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किलोमीटर स्कीम के तहत नारनौल जिले में चलेंगी पांच बसें
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नारनौल बस स्टैंड (फाइल फोटो)
- फोटो : Narnol
जिले में किलोमीटर स्कीम के तहत पांच बसें चलेंगी। निजी संचालक ने पांच नई बसें खरीद कर आरटीए से पासिंग करा ली है। अब विभाग से अनुमति मिलते ही चलाई जाएगी। यह बसें रोडवेज के अधीन संचालित होंगी। इससे जिले में बसों के फेरे बढ़ने की उम्मीद है और लंबे रूटों के यात्री लाभान्वित होंगे।
बता दें कि प्रदेश सरकार किलोमीटर स्कीम प्रदेश में बसें उतारने का फैसला लिया है। इनमें परिचालक रोडवेज का होगा और रोडवेज के अधीन यह बसें यात्रियों को सेवाएं देंगी। ये निजी बसें गुरुग्राम समेत अन्य जिलों में पहले शुरू हो गई थी। अब नारनौल डिपो में भी यह सेवा शुरू होने जा रही है। नारनौल से पांच बसों के संचालन का लाइसेंस विभाग ने अनिल आपरेटर को दिया है। इन बसों पर ड्राइवर बस ऑपरेटर का होगा, जबकि कंडक्टर रोडवेज का होगा। सरकार इन बसों को प्रति किलोमीटर 26 रुपये 95 पैसे देगी। आपरेटर अनिल यादव ने बताया कि पांच बसों को आरटीए द्वारा पासिंग कर ली गई है। उन्होंने बताया कि बसों में यात्रियों के मोबाइल चार्जर, जीपीआरएस और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार से अनुमति मिलते ही बसें चलनी शुरू हो जाएगी। रोडवेज के सीएसआई सतीश यादव ने बताया कि विभाग के निर्देशानुसार निजी आपरेटर की बसों के संचालन होगा। रोडवेज यूनियन के नेता राजेश डांगी ने बताया कि इस बारे में यूनियन नेताओं से बातचीत के बाद कोई निर्णय लिया जाएगा।
नारनौल डिपो में शामिल होंगी नौ मिनी बसें
प्रदेश सरकार की ओर से नौ मिनी बसें नारनौल डिपो को मिलेगी। इन बसों को लोकल रूटों पर चलाया जाएगा। जिससे यात्रियों को राहत मिल सके। नारनौल डिपो में 134 बसें विभिन्न रूटों पर चल रही है। कई बार लोकल रूटों पर बसों की कमी के कारण लोगों को परेशानी है। दूसरी ओर नांगल चौधरी व निजामपुर क्षेत्र में लोगों को बस की समस्या से जूझना पड़ता है। बसों की संख्या कम होने से कॉलेज व स्कूली छात्रों को परेशानी उठानी पड़ती है। हालांकि स्कूल और कॉलेज में आने जाने वाली बेटियों के लिए रोडवेज विभाग पिंक बसें चलाने की योजना रखता है। विभाग ने प्रपोजल बनाकर सरकार को भेजा हुआ है। इसके तहत दस बसें रोडवेज को मिलनी है। कई बार ग्रामीण क्षेत्र की छात्राएं बसों की कमी के कारण कई-कई घंटे बस अड्डा पर बसों के इंतजार में खड़ी रहती थी हैं। इस कारण कॉलेजों भी समय पर नहीं पहुंच पाती थी। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि मिनी बसें छात्राओं के लिए चलेगी या अलग से भी बसें आएगी।
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बता दें कि प्रदेश सरकार किलोमीटर स्कीम प्रदेश में बसें उतारने का फैसला लिया है। इनमें परिचालक रोडवेज का होगा और रोडवेज के अधीन यह बसें यात्रियों को सेवाएं देंगी। ये निजी बसें गुरुग्राम समेत अन्य जिलों में पहले शुरू हो गई थी। अब नारनौल डिपो में भी यह सेवा शुरू होने जा रही है। नारनौल से पांच बसों के संचालन का लाइसेंस विभाग ने अनिल आपरेटर को दिया है। इन बसों पर ड्राइवर बस ऑपरेटर का होगा, जबकि कंडक्टर रोडवेज का होगा। सरकार इन बसों को प्रति किलोमीटर 26 रुपये 95 पैसे देगी। आपरेटर अनिल यादव ने बताया कि पांच बसों को आरटीए द्वारा पासिंग कर ली गई है। उन्होंने बताया कि बसों में यात्रियों के मोबाइल चार्जर, जीपीआरएस और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार से अनुमति मिलते ही बसें चलनी शुरू हो जाएगी। रोडवेज के सीएसआई सतीश यादव ने बताया कि विभाग के निर्देशानुसार निजी आपरेटर की बसों के संचालन होगा। रोडवेज यूनियन के नेता राजेश डांगी ने बताया कि इस बारे में यूनियन नेताओं से बातचीत के बाद कोई निर्णय लिया जाएगा।
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नारनौल डिपो में शामिल होंगी नौ मिनी बसें
प्रदेश सरकार की ओर से नौ मिनी बसें नारनौल डिपो को मिलेगी। इन बसों को लोकल रूटों पर चलाया जाएगा। जिससे यात्रियों को राहत मिल सके। नारनौल डिपो में 134 बसें विभिन्न रूटों पर चल रही है। कई बार लोकल रूटों पर बसों की कमी के कारण लोगों को परेशानी है। दूसरी ओर नांगल चौधरी व निजामपुर क्षेत्र में लोगों को बस की समस्या से जूझना पड़ता है। बसों की संख्या कम होने से कॉलेज व स्कूली छात्रों को परेशानी उठानी पड़ती है। हालांकि स्कूल और कॉलेज में आने जाने वाली बेटियों के लिए रोडवेज विभाग पिंक बसें चलाने की योजना रखता है। विभाग ने प्रपोजल बनाकर सरकार को भेजा हुआ है। इसके तहत दस बसें रोडवेज को मिलनी है। कई बार ग्रामीण क्षेत्र की छात्राएं बसों की कमी के कारण कई-कई घंटे बस अड्डा पर बसों के इंतजार में खड़ी रहती थी हैं। इस कारण कॉलेजों भी समय पर नहीं पहुंच पाती थी। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि मिनी बसें छात्राओं के लिए चलेगी या अलग से भी बसें आएगी।
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