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Mahendragarh-Narnaul News: बंदरों का आतंक... तोड़ रहे छत पर रखी टंकी, घरों से उठा ले जाते सामान
Mon, 15 Jul 2024 02:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 15 Jul 2024 02:16 AM IST
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नारनौल। शहर के अधिकांश स्थानों पर इन दिनों बंदरों ने उत्पात मचाया हुआ है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड रहा हैं। हालात यह हैं कि बच्चे, महिलाएं व बुजुर्ग अपने ही घर की छत पर जाने से डर रहें हैं।
शहर में अनाज मंडी, सब्जी मंडी, मोहल्ला चौधरीयान, चितवन वाटीका, पुरानी कचहेरी, मोहल्ला जमालपुर सहित अनेक स्थानों पर बंदरों का आतंक छाया हुआ है। स्थानीय लोग समस्या के बारे में कई बार प्रशासन को अवगत करवा चुके हैं, मगर प्रशासन द्वारा समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदरों संख्या दिन-प्रतिदिन लगातार बढ़ रही और यह झुंड में मार्ग में और सार्वजनिक स्थलों पर बैठे रहते हैं। महिलाओं का कहना हैं कि बंदरों ने सबसे ज्यादा नुकसान छत पर रखी पानी की टंकी को पहुंचाया है। वहीं दोपहर के समय कई बार बंदर घरों में घुस कर घर में रखा खाने-पीने का सामान भी उठा कर ले जाते हैं और छतों पर कपड़े सुखाने के बाद उनकी रखवाली भी करनी पड़ती है। लोगों का कहना है कि प्रशासन इनको पकड़कर दूर स्थान पर छोड़ने की व्यवस्था करें, जिससे लोगों को समस्या से निजात मिल सके।
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बंदरों के काटने से हो सकता है रेबीज
बंदरो के काटने पर केवल चोट ही नहीं लगती बल्कि रेबीज समेत कई खतरनाक बीमारियां भी हो सकती हैं। चिकित्सकों के अनुसार बंदर के काटने या नाखून मारने पर मुंह की लार और नाखूनों में मौजूद विषाणुओं के जरिए रेबीज बीमारी के वायरस व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और नर्वस सिस्टम में पहुंचकर दिमाग में सूजन पैदा कर देते हैं। इसके कारण व्यक्ति के व्यवहार में परिवर्तन आ जाता है और शरीर में उत्तेजना बढ़ जाती हैं। बंदर के काटने पर 28 दिन तक कुछ समय अंतराल पर 5 इंजेक्शन लगाए जाते हैं।
बंदर के काटने या नाखून मारने पर रेबीज बीमारी के वायरस व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। रेबीज जैसी गंभीर बीमारी को रोकने के लिए जरूरी हैं की मरीज को समय पर उचित उपचार मिलना आवश्यक हैं। 28 दिन तक कुछ समय अंतराल पर 5 इंजेक्शन लगाए जाते हैं, जिससे विषाणुओं के प्रभाव खत्म किया जा सके।
डॉ. जितेंद्र यादव, फिजिशियन जिला नागरिक अस्पताल नारनौल।
नगर परिषद द्वारा जल्द ही टीमों का गठन किया जाएगा और बंदरों को पकड़कर दूर स्थान पर छोड़ने का अभियान चलाया जाएगा। ताकि लोगों को हो रही समस्या से निजात मिल सके। अधिक समस्या होने पर लोग नगर परिषद में आकर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इस पर तुरंत प्रभाव से कार्य किया जाएगा।
प्रवीण कुमार, जेई, नगर परिषद नारनौल।
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शहर में अनाज मंडी, सब्जी मंडी, मोहल्ला चौधरीयान, चितवन वाटीका, पुरानी कचहेरी, मोहल्ला जमालपुर सहित अनेक स्थानों पर बंदरों का आतंक छाया हुआ है। स्थानीय लोग समस्या के बारे में कई बार प्रशासन को अवगत करवा चुके हैं, मगर प्रशासन द्वारा समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदरों संख्या दिन-प्रतिदिन लगातार बढ़ रही और यह झुंड में मार्ग में और सार्वजनिक स्थलों पर बैठे रहते हैं। महिलाओं का कहना हैं कि बंदरों ने सबसे ज्यादा नुकसान छत पर रखी पानी की टंकी को पहुंचाया है। वहीं दोपहर के समय कई बार बंदर घरों में घुस कर घर में रखा खाने-पीने का सामान भी उठा कर ले जाते हैं और छतों पर कपड़े सुखाने के बाद उनकी रखवाली भी करनी पड़ती है। लोगों का कहना है कि प्रशासन इनको पकड़कर दूर स्थान पर छोड़ने की व्यवस्था करें, जिससे लोगों को समस्या से निजात मिल सके।
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बंदरों के काटने से हो सकता है रेबीज
बंदरो के काटने पर केवल चोट ही नहीं लगती बल्कि रेबीज समेत कई खतरनाक बीमारियां भी हो सकती हैं। चिकित्सकों के अनुसार बंदर के काटने या नाखून मारने पर मुंह की लार और नाखूनों में मौजूद विषाणुओं के जरिए रेबीज बीमारी के वायरस व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और नर्वस सिस्टम में पहुंचकर दिमाग में सूजन पैदा कर देते हैं। इसके कारण व्यक्ति के व्यवहार में परिवर्तन आ जाता है और शरीर में उत्तेजना बढ़ जाती हैं। बंदर के काटने पर 28 दिन तक कुछ समय अंतराल पर 5 इंजेक्शन लगाए जाते हैं।
बंदर के काटने या नाखून मारने पर रेबीज बीमारी के वायरस व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। रेबीज जैसी गंभीर बीमारी को रोकने के लिए जरूरी हैं की मरीज को समय पर उचित उपचार मिलना आवश्यक हैं। 28 दिन तक कुछ समय अंतराल पर 5 इंजेक्शन लगाए जाते हैं, जिससे विषाणुओं के प्रभाव खत्म किया जा सके।
डॉ. जितेंद्र यादव, फिजिशियन जिला नागरिक अस्पताल नारनौल।
नगर परिषद द्वारा जल्द ही टीमों का गठन किया जाएगा और बंदरों को पकड़कर दूर स्थान पर छोड़ने का अभियान चलाया जाएगा। ताकि लोगों को हो रही समस्या से निजात मिल सके। अधिक समस्या होने पर लोग नगर परिषद में आकर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इस पर तुरंत प्रभाव से कार्य किया जाएगा।
प्रवीण कुमार, जेई, नगर परिषद नारनौल।