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Mahendragarh-Narnaul News: अभी बहुत कुछ करना है तो कम नंबरों पर भी जश्न मनाइए
Wed, 14 May 2025 12:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 14 May 2025 12:21 AM IST
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फोटो संख्या:-62 सूर्यकांत यादव---संवाद
- फोटो : मंदिर का मुआयना करती पुलिस।
महेंद्रगढ़। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से 12वीं और केंद्रीय माध्यमिक बोर्ड की ओर से दसवीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया गया है। ऐसे में कई बार विद्यार्थियों की अपेक्षा के अनुसार अंक नहीं मिल पाते हैं, लेकिन इससे निराश होने की जरूरत नहीं है।
कम नंबर आए तो क्या हुआ, जीवन में सफलता सिर्फ अंकों से नहीं मिलती। आपके पास बेहतर करने के लिए पर्याप्त समय है। परीक्षा हर वर्ष चलने वाली एक प्रक्रिया है, लेकिन कड़ी मेहनत कर हर मंजिल को पास सकते हैं। वहीं अच्छा परीक्षा परिणाम आने पर भी मेहनत का क्रम जारी रखें।
मनोवैज्ञानिक जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान महेंद्रगढ़ सूर्यकांत यादव का कहना है कि मार्कशीट के नंबर जीवन की सफलता के नंबर नहीं हैं। कम आए या कुछ नहीं कर पाए, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। बहुत से सफल लोग सामान्य मार्कशीट वाले ही होते हैं। अगर ज्यादा नंबर आए हैं तो प्रसन्नता के साथ धैर्य भी रखिए। अभी जिंदगी के बहुत परीक्षाएं बाकी हैं। कम अंक आने पर निराश होने की जरूरत नहीं है। अभी बहुत कुछ करना बाकी है तो कम नंबरों पर भी जश्न मनाइए। फेल हो गए तो थोड़ा दुःख होना स्वाभाविक है। ठीक है नहीं दे पाए ध्यान, अब इस बार कर लेना अच्छे से। फेल होना पास होना कम या ज्यादा नंबर आना असली सफलता नहीं है। जिस दिन सफल हो जाएंगे उस दिन भी सफलता को बनाए रखने के लिए जीवन भर ढेरों परीक्षा देते रहनी पड़ेंगी।
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केवल मार्कशीट के नंबरों से ही यह नहीं बताया जा सकता किसे कितना आता है। हो सकता है आप ज्यादा नंबर वाले से ज्यादा जानते हों, बस या तो आपने कम ध्यान दिया हो, या हो सकता है कम रटा हो। सबकुछ सीखिए, खेलना कूदना, नाचना-गाना जीवन में रंग भरना, क्योंकि इन सबसे सीखा जाता जो आगे काम भी आता है। चीता अपनी गति का उपयोग शिकार करने के लिए करता है ना कि यह साबित करने के लिए कि वह तेज और मजबूत है। अपना मूल्य साबित करने के लिए अपना समय और ऊर्जा बर्बाद न करें। अभिभावक ना ही तो बच्चों के ज्यादा नंबरों को बढ़ चढ़कर बताएं न ही कम नंबर आने पर बच्चे को ताना दें या दूसरों से तुलना करें। हर बच्चा अपने आप में अलग और विशेष है। उसकी तुलना अन्य से न करें, उसे अपने गुणों और विशेषताओं के साथ आगे बढ़ने में मदद करें, उनका आत्मविश्वास बढ़ाएं।- डॉ. नरेश कुमार, विषय विशेषज्ञ, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान।
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कम नंबर आए तो क्या हुआ, जीवन में सफलता सिर्फ अंकों से नहीं मिलती। आपके पास बेहतर करने के लिए पर्याप्त समय है। परीक्षा हर वर्ष चलने वाली एक प्रक्रिया है, लेकिन कड़ी मेहनत कर हर मंजिल को पास सकते हैं। वहीं अच्छा परीक्षा परिणाम आने पर भी मेहनत का क्रम जारी रखें।
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मनोवैज्ञानिक जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान महेंद्रगढ़ सूर्यकांत यादव का कहना है कि मार्कशीट के नंबर जीवन की सफलता के नंबर नहीं हैं। कम आए या कुछ नहीं कर पाए, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। बहुत से सफल लोग सामान्य मार्कशीट वाले ही होते हैं। अगर ज्यादा नंबर आए हैं तो प्रसन्नता के साथ धैर्य भी रखिए। अभी जिंदगी के बहुत परीक्षाएं बाकी हैं। कम अंक आने पर निराश होने की जरूरत नहीं है। अभी बहुत कुछ करना बाकी है तो कम नंबरों पर भी जश्न मनाइए। फेल हो गए तो थोड़ा दुःख होना स्वाभाविक है। ठीक है नहीं दे पाए ध्यान, अब इस बार कर लेना अच्छे से। फेल होना पास होना कम या ज्यादा नंबर आना असली सफलता नहीं है। जिस दिन सफल हो जाएंगे उस दिन भी सफलता को बनाए रखने के लिए जीवन भर ढेरों परीक्षा देते रहनी पड़ेंगी।
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केवल मार्कशीट के नंबरों से ही यह नहीं बताया जा सकता किसे कितना आता है। हो सकता है आप ज्यादा नंबर वाले से ज्यादा जानते हों, बस या तो आपने कम ध्यान दिया हो, या हो सकता है कम रटा हो। सबकुछ सीखिए, खेलना कूदना, नाचना-गाना जीवन में रंग भरना, क्योंकि इन सबसे सीखा जाता जो आगे काम भी आता है। चीता अपनी गति का उपयोग शिकार करने के लिए करता है ना कि यह साबित करने के लिए कि वह तेज और मजबूत है। अपना मूल्य साबित करने के लिए अपना समय और ऊर्जा बर्बाद न करें। अभिभावक ना ही तो बच्चों के ज्यादा नंबरों को बढ़ चढ़कर बताएं न ही कम नंबर आने पर बच्चे को ताना दें या दूसरों से तुलना करें। हर बच्चा अपने आप में अलग और विशेष है। उसकी तुलना अन्य से न करें, उसे अपने गुणों और विशेषताओं के साथ आगे बढ़ने में मदद करें, उनका आत्मविश्वास बढ़ाएं।- डॉ. नरेश कुमार, विषय विशेषज्ञ, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान।