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Mahendragarh-Narnaul News: लोग हादसों में मर रहे हैं और अफसर सिर्फ फाइलें सरका रहे
Tue, 03 Jun 2025 11:03 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 03 Jun 2025 11:03 PM IST
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फोटो संख्या:-78 गांव उन्हाणी के पास बदहाल पुलिया---संवाद
महेंद्रगढ़/कनीना। गांव उन्हाणी की जर्जर पुलिया का निर्माण दो विभागों में तालमेल नहीं होने से नहीं हो पा रहा है।
इससे आए दिन हादसे होते हैं। कनीना शहर के दो किलोमीटर के दायरे में एक साल के दौरान हुई सड़क दुर्घटनाओं में सात बच्चों सहित 14 लोगों की मौत हो चुकी है। गांव उन्हाणी से गुजरने वाली नहर की पुलिया को लेकर लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग की अनदेखी से नहर की पुलिया पर रविवार रात हादसे में चार लोगों की मौत हो गई।
दोनों विभाग एक-दूसरे की जिम्मेदारी बता एक दूसरे के पाले में गेंद डाल रहे हैं। बड़े हादसों के बाद विभिन्न विभागों की ओर से दुर्घटनाओं से बचने के लिए योजनाएं तो कई बनाई जाती हैं, लेकिन यह धरातल पर नहीं उतर पाती हैं। दस सालों के दौरान कनीना के बदहाल सड़कों को सुधारने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से लेकर अधिकारियों तक पत्र भेजकर गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन सड़कों की दशा नहीं सुधर पा रही है। कनीना से दो किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांव उन्हाणी के आसपास ही दो बड़ी दुर्घटनाओं में सात बच्चों सहित चार लोगों की मौत हो चुकी है। 11 अप्रैल 2024 को हुई बस दुर्घटना में छह बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं सोमवार रात करीब दो बजे हुई दुर्घटना में महेंद्रगढ़ के गांव निंबेहड़ा से कुआं पूजन समारोह में शामिल होकर गुरुग्राम जा रहे चार युवकों की मौत हो चुकी है।
वहीं 18 अक्टूबर 2024 को मोहनपुर मोड़ से नारनौल की तरफ बदहाल सड़क पर हुए हादसे में दो बाइकों की आपस में अंकित निवासी मोहनपुर की मौत हो गई थी। आठ अक्टूबर 2024 को गांव पड़तल के पास हुई दुर्घटना में बाइक सवार पड़तल निवासी विजेंद्र की मौत हो गई थी। वहीं कनीना से सीहोर छितरौली सड़क पर कनीना निवासी प्रदीप की 14 मई 2024 को सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।
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इससे आए दिन हादसे होते हैं। कनीना शहर के दो किलोमीटर के दायरे में एक साल के दौरान हुई सड़क दुर्घटनाओं में सात बच्चों सहित 14 लोगों की मौत हो चुकी है। गांव उन्हाणी से गुजरने वाली नहर की पुलिया को लेकर लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग की अनदेखी से नहर की पुलिया पर रविवार रात हादसे में चार लोगों की मौत हो गई।
दोनों विभाग एक-दूसरे की जिम्मेदारी बता एक दूसरे के पाले में गेंद डाल रहे हैं। बड़े हादसों के बाद विभिन्न विभागों की ओर से दुर्घटनाओं से बचने के लिए योजनाएं तो कई बनाई जाती हैं, लेकिन यह धरातल पर नहीं उतर पाती हैं। दस सालों के दौरान कनीना के बदहाल सड़कों को सुधारने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से लेकर अधिकारियों तक पत्र भेजकर गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन सड़कों की दशा नहीं सुधर पा रही है। कनीना से दो किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांव उन्हाणी के आसपास ही दो बड़ी दुर्घटनाओं में सात बच्चों सहित चार लोगों की मौत हो चुकी है। 11 अप्रैल 2024 को हुई बस दुर्घटना में छह बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं सोमवार रात करीब दो बजे हुई दुर्घटना में महेंद्रगढ़ के गांव निंबेहड़ा से कुआं पूजन समारोह में शामिल होकर गुरुग्राम जा रहे चार युवकों की मौत हो चुकी है।
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वहीं 18 अक्टूबर 2024 को मोहनपुर मोड़ से नारनौल की तरफ बदहाल सड़क पर हुए हादसे में दो बाइकों की आपस में अंकित निवासी मोहनपुर की मौत हो गई थी। आठ अक्टूबर 2024 को गांव पड़तल के पास हुई दुर्घटना में बाइक सवार पड़तल निवासी विजेंद्र की मौत हो गई थी। वहीं कनीना से सीहोर छितरौली सड़क पर कनीना निवासी प्रदीप की 14 मई 2024 को सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।

फोटो संख्या:-78 गांव उन्हाणी के पास बदहाल पुलिया---संवाद

फोटो संख्या:-78 गांव उन्हाणी के पास बदहाल पुलिया---संवाद

फोटो संख्या:-78 गांव उन्हाणी के पास बदहाल पुलिया---संवाद

फोटो संख्या:-78 गांव उन्हाणी के पास बदहाल पुलिया---संवाद
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