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Mahendragarh-Narnaul News: भागवत कथा में कृष्ण जन्म की लीला का किया वर्णन
Sat, 09 Mar 2024 12:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 09 Mar 2024 12:52 AM IST
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नारनौल। शहर की पुरानी अनाज मंडी के गोस्वामी मार्केट में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भगवान भोले के चरित्र व भगवान कृष्ण के जन्म की लीला का वर्णन किया।
वृंदावन श्रीधाम से पधारे व्यास पंडित रवि कृष्ण शास्त्री ने नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, बृज में आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की, तू राजा की राजदुलारी मैं सिर्फ लंगोटे आला सूं, भांग रगड़ के पिया करूं मैं कुंडी सोटे आला सू। मनमोहक भजनों ने आयोजन में समा बांध दिया और श्रोताओं को झूमने पर विवश कर दिया। उन्होंने बताया कि भगवान के जन्मोत्सव के समय ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो अंतरिक्ष से देव शक्तियां धरा पर उतर आई है। इस अवसर पर अपनी मृदुल वाणी में कथा का रसपान कराते हुए व्यास गद्दी शास्त्री जी ने कहा कि द्वापर का युग था और कंस का कठोर शासन था, प्रभु का नाम लेने वालों पर यातनाएं होती थी।
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वृंदावन श्रीधाम से पधारे व्यास पंडित रवि कृष्ण शास्त्री ने नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, बृज में आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की, तू राजा की राजदुलारी मैं सिर्फ लंगोटे आला सूं, भांग रगड़ के पिया करूं मैं कुंडी सोटे आला सू। मनमोहक भजनों ने आयोजन में समा बांध दिया और श्रोताओं को झूमने पर विवश कर दिया। उन्होंने बताया कि भगवान के जन्मोत्सव के समय ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो अंतरिक्ष से देव शक्तियां धरा पर उतर आई है। इस अवसर पर अपनी मृदुल वाणी में कथा का रसपान कराते हुए व्यास गद्दी शास्त्री जी ने कहा कि द्वापर का युग था और कंस का कठोर शासन था, प्रभु का नाम लेने वालों पर यातनाएं होती थी।
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