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Mahendragarh-Narnaul News: अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद नवजात की मौत, लापरवाही का आरोप
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गोहाना। नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन आजाद मलिक के नवजात पोते की बुधवार सुबह मौत हो गई। शिशु का प्राकृतिक रूप से शौच द्वार नहीं था। परिवार ने डिलीवरी कराने वाली चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
आजाद मलिक ने बताया कि 15 अगस्त की सुबह उनके भतीजे कमल मलिक की पत्नी रीना मलिक ने बेटे को जन्म दिया था। सामान्य डिलीवरी के बाद दूसरे दिन दोपहर करीब 2 बजे रीना और उसके नवजात बेटे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उनके अनुसार बच्चे को स्तनपान कराया गया, लेकिन उसने एक बार भी शौच नहीं किया।
बच्चे का शरीर पीला पड़ने पर मंगलवार को उसे दोबारा डॉक्टर को दिखाया गया। जांच के बाद बताया गया कि शिशु का प्राकृतिक रूप से शौच द्वार नहीं था। इसके बाद उसे पहले सोनीपत और फिर दिल्ली ले जाया गया। दिल्ली ले जाते समय बच्चे ने दम तोड़ दिया।
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परिवार का आरोप है कि डिलीवरी के समय ही चिकित्सक ने इस समस्या की जानकारी दे दी होती तो शायद बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।
अस्पताल की प्रसूति विशेषज्ञ डॉ. सलोनी गुप्ता ने कहा कि जन्म के बाद बच्चा 48 घंटे तक पहली बार शौच कर सकता है। यदि इससे अधिक समय तक शौच नहीं होता है तो ऐसी स्थिति में संदेह किया जाता है।
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आजाद मलिक ने बताया कि 15 अगस्त की सुबह उनके भतीजे कमल मलिक की पत्नी रीना मलिक ने बेटे को जन्म दिया था। सामान्य डिलीवरी के बाद दूसरे दिन दोपहर करीब 2 बजे रीना और उसके नवजात बेटे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उनके अनुसार बच्चे को स्तनपान कराया गया, लेकिन उसने एक बार भी शौच नहीं किया।
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बच्चे का शरीर पीला पड़ने पर मंगलवार को उसे दोबारा डॉक्टर को दिखाया गया। जांच के बाद बताया गया कि शिशु का प्राकृतिक रूप से शौच द्वार नहीं था। इसके बाद उसे पहले सोनीपत और फिर दिल्ली ले जाया गया। दिल्ली ले जाते समय बच्चे ने दम तोड़ दिया।
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परिवार का आरोप है कि डिलीवरी के समय ही चिकित्सक ने इस समस्या की जानकारी दे दी होती तो शायद बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।
अस्पताल की प्रसूति विशेषज्ञ डॉ. सलोनी गुप्ता ने कहा कि जन्म के बाद बच्चा 48 घंटे तक पहली बार शौच कर सकता है। यदि इससे अधिक समय तक शौच नहीं होता है तो ऐसी स्थिति में संदेह किया जाता है।