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Mahendragarh-Narnaul News: मंगलामुखी समाज के प्रधान ने डेरे में फंदा लगाकर दी जान, वीडियो में तीन पर लगाए आरोप
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नारनौल। मंगलामुखी समाज के प्रधान विनोद सैनी (50) का शव बुधवार सुबह डेरे में फंदे से लटका मिला। सफाई कर्मचारी के डेरे में पहुंचने पर घटना का पता चला। मौत से पहले उन्होंने एक वीडियो बनाया था जिसमें समाज की महक, बुलबुल और टीना को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है।
वीडियो में विनोद सैनी ने कहा कि तीनों उनकी फोटो पर जूते-चप्पल मार रही हैं। उन्हें गुंडा-बदमाश कहा जा रहा है और उनकी पत्नी व बच्चों को लेकर भी टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को झूठा बताया। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा शुरू हो गई।
सैनी ने यह वीडियो कुछ परिचितों को भेजा था। वीडियो देखकर वे डेरे पर पहुंचे और उन्हें फंदे से उतारकर निजी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस वीडियो में लगाए गए आरोपों और घटना के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
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सात साल से थे प्रधान, दो साल से हो रहा था विरोध
मूल रूप से रोहतक के रहने वाले विनोद सैनी करीब सात साल से नारनौल में मंगलामुखी समाज के प्रधान थे। उनके पुरुष, शादीशुदा और चार बच्चों के पिता होने को लेकर करीब दो साल से समाज के कुछ लोग विरोध जता रहे थे। इस विवाद में जिले में कई बार कहासुनी, झगड़े और विरोध प्रदर्शन की बात सामने आई। करीब तीन साल से महक मंगलामुखी और उनके कुछ साथी सैनी के साथ रह रहे थे। सैनी महेंद्रगढ़ जिले में उनके साथ बधाई लेते थे। महेंद्रगढ़-भिवानी क्षेत्र की प्रधान बुलबुल मंगलामुखी इस व्यवस्था का विरोध कर रही थीं। अब पूरा समाज एक तरफ हो गया था।
पहले चलाते थे मंगलामुखियों का टेंपो
सैनी ने चरखी दादरी में मंगलामुखी समाज से जुड़कर काम शुरू किया था। उन्होंने दादरी में मकान बनाया और बाद में नारनौल के डेरे से जुड़ गए। महेंद्रगढ़ में भी उनका एक मकान है। बताया जाता है कि शुरुआत में वे समाज के लोगों का टेंपो चलाते थे। धीरे-धीरे संपर्क बढ़ने के साथ उन्होंने अपना प्रभाव बढ़ाया। हालांकि, डेरे पर कब्जा करने और विरोध करने वालों से मारपीट करने जैसे आरोप भी पहले सामने आ चुके थे।
शव लेने से इन्कार, थाने तक प्रदर्शन
वीडियो वायरल होने के बाद सैनी के परिजनों और समर्थकों ने महक, बुलबुल और टीना की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अस्पताल से थाने तक प्रदर्शन किया। पत्नी बनिता ने कहा कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे शव नहीं लेंगे।
वर्जन:
पुलिस वीडियो की सामग्री, उसमें लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। मौत के कारणों और पूरे विवाद की स्थिति स्पष्ट करने के लिए जांच जारी।-अनिल कुमार, शहर थाना प्रभारी, नारनौल।
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वीडियो में विनोद सैनी ने कहा कि तीनों उनकी फोटो पर जूते-चप्पल मार रही हैं। उन्हें गुंडा-बदमाश कहा जा रहा है और उनकी पत्नी व बच्चों को लेकर भी टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को झूठा बताया। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा शुरू हो गई।
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सैनी ने यह वीडियो कुछ परिचितों को भेजा था। वीडियो देखकर वे डेरे पर पहुंचे और उन्हें फंदे से उतारकर निजी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस वीडियो में लगाए गए आरोपों और घटना के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
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सात साल से थे प्रधान, दो साल से हो रहा था विरोध
मूल रूप से रोहतक के रहने वाले विनोद सैनी करीब सात साल से नारनौल में मंगलामुखी समाज के प्रधान थे। उनके पुरुष, शादीशुदा और चार बच्चों के पिता होने को लेकर करीब दो साल से समाज के कुछ लोग विरोध जता रहे थे। इस विवाद में जिले में कई बार कहासुनी, झगड़े और विरोध प्रदर्शन की बात सामने आई। करीब तीन साल से महक मंगलामुखी और उनके कुछ साथी सैनी के साथ रह रहे थे। सैनी महेंद्रगढ़ जिले में उनके साथ बधाई लेते थे। महेंद्रगढ़-भिवानी क्षेत्र की प्रधान बुलबुल मंगलामुखी इस व्यवस्था का विरोध कर रही थीं। अब पूरा समाज एक तरफ हो गया था।
पहले चलाते थे मंगलामुखियों का टेंपो
सैनी ने चरखी दादरी में मंगलामुखी समाज से जुड़कर काम शुरू किया था। उन्होंने दादरी में मकान बनाया और बाद में नारनौल के डेरे से जुड़ गए। महेंद्रगढ़ में भी उनका एक मकान है। बताया जाता है कि शुरुआत में वे समाज के लोगों का टेंपो चलाते थे। धीरे-धीरे संपर्क बढ़ने के साथ उन्होंने अपना प्रभाव बढ़ाया। हालांकि, डेरे पर कब्जा करने और विरोध करने वालों से मारपीट करने जैसे आरोप भी पहले सामने आ चुके थे।
शव लेने से इन्कार, थाने तक प्रदर्शन
वीडियो वायरल होने के बाद सैनी के परिजनों और समर्थकों ने महक, बुलबुल और टीना की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अस्पताल से थाने तक प्रदर्शन किया। पत्नी बनिता ने कहा कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे शव नहीं लेंगे।
वर्जन:
पुलिस वीडियो की सामग्री, उसमें लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। मौत के कारणों और पूरे विवाद की स्थिति स्पष्ट करने के लिए जांच जारी।-अनिल कुमार, शहर थाना प्रभारी, नारनौल।