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25 मई से शुरू होगा नौतपा, भीषण गर्मी का करना होगा सामना: राहुल भारद्वाज

Fri, 16 May 2025 11:54 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Fri, 16 May 2025 11:54 PM IST
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Nautapa will start from May 25, we will have to face severe heat: Rahul Bhardwaj
फोटो संख्या:54- पंडित राहुल भारद्वाज--संवाद
महेंद्रगढ़। वैसे से तो मई और जून में ज्यादा गर्मी पड़ती है, लेकिन ऐसे दिन भी आते है, जिसमें सूर्य की गर्मी से धरती भी आग उगलती है। यह ज्येष्ठ मास में नौ दिनों की अवधि होती है। इसे नौतपा बोला जाता है।
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इस समय धरती का तापमान सबसे अधिक होता है। सूर्य पृथ्वी के बहुत करीब आ जाता है। इससे सूर्य की किरणें धरती पर सीधे पड़ती हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित राहुल भारद्वाज ने यह भी कहा कि जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है तो नौतपा की शुरुआत होती है। इसके बाद जब सूर्य मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश करता है तो ये खत्म होता है।
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अबकी बार नौतपा 25 मई से शुरू होगा और 8 जून को समाप्त होगा। वैसे तो सूर्यदेव 15 दिनों तक इस नक्षत्र में रहेंगे, लेकिन शुरू के 9 दिनों के समय को नौतपा कहा जाता है। इन नौ दिनों में सूर्य अपनी चरम सीमा पर रहता है और लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ता है।
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नौतपा का ज्योतिष से संबंध

वैदिक ज्योतिष के अनुसार रोहिणी नक्षत्र का अधिपति ग्रह चंद्रमा और देवता ब्रह्मा हैं। सूर्य ताप, तेज और चंद्र शीतलता का प्रतीक होता है। इसलिए चंद्र से धरती को शीतलता तो सूर्य से गर्मी मिलती है, लेकिन नौतपा में सूर्य, चंद्र के नक्षत्र रोहिणी में प्रवेश कर सबको अपने पूर्ण प्रभाव में ले लेते हैं। चंद्र के नक्षत्र में सूर्य के आ जाने से चंद्र के शीतल प्रभाव क्षीण हो जाते हैं और चंद्रमा की शीतलता फीकी पड़ने लगती है। इस कारण गर्मी ज्यादा पड़ती है।रोहिणी नक्षत्र के दौरान सूर्य की आराधना करना विशेष फलदायी होता है। सुबह सूर्योदय के पहले स्नान कर सूर्य को अर्घ देना चाहिए। जल चढ़ाते समय सूर्यदेव का मंत्र ऊं घृणि सूर्याय नमः, अथवा ऊं सूर्य देवाय नमः का निरंतर जाप करना चाहिए।
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