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Mahendragarh-Narnaul News: जंतर-मंतर के आंदोलन में जाने से रोकने के लिए कई कांग्रेसी नेता घरों में नजरबंद
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फोटो संख्या:56- कांग्रेस जिला अध्यक्ष सतबीर झुकिया के आवास पर तैनात पुलिस--संवाद
- फोटो : Samvad
नारनौल/महेंद्रगढ़। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रहे आंदोलन में शामिल होने से रोकने के लिए शनिवार को जिले में पुलिस ने कई कांग्रेसी नेताओं के घर पहुंचकर उन्हें नजरबंद (डिटेन) कर दिया। इनमें कांग्रेस के जिला प्रधान सतबीर झुकिया और कांग्रेस पंचायती राज संगठन के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र पाराशर सहित अन्य नेता शामिल हैं।
वहीं, कांग्रेस की महिला जिला अध्यक्ष डॉ. राजवती के घर भी पुलिस पहुंची लेकिन उन्हें नजरबंद नहीं किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से जिले के राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई।
कांग्रेस जिला प्रधान सतबीर झुकिया के अनुसार, वह दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित आंदोलन में शामिल होने के लिए जाने वाले थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें सुबह दस बजे से घर पर ही रोक दिया जिसके कारण वह आंदोलन में शामिल नहीं हो सके।
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कांग्रेस नेता धीरज शर्मा और सुंदर सोनी को भी सतबीर झुकिया के घर पर नजरबंद किया गया। इसके अलावा, पुलिस कांग्रेस पंचायती राज संगठन के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र पाराशर के घर भी पहुंची और उन्हें दिल्ली जाने से रोका।
कांग्रेस जिला प्रधान ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। किसी व्यक्ति को आंदोलन में शामिल होने से रोकने के लिए घर पर नजरबंद करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन जनता की मांगों को सरकार तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति की आवाज को दबाने के बजाय लोगों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाना चाहिए।
उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि नागरिकों के अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। फिलहाल, नेताओं को नजरबंद करने के मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
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वहीं, कांग्रेस की महिला जिला अध्यक्ष डॉ. राजवती के घर भी पुलिस पहुंची लेकिन उन्हें नजरबंद नहीं किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से जिले के राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई।
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कांग्रेस जिला प्रधान सतबीर झुकिया के अनुसार, वह दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित आंदोलन में शामिल होने के लिए जाने वाले थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें सुबह दस बजे से घर पर ही रोक दिया जिसके कारण वह आंदोलन में शामिल नहीं हो सके।
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कांग्रेस नेता धीरज शर्मा और सुंदर सोनी को भी सतबीर झुकिया के घर पर नजरबंद किया गया। इसके अलावा, पुलिस कांग्रेस पंचायती राज संगठन के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र पाराशर के घर भी पहुंची और उन्हें दिल्ली जाने से रोका।
कांग्रेस जिला प्रधान ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। किसी व्यक्ति को आंदोलन में शामिल होने से रोकने के लिए घर पर नजरबंद करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन जनता की मांगों को सरकार तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति की आवाज को दबाने के बजाय लोगों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाना चाहिए।
उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि नागरिकों के अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। फिलहाल, नेताओं को नजरबंद करने के मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

फोटो संख्या:56- कांग्रेस जिला अध्यक्ष सतबीर झुकिया के आवास पर तैनात पुलिस--संवाद- फोटो : Samvad

फोटो संख्या:56- कांग्रेस जिला अध्यक्ष सतबीर झुकिया के आवास पर तैनात पुलिस--संवाद- फोटो : Samvad