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Mahendragarh-Narnaul News: प्रदेश में क्लस्टर-2 में शामिल सात जिलों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना नहीं होगी लागू
Thu, 29 Feb 2024 11:40 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 29 Feb 2024 11:40 PM IST
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नारनौल। प्रदेश के सात जिलों के किसानों को रबी 2023-24 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसके लिए उप निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पंचकूला की तरफ से सातों जिलों के उप निदेशक को पत्र लिखा गया है।
पत्र में कहा गया है कि क्लस्टर-2 में शामिल जिलों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू करने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा विभाग को स्वीकृति नहीं दी गई है। जिसकी वजह से क्लस्टर-2 में शामिल हिसार, सोनीपत, गुरुग्राम, करनाल, अंबाला, जींद और महेंद्रगढ़ में लागू नहीं किया जा रहा है। अगर वर्ष 2022 की बात करे तो महेंद्रगढ़ जिले में ही 52519 किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए आवेदन किए गए थे। लेकिन अब इन जिलों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से बाहर रखा गया है। जिससे ओलावृष्टि व अन्य प्रकार की प्राकृतिक आपदा होने पर किसानों को मुआवजा नहीं मिल सकेगा।
खरीफ फसल में भी ये जिले रहे थे वंचित
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से इन सातों जिलों को भी वंचित रखा गया था। हालांकि हरियाणा फसल सुरक्षा योजना के तहत कपास की फसल का 1500 रुपये में बीमा किया गया था। लेकिन उस योजना में बीमा करवाने वाले महेंद्रगढ़ जिले के 1153 किसानों को अब तक कपास फसल में नुकसान होने पर मुआवजा नहीं मिला है। ऐसे में खरीफ फसल के बाद अब रबी फसल को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से बाहर रखने पर किसानों को नुकसान होने पर मुआवजे के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
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प्रदेश में तीन क्लस्टर में विभाजित है जिले
क्लस्टर एक में पंचकूला, फरीदाबाद , कुरुक्षेत्र, कैथल, सिरसा, भिवानी, रेवाड़ी शामिल है। वहीं क्लस्टर दो में हिसार, सोनीपत, गुरुग्राम, करनाल, अंबाला, जींद और महेंद्रगढ़ शामिल है, जिन्हें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से बाहर रखा गया है। वहीं क्लस्टर तीन में यमुनानगर, पानीपत, पलवल, रोहतक, फतेहाबाद, झज्झर, मेवात और चरखी दादरी शामिल है।
प्राकृतिक आपदा से किसी प्रकार से किसानों को नुकसान होता है तो सरकार की तरफ से मदद की जाएगी। खरीफ फसल में भी ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से किसानों के नुकसान की भरपाई की गई थी।
देवेंद्र सिंह, उपनिदेशक कृषि विभाग नारनौल।
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पत्र में कहा गया है कि क्लस्टर-2 में शामिल जिलों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू करने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा विभाग को स्वीकृति नहीं दी गई है। जिसकी वजह से क्लस्टर-2 में शामिल हिसार, सोनीपत, गुरुग्राम, करनाल, अंबाला, जींद और महेंद्रगढ़ में लागू नहीं किया जा रहा है। अगर वर्ष 2022 की बात करे तो महेंद्रगढ़ जिले में ही 52519 किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए आवेदन किए गए थे। लेकिन अब इन जिलों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से बाहर रखा गया है। जिससे ओलावृष्टि व अन्य प्रकार की प्राकृतिक आपदा होने पर किसानों को मुआवजा नहीं मिल सकेगा।
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खरीफ फसल में भी ये जिले रहे थे वंचित
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से इन सातों जिलों को भी वंचित रखा गया था। हालांकि हरियाणा फसल सुरक्षा योजना के तहत कपास की फसल का 1500 रुपये में बीमा किया गया था। लेकिन उस योजना में बीमा करवाने वाले महेंद्रगढ़ जिले के 1153 किसानों को अब तक कपास फसल में नुकसान होने पर मुआवजा नहीं मिला है। ऐसे में खरीफ फसल के बाद अब रबी फसल को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से बाहर रखने पर किसानों को नुकसान होने पर मुआवजे के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
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प्रदेश में तीन क्लस्टर में विभाजित है जिले
क्लस्टर एक में पंचकूला, फरीदाबाद , कुरुक्षेत्र, कैथल, सिरसा, भिवानी, रेवाड़ी शामिल है। वहीं क्लस्टर दो में हिसार, सोनीपत, गुरुग्राम, करनाल, अंबाला, जींद और महेंद्रगढ़ शामिल है, जिन्हें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से बाहर रखा गया है। वहीं क्लस्टर तीन में यमुनानगर, पानीपत, पलवल, रोहतक, फतेहाबाद, झज्झर, मेवात और चरखी दादरी शामिल है।
प्राकृतिक आपदा से किसी प्रकार से किसानों को नुकसान होता है तो सरकार की तरफ से मदद की जाएगी। खरीफ फसल में भी ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से किसानों के नुकसान की भरपाई की गई थी।
देवेंद्र सिंह, उपनिदेशक कृषि विभाग नारनौल।