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पेयजल व्यवस्था की नई संचालन नीति अपनाए पंचायतें : मंगतुराम सरसवा
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फोटो नंबर- 07कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों को सम्मानित करते हुए विभागीय अधिकारी।स्रोत-
नांगल चौधरी। बैजनाथ राजकीय महिला महाविद्यालय में पीआरआई सदस्यों, ग्राम जल और सीवरेज समिति सदस्यों के लिए एक दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला सलाहकार मंगतु राम सरसवा की अध्यक्षता में आयाेजित किया गया। कार्यशाला में मुख्यातिथि के रूप में प्राचार्या अनिता उपस्थित रहीं।
जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने बताया कि ग्रामोत्थान के लिए सबसे पहले हमें जल की प्रत्येक बूंद को सहेज कर रखना है। व्यर्थ में बह रहे पानी को रोकना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अब ग्राम पंचायतें पेयजल व्यवस्था करने में और अधिक सशक्त होने जा रही है। एकल ग्राम योजना में शामिल ग्राम पंचायतें 1 अप्रैल 2025 से इस नीति में शामिल होंगी। बहु ग्राम योजना में शामिल ग्राम पंचायतों को 1 अप्रैल 2026 को इस योजना में शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस नीति के तहत ग्राम पंचायत सरपंच ग्राम जल एवं सीवरेज समिति के तहत अपने गांव में पेयजल पाइपलाइन की व्यवस्था करने के साथ-साथ हर घर को स्वच्छ पेयजल मिले ये सुविधा कर सकती है। इसके लिए हरियाणा सरकार द्वारा बाकायदा उन्हें धनराशि सीधे उनके खाते में उपलब्ध करवाएगी।
कार्यक्रम में मुख्यातिथि प्राचार्या अनिता ने कहा कि पानी बचाने की यह आदत हमारे दैनिक कार्यों में शामिल हो ताकि डार्क जोन इस क्षेत्र में पानी की बूंदों को बहने से रोका जा सके। लैब अटेंडेंट विकास व उनकी टीम ने जीवाणु परीक्षण किट से जल की गुणवत्ता जांचने के तरीकों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि पानी सीधे हमारे स्वास्थ्य से जुड़ा होने के कारण समय समय पर इसकी जांच भी आवश्यक है। मंच का संचालन बीआरसी मोहित कुमार ने किया। कार्यक्रम के अंत में सभी को पेयजल संरक्षण की शपथ दिलाई गई।
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जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने बताया कि ग्रामोत्थान के लिए सबसे पहले हमें जल की प्रत्येक बूंद को सहेज कर रखना है। व्यर्थ में बह रहे पानी को रोकना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अब ग्राम पंचायतें पेयजल व्यवस्था करने में और अधिक सशक्त होने जा रही है। एकल ग्राम योजना में शामिल ग्राम पंचायतें 1 अप्रैल 2025 से इस नीति में शामिल होंगी। बहु ग्राम योजना में शामिल ग्राम पंचायतों को 1 अप्रैल 2026 को इस योजना में शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस नीति के तहत ग्राम पंचायत सरपंच ग्राम जल एवं सीवरेज समिति के तहत अपने गांव में पेयजल पाइपलाइन की व्यवस्था करने के साथ-साथ हर घर को स्वच्छ पेयजल मिले ये सुविधा कर सकती है। इसके लिए हरियाणा सरकार द्वारा बाकायदा उन्हें धनराशि सीधे उनके खाते में उपलब्ध करवाएगी।
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कार्यक्रम में मुख्यातिथि प्राचार्या अनिता ने कहा कि पानी बचाने की यह आदत हमारे दैनिक कार्यों में शामिल हो ताकि डार्क जोन इस क्षेत्र में पानी की बूंदों को बहने से रोका जा सके। लैब अटेंडेंट विकास व उनकी टीम ने जीवाणु परीक्षण किट से जल की गुणवत्ता जांचने के तरीकों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि पानी सीधे हमारे स्वास्थ्य से जुड़ा होने के कारण समय समय पर इसकी जांच भी आवश्यक है। मंच का संचालन बीआरसी मोहित कुमार ने किया। कार्यक्रम के अंत में सभी को पेयजल संरक्षण की शपथ दिलाई गई।
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