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Mahendragarh-Narnaul News: हकेंवि में जीनोम संपादन तकनीक पर दिया प्रशिक्षण
Tue, 06 Aug 2024 01:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 06 Aug 2024 01:04 AM IST
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फोटो संख्या:69- कार्यशाला में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागी एवं शिक्षक--स्रोत- हकेंवि
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) महेंद्रगढ़ में कोसंबी विज्ञान महोत्सव के अंतर्गत जीनोम संपादन (जीनोम एडिटिंग) पर कार्यशाला आयोजित की। विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने फसल सुधार के लिए जीनोम संपादन तकनीक का कुशलतापूर्वक अन्वेषण करने के महत्त्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीनोम संपादन जैसी अत्याधुनिक तकनीक से किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी एंड एप्लाइड साइंसेस के डीन एवं कार्यशाला के संयोजक प्रो. दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि कार्यशाला में कुल 40 प्रतिभागियों ने जीनोम संपादन के क्षेत्र में नई तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यशाला के आयोजन सचिव प्रो. बिजेंद्र सिंह, डॉ. रुपेश देशमुख, डॉ. हुमीरा सोनाह ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को इस अभिनव विज्ञान के क्षेत्र में अपने कौशल और ज्ञान को बढ़ाने के लिए मंच प्रदान करना था। जैव प्रौद्योगिकी विभाग के पीएचडी शोधार्थी बादल महाकालकर, पवन कुमार व मुकेश मेघवाल ने कार्यशाला के प्रतिभागियों के साथ ट्रांसजेनिक और जीनोम संपादित पौधों को उगाने में अपनी विशेषज्ञता साझा की।
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विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी एंड एप्लाइड साइंसेस के डीन एवं कार्यशाला के संयोजक प्रो. दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि कार्यशाला में कुल 40 प्रतिभागियों ने जीनोम संपादन के क्षेत्र में नई तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यशाला के आयोजन सचिव प्रो. बिजेंद्र सिंह, डॉ. रुपेश देशमुख, डॉ. हुमीरा सोनाह ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को इस अभिनव विज्ञान के क्षेत्र में अपने कौशल और ज्ञान को बढ़ाने के लिए मंच प्रदान करना था। जैव प्रौद्योगिकी विभाग के पीएचडी शोधार्थी बादल महाकालकर, पवन कुमार व मुकेश मेघवाल ने कार्यशाला के प्रतिभागियों के साथ ट्रांसजेनिक और जीनोम संपादित पौधों को उगाने में अपनी विशेषज्ञता साझा की।
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