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टीएसआई ब्रांच को नारनौल किया था शिफ्ट, 24 घंटे में ही वापस
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महेंद्रगढ़ बस स्टेंड पर सामान उतारते हुए कर्मचारी
- फोटो : Narnol
सामान्य बस स्टेंड महेंद्रगढ़ में करीब 13 वर्षों से चली आ रही टीएसआई ब्रांच जीएम के आदेश पर नारनौल शिफ्ट कर दी थी लेकिन 24 घंटे बाद ही जीएम को ब्रांच महेंद्रगढ़ शिफ्ट करनी पड़ी। इसके पीछे कोई असली कारण तो पता नहीं लग पाया है परंतु जीएम का कहना है कि ब्रांच शिफ्ट होने से नाराज हो रही थी। उनकी नाराजगी को दूर करने के लिए ब्रांच वापस शिफ्ट कर दी गई।
बता दें कि महेंद्रगढ़ बस स्टैंड पर टिकट भंडारण की ब्रांच है। यह ब्रांच 1 अप्रैल 1997 से यहीं चल रही है। नारनौल डिपो की टिकटें महेंद्रगढ़ से ही जाती हैं। ये टिकटें दिल्ली में छपवाई जाती है और यहां इसका भंडारण होता है। उसके बाद प्रतिदिन आवश्यकता अनुसार टिकटें वहां भेज दी जाती हैं। भंडारण में 9 करोड़ रुपये की टिकट रखी हुई थीं और 11 करोड़ रुपये टिकट का ऑर्डर दिया हुआ था। इस ब्रांच में एक टीएसआई सहित तीन लोग काम कर रहे हैं। मंगलवार को डीएसआई नारनौल डिपो काम से गए थे तो उस समय नारनौल डिपो के जीएम प्रदीप अहलावत ने उनको डीएसआई ब्रांच नारनौल शिफ्ट करने की कही थी। बुधवार को परिवहन विभाग का ट्रक सामान लोड करने के लिए आ गया था जिसमें सामान लोड करवाकर वहां नारनौल भिजवा दिया था। ट्रक से सामान को उतार भी दिया था लेकिन अगले ही दिन जीएम ने ट्रक में सामान लाद कर वापस महेंद्रगढ़ भेज दिया। इसके पीछे अवश्य ही राजनीति हस्तक्षेप रहा होगा।
ऐसी कोई बात नहीं है। हमारा काम जनता की सेवा करना है। जब हमें पता लगा कि जनता नाराज हो रही है तो सामान वापस भेज दिया। -प्रदीप अहलावत, जीएम, नारनौल डिपो।
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बता दें कि महेंद्रगढ़ बस स्टैंड पर टिकट भंडारण की ब्रांच है। यह ब्रांच 1 अप्रैल 1997 से यहीं चल रही है। नारनौल डिपो की टिकटें महेंद्रगढ़ से ही जाती हैं। ये टिकटें दिल्ली में छपवाई जाती है और यहां इसका भंडारण होता है। उसके बाद प्रतिदिन आवश्यकता अनुसार टिकटें वहां भेज दी जाती हैं। भंडारण में 9 करोड़ रुपये की टिकट रखी हुई थीं और 11 करोड़ रुपये टिकट का ऑर्डर दिया हुआ था। इस ब्रांच में एक टीएसआई सहित तीन लोग काम कर रहे हैं। मंगलवार को डीएसआई नारनौल डिपो काम से गए थे तो उस समय नारनौल डिपो के जीएम प्रदीप अहलावत ने उनको डीएसआई ब्रांच नारनौल शिफ्ट करने की कही थी। बुधवार को परिवहन विभाग का ट्रक सामान लोड करने के लिए आ गया था जिसमें सामान लोड करवाकर वहां नारनौल भिजवा दिया था। ट्रक से सामान को उतार भी दिया था लेकिन अगले ही दिन जीएम ने ट्रक में सामान लाद कर वापस महेंद्रगढ़ भेज दिया। इसके पीछे अवश्य ही राजनीति हस्तक्षेप रहा होगा।
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ऐसी कोई बात नहीं है। हमारा काम जनता की सेवा करना है। जब हमें पता लगा कि जनता नाराज हो रही है तो सामान वापस भेज दिया। -प्रदीप अहलावत, जीएम, नारनौल डिपो।
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