़ों रुपये के लेनदेन में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने क्रेशर प्लांट का हिस्सा खरीदने के बाद राशि का भुगतान न करने व फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संपत्ति बेचने के आरोप में महेंद्रगढ़ निवासी राजकुमार व राजस्थान निवासी राजपाल सिंह शेखावत के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
महेंद्रगढ़ निवासी साझेदार शकुंतला देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2017 में उन्होंने अपने पति रतन लाल और रणजीत सिंह के साथ मिलकर खातोली अहीर में मैसर्स गणेश स्टोन क्रेशर नाम से साझेदारी फर्म की शुरुआत की थी। वर्ष 2019 में रणजीत सिंह के फर्म से अलग होने के बाद वह और उनके पति 50-50 प्रतिशत हिस्सेदार रह गए।
उन्होंने बताया कि घरेलू आवश्यकताओं के चलते वर्ष 2022 में उन्होंने अपने 50 प्रतिशत हिस्से को 2 करोड़ 30 लाख रुपये में राजकुमार निवासी महेंद्रगढ़ और राजपाल सिंह शेखावत निवासी राजस्थान को बेचने का समझौता किया। इस सौदे में क्रेशर प्लांट, भूमि, मशीनरी और वाहन शामिल थे। तय शर्तों के अनुसार भुगतान चेक के माध्यम से होना था और 1 अगस्त 2022 के बाद सभी ऋण व अन्य जिम्मेदारियां खरीदारों की होनी थीं।
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आरोप है कि आरोपियों ने कुल राशि में से केवल 95 लाख रुपये ही दिए जबकि 1 करोड़ 35 लाख रुपये बकाया रखे। इसके बावजूद बिना सहमति और भुगतान किए उन्होंने क्रेशर प्लांट का बड़ा हिस्सा अन्य लोगों को बेच दिया।
पीड़िता ने फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धमकियां देने का भी आरोप लगाया है। निजामपुर थाना पुलिस के अनुसार शिकायत के आधार पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं तहत एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
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महेंद्रगढ़ निवासी साझेदार शकुंतला देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2017 में उन्होंने अपने पति रतन लाल और रणजीत सिंह के साथ मिलकर खातोली अहीर में मैसर्स गणेश स्टोन क्रेशर नाम से साझेदारी फर्म की शुरुआत की थी। वर्ष 2019 में रणजीत सिंह के फर्म से अलग होने के बाद वह और उनके पति 50-50 प्रतिशत हिस्सेदार रह गए।
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उन्होंने बताया कि घरेलू आवश्यकताओं के चलते वर्ष 2022 में उन्होंने अपने 50 प्रतिशत हिस्से को 2 करोड़ 30 लाख रुपये में राजकुमार निवासी महेंद्रगढ़ और राजपाल सिंह शेखावत निवासी राजस्थान को बेचने का समझौता किया। इस सौदे में क्रेशर प्लांट, भूमि, मशीनरी और वाहन शामिल थे। तय शर्तों के अनुसार भुगतान चेक के माध्यम से होना था और 1 अगस्त 2022 के बाद सभी ऋण व अन्य जिम्मेदारियां खरीदारों की होनी थीं।
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आरोप है कि आरोपियों ने कुल राशि में से केवल 95 लाख रुपये ही दिए जबकि 1 करोड़ 35 लाख रुपये बकाया रखे। इसके बावजूद बिना सहमति और भुगतान किए उन्होंने क्रेशर प्लांट का बड़ा हिस्सा अन्य लोगों को बेच दिया।
पीड़िता ने फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धमकियां देने का भी आरोप लगाया है। निजामपुर थाना पुलिस के अनुसार शिकायत के आधार पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं तहत एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।