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Mahendragarh-Narnaul News: लेह लद्दाख में बलिदान हुए गांव फतेहपुर के सपूत अमित का शव छह माह बाद मिला
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फोटो नंबर- 20गांव फतेहपुर में शहीद को सलामी देते पुलिस के जवान।संवाद
मंडी अटेली । गांव फतेहपुर के वीर सपूत और बीआरओ एमटी (मोटर ट्रांसपोर्ट) ड्राइवर अमित कुमार का शव छह माह बाद 30 किलोमीटर दूर बरामद हुआ। अमित कुमार 81 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी में कार्यरत थे, जो भारतीय सेना के अंतर्गत एक प्रमुख संगठन है व सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क निर्माण और रखरखाव का कार्य करता है।
अमित कुमार 20 अक्तूबर 2024 को लेह लद्दाख में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए थे। वे सीमेंट लेकर जा रहे थे, उस समय उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर नदी में गिर गई। उस समय नदी बर्फ से ढ़की हुई थी, जिसके चलते शव को ढूंढना संभव नहीं हो सका था। 23 मार्च को जब बर्फ पिघली, तो उनका शव बरामद हुआ। अमित कुमार का मंगलवार को उनके पैतृक गांव फतेहपुर में पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बड़े बेटे मयंक ने उन्हें मुखाग्नि दी।
अमित कुमार के परिवार में उनकी पत्नी मुकेश, दो बेटे मयंक और रोहित हैं। उनके पिता रोहतास सीआरपीएफ में इंस्पेक्टर के पद से सेवानिवृत्त हैं। अमित कुमार के भतीजे पंकज ने बताया कि उनके चाचा से अक्सर बातचीत होती रहती थी, क्योंकि वे दोनों सेना में सेवाएं दे रहे थे। शव न मिलने के कारण परिवार पिछले छह माह से परेशान था, लेकिन सेना के जवानों ने अथक प्रयास कर आखिरकार उनके शव को खोज निकाला।
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अमित कुमार को अंतिम विदाई देने के लिए हरियाणा पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके अलावा विंग कमांडर सतीश चंद्र यादव, एसडीएम रमित कुमार, नायब तहसीलदार दलबीर दुग्गल आदि शामिल हुए।
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अमित कुमार 20 अक्तूबर 2024 को लेह लद्दाख में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए थे। वे सीमेंट लेकर जा रहे थे, उस समय उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर नदी में गिर गई। उस समय नदी बर्फ से ढ़की हुई थी, जिसके चलते शव को ढूंढना संभव नहीं हो सका था। 23 मार्च को जब बर्फ पिघली, तो उनका शव बरामद हुआ। अमित कुमार का मंगलवार को उनके पैतृक गांव फतेहपुर में पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बड़े बेटे मयंक ने उन्हें मुखाग्नि दी।
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अमित कुमार के परिवार में उनकी पत्नी मुकेश, दो बेटे मयंक और रोहित हैं। उनके पिता रोहतास सीआरपीएफ में इंस्पेक्टर के पद से सेवानिवृत्त हैं। अमित कुमार के भतीजे पंकज ने बताया कि उनके चाचा से अक्सर बातचीत होती रहती थी, क्योंकि वे दोनों सेना में सेवाएं दे रहे थे। शव न मिलने के कारण परिवार पिछले छह माह से परेशान था, लेकिन सेना के जवानों ने अथक प्रयास कर आखिरकार उनके शव को खोज निकाला।
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अमित कुमार को अंतिम विदाई देने के लिए हरियाणा पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके अलावा विंग कमांडर सतीश चंद्र यादव, एसडीएम रमित कुमार, नायब तहसीलदार दलबीर दुग्गल आदि शामिल हुए।