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Mahendragarh-Narnaul News: 34 लाख की लागत से बना पशु औषधालय को उद्घाटन का इंतजार
Sun, 09 Jun 2024 02:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 09 Jun 2024 02:36 AM IST
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मंडी अटेली। अटेली क्षेत्र के गांव बिहाली का पशु औषधालय अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। पशु औषधालय के भवन का निर्माण होने के बाद अब उद्घाटन का इंतजार हो रहा है।
बिहाली गांव किसान बाहुल्य है, जिसमें पशु धन का पालन पोषण करने में अधिक रुचि रखते हैं। साथ ही एक विशाल गोशाला भी स्थापित है। इसमें 1365 गोवंश निवास करते हैं, लेकिन पशुओं को स्वास्थ्य सेवा देने के लिए पशु चिकित्सालय के चिकित्सकों की तो कोई कमी नजर नहीं आ रही है बल्कि चिकित्सक एक खंडहर व जर्जर हालत भवन में बैठ कर सेवा देने को मजबूर हैं। पशु औषधालय के लिए भवन भी बनकर तैयार है, लेकिन भवन अपने उद्घाटन की बांट जोह रहा है।
तत्कालीन विकास एवं पंचायत मंत्री राव बंसी सिंह ने 1992 में पशु औषधालय का शिलान्यास किया जो तीन साल में बनकर तैयार हो गया था। इसके बाद 18 मार्च 1995 को इस गांव के पशुपालकों को स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध होने लगी थी। लंबे अरसे के बाद पशु औषधालय का भवन खंडहर में तब्दील हो गया। उसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नवनिर्मित भवन का निर्माण कार्य आरंभ किया। लगभग एक एकड़ में बने नवनिर्मित भवन परिसर में 34 लाख रुपए की लागत लगी, लेकिन आज वह भवन अपने उद्घाटन की बांट देख रहा है। नवनिर्मित भवन में एक स्टोर रूम, एक लैब रूम, एक कार्यालय रूम तथा पशुओं को उतारने व चढ़ाने के लिए रैंप की सुविधाएं की गई है।
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नवनिर्मित भवन का निर्माण हो चुका है, लेकिन उद्घाटन नहीं होने से पुराने भवन में ही बैठकर ही काम करना पड़ रहा है। इस समस्या को गत दिनों श्री कृष्ण बाल गोपाल गोशाला बिहाली में विधायक सीताराम यादव के समक्ष भी रखा गया था। उस समय उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही नवनिर्मित भवन का उद्घाटन कर विभाग के कर्मचारियों को समर्पित कर दिया जाएगा। यहां किसी प्रकार की कोई परेशानी पशुपालकों को नहीं है।
डॉ. डीएस यादव, पशु चिकित्सालय कांटी।
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बिहाली गांव किसान बाहुल्य है, जिसमें पशु धन का पालन पोषण करने में अधिक रुचि रखते हैं। साथ ही एक विशाल गोशाला भी स्थापित है। इसमें 1365 गोवंश निवास करते हैं, लेकिन पशुओं को स्वास्थ्य सेवा देने के लिए पशु चिकित्सालय के चिकित्सकों की तो कोई कमी नजर नहीं आ रही है बल्कि चिकित्सक एक खंडहर व जर्जर हालत भवन में बैठ कर सेवा देने को मजबूर हैं। पशु औषधालय के लिए भवन भी बनकर तैयार है, लेकिन भवन अपने उद्घाटन की बांट जोह रहा है।
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तत्कालीन विकास एवं पंचायत मंत्री राव बंसी सिंह ने 1992 में पशु औषधालय का शिलान्यास किया जो तीन साल में बनकर तैयार हो गया था। इसके बाद 18 मार्च 1995 को इस गांव के पशुपालकों को स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध होने लगी थी। लंबे अरसे के बाद पशु औषधालय का भवन खंडहर में तब्दील हो गया। उसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नवनिर्मित भवन का निर्माण कार्य आरंभ किया। लगभग एक एकड़ में बने नवनिर्मित भवन परिसर में 34 लाख रुपए की लागत लगी, लेकिन आज वह भवन अपने उद्घाटन की बांट देख रहा है। नवनिर्मित भवन में एक स्टोर रूम, एक लैब रूम, एक कार्यालय रूम तथा पशुओं को उतारने व चढ़ाने के लिए रैंप की सुविधाएं की गई है।
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नवनिर्मित भवन का निर्माण हो चुका है, लेकिन उद्घाटन नहीं होने से पुराने भवन में ही बैठकर ही काम करना पड़ रहा है। इस समस्या को गत दिनों श्री कृष्ण बाल गोपाल गोशाला बिहाली में विधायक सीताराम यादव के समक्ष भी रखा गया था। उस समय उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही नवनिर्मित भवन का उद्घाटन कर विभाग के कर्मचारियों को समर्पित कर दिया जाएगा। यहां किसी प्रकार की कोई परेशानी पशुपालकों को नहीं है।
डॉ. डीएस यादव, पशु चिकित्सालय कांटी।