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किताब की दुकानों पर अभी सीनियर कक्षाओं का नया एडिशन नहीं आया

Tue, 30 Jun 2020 10:27 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jun 2020 10:27 PM IST
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there was no new admission of senior classes at the bookstore
बुक डिपो की दुकान। - फोटो : Narnol
लॉकडाउन खत्म होने के बाद अनलॉक-1 में बाजार में सभी दुकानें खुलने से हालात सुधरने लगे हैं। बाजार खुलने से लोगों ने भी राहत की सांस ली है। किताबों की दुकानों में भी सुधार आया है। कोरोना वायरस के चलते सभी शिक्षण संस्थाएं बंद हैं। ऐसे में स्कूलों ने बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही है। अध्यापकों द्वारा ऑनलाइन पढ़ाई जारी करने से बुक व स्टेशनरी की दुकानों पर खरीददारी हो रही है। ऑनलाइन पढ़ाई ही बुक स्टॉल का सहारा बनी हुई है।
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बुक स्टाल संचालकों ने बताया कि शिक्षण संस्थानों का नया सत्र शुरू होते ही ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करवा दी थी। सीनियर कक्षाओं की किताबों का नया एडिशन कम आया है। दिल्ली बॉर्डर सील होने के कारण किताबें नहीं पहुंच रही। कई स्कूलों ने एडिशन की किताबें न लगाकर पुराने एडिशन की किताबें ही लागू की है। जिससे बच्चें एक दूसरे साथी से किताबें लेकर काम चला रहे है। जिसके कारण दुकानदारों की बिक्री प्रभावित हुई है। लेकिन लॉकडाउन में दुकानें बंद होने के कारण बच्चों को किताब खरीदने में परेशानी थी। अभिभावक व बच्चे किताबों को लेकर परेशान हो थे। प्रशासन की ओर से रियायत मिलने के बाद बाजार में सुधार आया। अध्यापक बच्चों को पढ़ाने के लिए बोर्ड खरीद रहे हैं। विद्यार्थियों के परिजन स्टेशनरी के सभी सामान लेकर जा रहे हैं। कॉपी, पेन, पेंसिल, रबड़ तथा अन्य वस्तुएं खरीदी जा रही है।
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स्कूल बैग ड्रेस की बिक्री नहीं हो रही
स्कूल बैग, स्कूल ड्रेस की बिक्री अभी नहीं हो रही। स्कूल खुलने के बाद ही स्कूल बैग की बिक्री शुरू होगी। स्कूल बंद होने के कारण एक्टिविटी का सामान बहुत कम बिक रहा है। बड़े स्कूल ही थोड़ी बहुत एक्टिविटी करवा रहे हैं। दुकानदारों ने बताया कि पिछली वर्ष की तुलना अबकी बार किताबों के रेटों में बढ़ोतरी हुई है। पहले एक दर्जन कॉपी 220 रुपये में मिल रही थी वो अबकी बार 300 रुपये दर्जन के हिसाब से मिल रही है।
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प्रशासन की ओर से दुकान खोलने की छूट मिलने के बाद काफी राहत मिली है। स्कूल और कॉलेज बंद हैं। कोरोना के डर से लोग बच्चों को लेकर बाजार नहीं आ रहे हैं। ऑनलाइन पढ़ाई शुरू होने से किताबों की बिक्री में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
- कृष्ण सैनी, दुकानदार
अनलॉक-1 में बाजार खुलने से किताबों की दुकान में खरीददारी बढ़ी है। इस बार सबसे ज्यादा बच्चों को पढ़ाने वाले बोर्ड बिके हैं। ऑनलाइन पढ़ाई करवाने के लिए अध्यापक बोर्ड खरीद रहे हैं। आगे से माल नहीं आने के कारण उनका बचा हुआ पूरा माल बिक गया है।

- जगबीर
लॉकडाउन के बाद बाजार खुलने से किताबों की दुकानों में बढ़ोतरी हुई है। ज्यादातर स्कूलों ने स्कूल के अंदर ही बुक स्टॉल खोल रखी थी। कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल बंद होने के कारण अभिभावक बाजार से ही स्टेशनरी का सामान खरीद रहे हैं। जिससे उनकी अच्छी बिक्री हो रही है।
-- रामकिशन
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