{"_id":"6a7384a3132e238c4b0db3d6","slug":"preparations-for-sindhara-begin-market-stalls-adorned-with-suhali-and-batasa-narnol-news-c-203-1-sroh1011-128847-2026-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: सिंधारे की तैयारी शुरू, सुहाली व बतासों से सजी बाजार की स्टॉल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: सिंधारे की तैयारी शुरू, सुहाली व बतासों से सजी बाजार की स्टॉल
विज्ञापन
फोटो संख्या:63- विश्वकर्मा चौक पर दुकान में रखी सुहाली--संवाद
महेंद्रगढ़। तीज पर्व नजदीक आने से महेंद्रगढ़ के बाजारों में सिंधारे की तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर की मिठाई और परचून की दुकानों पर सुहाली, बतासे, घेवर, फेनी जैसी पारंपरिक मिठाइयों की स्टॉल सजने लगी हैं। स्थानीय स्तर पर भी बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री तैयार हो रही है जिससे बाजार में रौनक बढ़ रही है।
दुकानदार हजारीलाल, सुभाष और सुरेश सैनी ने बताया कि सुहाली करीब 150 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही है। बतासों के दाम पिछले वर्ष से कुछ कम हैं, जिससे ग्राहकों को राहत मिली है। आने वाले दिनों में मांग बढ़ने से बिक्री में तेजी आने की उम्मीद है।
हरियाणा में तीज पर्व का विशेष महत्व है जहां विवाहित बेटियों के मायके से सिंधारा और कोथली भेजी जाती है। सिंधारे में मिठाइयों के साथ शृंगार का सामान, कपड़े, मेहंदी और चूड़ियां जैसे उपहार शामिल होते हैं। महिलाएं अनीता, हेमलता और शर्मिला को इस बार भी अपनी कोथली का बेसब्री से इंतजार है।
विज्ञापन
दुकानदारों ने सिंधारे से जुड़े सामान को आकर्षक तरीके से सजाया है। शाम के समय बाजारों में खरीदारी करने वालों की संख्या बढ़ने लगी है। दुकानदारों का मानना है कि तीज से दो-तीन दिन पहले बिक्री अपने चरम पर पहुंच जाएगी। अधिकांश मिठाइयां स्थानीय स्तर पर ही तैयार की जा रही हैं जिससे ताजगी और गुणवत्ता बनी रहती है।
विज्ञापन
दुकानदार हजारीलाल, सुभाष और सुरेश सैनी ने बताया कि सुहाली करीब 150 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही है। बतासों के दाम पिछले वर्ष से कुछ कम हैं, जिससे ग्राहकों को राहत मिली है। आने वाले दिनों में मांग बढ़ने से बिक्री में तेजी आने की उम्मीद है।
विज्ञापन
हरियाणा में तीज पर्व का विशेष महत्व है जहां विवाहित बेटियों के मायके से सिंधारा और कोथली भेजी जाती है। सिंधारे में मिठाइयों के साथ शृंगार का सामान, कपड़े, मेहंदी और चूड़ियां जैसे उपहार शामिल होते हैं। महिलाएं अनीता, हेमलता और शर्मिला को इस बार भी अपनी कोथली का बेसब्री से इंतजार है।
विज्ञापन
दुकानदारों ने सिंधारे से जुड़े सामान को आकर्षक तरीके से सजाया है। शाम के समय बाजारों में खरीदारी करने वालों की संख्या बढ़ने लगी है। दुकानदारों का मानना है कि तीज से दो-तीन दिन पहले बिक्री अपने चरम पर पहुंच जाएगी। अधिकांश मिठाइयां स्थानीय स्तर पर ही तैयार की जा रही हैं जिससे ताजगी और गुणवत्ता बनी रहती है।