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एससी छात्रवृत्ति: खिलाड़ियों ने छात्रवृत्ति पाने के लिए खुद ही जारी कर लिए प्रमाण पत्र
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एससी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए खेल विभाग की ओर से छात्रवृत्ति दी जाती है। जिससे खेलों में भी बेहतर प्रदर्शन कर सके, लेकिन एससी खिलाड़ी छात्रवृत्ति लेने के लिए फर्जीवाड़े का सहारा ले रहे हैं। ऐसे खिलाड़ियों के आवेदनों को विभाग रद्द कर रहा है। विभाग को करीब 291 छात्रावृत्ति के लिए आवेदन मिले हैं। इसमें करीब 120 आवेदन पत्रों में फर्जीवाड़ा पाया गया है। अभी अन्य आवेदनों की जांच चल रही रही है।
बता दें कि हरियाणा खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग की ओर से अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय व राज्यस्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक विजेता अथवा प्रतिभागिता वाले खिलाड़ियों को फेयर प्ले एससी स्कीम एवं सामान्य छात्रवृत्ति प्रदान की। इसके लिए जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग ने वर्ष 2019-20 (1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020) की खेल उपलब्धियों के आधार पर एससी स्कीम व सामान्य छात्रवृत्ति के लिए आवेदन मांगा था। आवेदन पत्र के साथ खेल उपलब्धियों की सत्यापित प्रतियां लगाना अनिवार्य था। आवेदन पत्रों की जांच के लिए डीएसओ ने हाल में एक कमेटी का गठन कर दिया था। कमेटी ने जांच में पाया कि कई आवेदनों में फर्जी कागजात तैयार कर लगाए गए हैं। कुछेक प्रमाण पत्रों में लिखे प्रिंसिपल की स्पेलिंग लगत मिली है। इसके बाद जांच में करीब 32 फार्म मिले, जिसमें पी शब्द की जगह आर लिखा मिला है। जब संबंधित स्कूल से जानकारी ली गई तो पता चला कि प्रधानाचार्य की साइन और मुहर दोनों फर्जी है। एक खेल एसोसिएशन की ओर से जारी प्रमाण पत्र पर अलग-अलग मुहर लगी मिली। जांच में पता चला कि एसोसिएशन के सचिव ने प्रमाण पत्र जारी ही नहीं किया है। छात्रों ने खुद ही अलग-अलग प्रकार की मुहर बनवा ली। इसी प्रकार अन्य के दस्तावजे भी फर्जी बना दिए गए। सीनियर कोच नरेश पाल ने बताया कि आवेदन पत्रों में कमियां होना अलग बात है, लेकिन फर्जी तरीके से प्रमाण पत्र बनाकर आवेदनों के साथ लगाए गए हैं। छात्र जिस स्कूल में पढ़ रहे है, इस स्कूल के प्रधानाचार्य की भी साइन और मुहर लगाकर फार्म जमा करा दिया।
डीएसओ परसराम ने बताया कि अभी आवेदनों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में कई आवेदनों में प्रमाण पत्र फजी तरीके से जारी होने की बात आई है। स्कूलों व एसोसिएशन से जांच कराया जा रहा है।
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यह राशि मिलती है-
राज्य स्तरीय के खेल में भाग लेने में गर्ल्स खिलाड़ी को तीस हजार सालाना व लड़के को 18 हजार रुपये सालाना छात्रवृत्ति मिलती है। नेशनल स्तर पर मेडल आने पर एससी छात्र को 54 हजार (फर्स्ट), 48 हजार (सेकेंड) व 42 हजार रुपये (थर्ड) को सालाना मिलता है।
ऐसे कर रहे हैं फर्जीवाड़ा
एक खिलाड़ी ने महेंद्रगढ़ के एक कॉलेज को करीब दस साल पहले रिटायर्ड प्राचार्य की साइन और मुहर फार्म पर लगा कर विभाग को जमा करा दिया।
कुछेक छात्रों के फार्म पर प्रिंसिपल की जगह रिंसिपल खिला मिला। जांच में 32 फार्म ऐसे मिले। फर्जी साइन और मुहर बनाई गई।
