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Mahendragarh-Narnaul News: करवाचौथ पर पति-पत्नी में सुलह कराई

Wed, 05 Nov 2025 11:51 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 05 Nov 2025 11:51 PM IST
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Reconciliation between husband and wife on Karva Chauth
फाेटो 04 थाना​धिकारी मंजूषा। संवाद - फोटो : सांकेतिक
नारनौल। वर्ष 1994 में हरियाणा पुलिस में भर्ती हुई मंजूषा साल 2024 में 100 से अधिक परिवारों को टूटने से बचा चुकी है। मंजूषा 2024 में महिला थाने में बतौर थानाधिकारी नियुक्त हुई थीं। इससे पहले मंजूषा गुरुग्राम में दुर्गा शक्ति टीम की सदस्य रही हैं।
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मंजूषा ने बताया कि बड़े भाई मनाेज रेलवे पुलिस में कार्यरत हैं। भाई को देखकर ही खाकी पहनकर आमजन की सेवा करने की भावना जागी। मंजूषा ने अपने कार्यकाल के दौरान आए पारिवारिक कलह के मामलों में यह तो माना है कि हर मामले में पुरुष ही गलत नहीं होता, जबकि महिलाएं कानून को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना बखूबी जानती है।
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मंजूषा ने बताया कि साल 2024 में पारिवारिक कलह का एक मामला सामने आया था। जिसके तहत शादी के 6 माह बाद ही भोजन में मसाला कम ज्यादा डालने को लेकर सास बहू में वाद विवाद शुरू हो गया। पति फौजी था और अपनी मां को गलत न मानकर अपनी पत्नी को ही कलह की जड़ मानने लगा।
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हालांकि पत्नी ने इस संबंध में कई बार अपने पति को समझाने का प्रयास भी किया, कि वो गलत नहीं है। इसके बाद महिला का छोटा भाई त्योहार पर उपहार लेकर आया तो सास ने फेंक दिया। इसके बाद महिला की मां उसे अपने घर ले आई और थाने में मामला दर्ज करा दिया। थानाधिकारी मंजूषा ने पति को फोन कर थाने बुलाया। 10 अक्तूबर को करवाचौथ वाले दिन चौथी काउंसिलिंग से पति- पत्नी में सुलह हो गई।
इंसेट
2016 में बने थे महिला थाने
दिल्ली में 2012 में एक छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या के दोषी चार पुरुषों को फांसी दे दी गई थी। इसमें अक्षय ठाकुर, विनय शर्मा, पवन गुप्ता और मुकेश सिंह को 2013 में एक ट्रायल कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद टीम दुर्गा शक्ति का गठन किया गया था। इस टीम में महिला पुलिस अधिकारियों की ही नियुक्ति की गई थी। इसके बाद साल 2016 में प्रदेश में अलग से महिला पुलिस थानों का गठन किया गया था।

वर्जन
महिला यानी मां, हिम्मत औ लाज की मूरत है लेकिन महिलाओं को भी समझना चाहिए कि पुरुष भी उतना ही जरूरी है, जितना कि आप उसके लिए। ऐसे में दोनों को ही संयम बरतना चाहिए, क्योंकि ताली हमेशा एक हाथ से नहीं बजती है।-मंजूषा, थानाधिकारी, महिला थाना, नारनौल।
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