{"_id":"66b6577b8cce28d31f0d4649","slug":"the-citys-drains-are-clogged-with-filth-sweepers-come-once-a-month-narnol-news-c-203-1-sroh1011-111336-2024-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: शहर की नालियां गंदगी से अटीं, महीने में एक बार आते हैं सफाईकर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: शहर की नालियां गंदगी से अटीं, महीने में एक बार आते हैं सफाईकर्मी
Fri, 09 Aug 2024 11:22 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 09 Aug 2024 11:22 PM IST
विज्ञापन
फोटो संख्या:52- मोहल्ला करेलिया बाजार में गंदगी से भरी नाली--संवाद
महेंद्रगढ़। शहर की अधिकतर नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं। नालियों का पानी सड़क पर बह रहा है। सफाई कर्मचारी महीने में एक बार नाली की सफाई करने आते हैं। सफाई कर्मचारी झाड़ू निकालते समय कूड़े को नाली में डाल देते है। इसके कारण नालियों का पानी सड़क पर आ जाता है।
कर्मचारी नालियों को साफ करने के बाद कूड़े के ढेर को 10 दिन बाद उठाने आते है। बारिश के कारण कूड़ा वापस नालियों में बहकर चला जाता है। इससे मंदिर में जाने वाली महिलाओं को नाली के गंदे पानी से गुजरना पड़ता है। सफाई कर्मचारी नाली में फंसे कूड़े को तो निकाल देते हैं, लेकिन पूरी तरह से नालियों का सफाई नहीं करने के कारण नाली में तेज बहाव से पानी आने के कारण पानी सड़क मार्ग पर एकत्रित हा जाता है। इसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
मोहल्ले के निवासी धर्मेंद्र, सुरेश, पवन, रुपेश, काकू, हेमंत, सोनू, बबूल आदि ने बताया कि नालियों भरी रहने के कारण नालियों में बदबू आने लगती है और मच्छरों के पैदा होने की संभावना बढ़ जाती है। कई जगह तो नालियां टूटी हुई पड़ी हुई हैं। अनेक बार नपा अधिकारियाें को मौखिक रूप से शिकायत भी कर चुके है। नगरपालिका को चाहिए कि सप्ताह में कम से कम तीन दिन नालियों की सफाई जरूर करनी चाहिए। महिलाएं मंदिरों में पूजा करने के लिए जाती है तो बदबूदार गंदे पानी से गुजरना पड़ता है।
विज्ञापन
नगरपलिका में सभी अधिकारी आ चुके है। अब जल्द ही नए सफाई कर्मचारियों का टेंडर लगाकर नई भर्ती की जाएगी। तब तक वैकल्पिक तौर पर दो-तीन कर्मचारियों की डयूटी लगाई गई है।
रमेश सैनी, चेयरमैन नगरपालिका महेंद्रगढ़
विज्ञापन
कर्मचारी नालियों को साफ करने के बाद कूड़े के ढेर को 10 दिन बाद उठाने आते है। बारिश के कारण कूड़ा वापस नालियों में बहकर चला जाता है। इससे मंदिर में जाने वाली महिलाओं को नाली के गंदे पानी से गुजरना पड़ता है। सफाई कर्मचारी नाली में फंसे कूड़े को तो निकाल देते हैं, लेकिन पूरी तरह से नालियों का सफाई नहीं करने के कारण नाली में तेज बहाव से पानी आने के कारण पानी सड़क मार्ग पर एकत्रित हा जाता है। इसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
मोहल्ले के निवासी धर्मेंद्र, सुरेश, पवन, रुपेश, काकू, हेमंत, सोनू, बबूल आदि ने बताया कि नालियों भरी रहने के कारण नालियों में बदबू आने लगती है और मच्छरों के पैदा होने की संभावना बढ़ जाती है। कई जगह तो नालियां टूटी हुई पड़ी हुई हैं। अनेक बार नपा अधिकारियाें को मौखिक रूप से शिकायत भी कर चुके है। नगरपालिका को चाहिए कि सप्ताह में कम से कम तीन दिन नालियों की सफाई जरूर करनी चाहिए। महिलाएं मंदिरों में पूजा करने के लिए जाती है तो बदबूदार गंदे पानी से गुजरना पड़ता है।
विज्ञापन
नगरपलिका में सभी अधिकारी आ चुके है। अब जल्द ही नए सफाई कर्मचारियों का टेंडर लगाकर नई भर्ती की जाएगी। तब तक वैकल्पिक तौर पर दो-तीन कर्मचारियों की डयूटी लगाई गई है।
रमेश सैनी, चेयरमैन नगरपालिका महेंद्रगढ़