एक खेल सचिव की चार प्रकार की मुहर लगे आवेदन मिले। जांच में पाया गया कि खिलाड़ियों ने खुद की अलग-अलग मुहर बनाकर प्रमाण पत्र जारी कर लिया। ऐसे 19 आवेदन मिले।
कई छात्रों ने अपने स्कूल के प्रिंसिपल की साइन और मुहर लगा लिए।
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बता दें कि हरियाणा खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग की ओर से अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय व राज्यस्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक विजेता अथवा प्रतिभागिता वाले खिलाड़ियों को फेयर प्ले एससी स्कीम एवं सामान्य छात्रवृत्ति प्रदान की। इसके लिए जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग ने वर्ष 2019-20 (1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020) की खेल उपलब्धियों के आधार पर एससी स्कीम व सामान्य छात्रवृत्ति के लिए आवेदन मांगा था। आवेदन पत्र के साथ खेल उपलब्धियों की सत्यापित प्रतियां लगाना अनिवार्य था। आवेदन पत्रों की जांच के लिए डीएसओ ने हाल में एक कमेटी का गठन कर दिया था। कमेटी ने जांच में पाया कि कई आवेदनों में फर्जी कागजात तैयार कर लगाए गए हैं। कुछेक प्रमाण पत्रों में लिखे प्रिंसिपल की स्पेलिंग लगत मिली है। इसके बाद जांच में करीब 32 फार्म मिले, जिसमें पी शब्द की जगह आर लिखा मिला है। जब संबंधित स्कूल से जानकारी ली गई तो पता चला कि प्रधानाचार्य की साइन और मुहर दोनों फर्जी है। एक खेल एसोसिएशन की ओर से जारी प्रमाण पत्र पर अलग-अलग मुहर लगी मिली। जांच में पता चला कि एसोसिएशन के सचिव ने प्रमाण पत्र जारी ही नहीं किया है। छात्रों ने खुद ही अलग-अलग प्रकार की मुहर बनवा ली। इसी प्रकार अन्य के दस्तावजे भी फर्जी बना दिए गए। सीनियर कोच नरेश पाल ने बताया कि आवेदन पत्रों में कमियां होना अलग बात है, लेकिन फर्जी तरीके से प्रमाण पत्र बनाकर आवेदनों के साथ लगाए गए हैं। छात्र जिस स्कूल में पढ़ रहे है, इस स्कूल के प्रधानाचार्य की भी साइन और मुहर लगाकर फार्म जमा करा दिया।
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डीएसओ परसराम ने बताया कि अभी आवेदनों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में कई आवेदनों में प्रमाण पत्र फजी तरीके से जारी होने की बात आई है। स्कूलों व एसोसिएशन से जांच कराया जा रहा है।
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यह राशि मिलती है-
राज्य स्तरीय के खेल में भाग लेने में गर्ल्स खिलाड़ी को तीस हजार सालाना व लड़के को 18 हजार रुपये सालाना छात्रवृत्ति मिलती है। नेशनल स्तर पर मेडल आने पर एससी छात्र को 54 हजार (फर्स्ट), 48 हजार (सेकेंड) व 42 हजार रुपये (थर्ड) को सालाना मिलता है।
ऐसे कर रहे हैं फर्जीवाड़ा
एक खिलाड़ी ने महेंद्रगढ़ के एक कॉलेज को करीब दस साल पहले रिटायर्ड प्राचार्य की साइन और मुहर फार्म पर लगा कर विभाग को जमा करा दिया।
कुछेक छात्रों के फार्म पर प्रिंसिपल की जगह रिंसिपल खिला मिला। जांच में 32 फार्म ऐसे मिले। फर्जी साइन और मुहर बनाई गई।
एक खेल सचिव की चार प्रकार की मुहर लगे आवेदन मिले। जांच में पाया गया कि खिलाड़ियों ने खुद की अलग-अलग मुहर बनाकर प्रमाण पत्र जारी कर लिया। ऐसे 19 आवेदन मिले।
कई छात्रों ने अपने स्कूल के प्रिंसिपल की साइन और मुहर लगा लिए।